NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान: भाजपा की रैली को सफल बनाने में लगा पूरा प्रशासन!
राजस्थान में भाजपा अपनी राजनीतिक रैली में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी संसाधनों से लोगों को सभा स्थल तक लाया जाएगा|
मुकुंद झा
02 Jul 2018
मोदी
Image Courtesy:oneindia.com

राजस्थान में भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 7 जुलाई को जयपुर में होने वाली रैली के लिए 4 लाख से ज़्यादा भीड़ लाने का लक्ष्य रखा है| राज्य की वसंधुरा सरकार की ओर से सभी ज़िला कलेक्टरों को इसके लिए लक्ष्य दिया गया है| पीएम की सभा में आने वाले लोगों की सूचि ज़िला कलेक्टरों को 30 जून तक मुख्य सचिव को देनी थी| एक ज़िले के कलेक्टर को  औसतन  9,300 लोग लाने को कहा गया है।

हैरानी की बात यह है कि भीड़ जुटाने के लिए यह सब हथकंडे उस यशस्वी प्रधानमंत्री की सभा के लिए किया जा रहा है, जिन्हें भाजपा के नेता आजतक के सबसे विश्वविख्यात प्रधानमंत्री बताते हैं| भाजपा के नेताओं का कहना है कि इस सभा का आयोजन उन लोगों के लिए है जिन्हें मोदी सरकार की योजनाओं से लाभ मिला है| इसीलिए ताज्जुब की बात है कि जिन्हें मोदी सरकार की योजनाओं से लाभ हुआ है, वे मोदी जी की रैली में अपने आप आने को तैयार नहीं और उन्हें इस तरह पकड़–पकड़ के सभा में लाना पड़ रहा है|  

ये कोई  पहली बार नहीं जब मोदी सरकार की राजनीतिक रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी तंत्र के दुरूपयोग का आरोप लगा हो| अभी पिछले दिनों ही मोदी की मध्यप्रदेश इंदौर दौरे के दौरान जब स्थनीय विधायकों ने अपने हाथ खड़े कर दिये थे, तब सभा में भीड़ लाने के लिए सरकारी तंत्र पर ही इसकी ज़िम्मेदारी डाल दी गई थी, जिसके बाद पूरा प्रशासन इस में लग गया कि सभा में भीड़ कैसे लायी जाए|

इंदौर के आहिल्या बाई विश्वविद्यालय के उप-कुलपति को 20,000 लोगों को लाने का लक्ष्य  दिया गया था| इसके लिए विश्वविद्यालय ने परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ा कर छात्रों को रैली में जबरन शामिल होने के लिए कहा|  इससे पहले भी मोदी के इंदौर में एक सभा के लिए मौसम विभाग से भारी बारिश की फर्ज़ी घोषणा कर दी गई जिससे लोगों को लाने के लिए अधिक-से-अधिक बसों को अधिकृत किया जा सके|

अभी 25 मई को पीएम धनबाद दौरे को लेकर कांग्रेस का आरोप लगाया था कि भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया|  

इस संबंध में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने भी इसकी पुष्टि की कि अधिकारियों से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सभा में ले जाने को कहा गया है, साथ ही कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को पार्टी सभा स्थल पर ले जाने की भी। सभा में लाने-ले जाने के लिए वाहनों की भी व्यवस्था  सरकार ने की है, साथ ही उनके खाने–पीने की भी व्यवस्था की गई है|

राजस्थान में सीपीएम के नेता और पूर्व विधायक अमराराम ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि, “राज्य की जनता केंद्र की मोदी और राज्य की महारानी राजे सरकार से पूरी तरह खफा है| इनकी जनसभाओं में जाने को  तैयार नहीं है| इनकी विश्वसनीयता जनता के बीच बिलकुल नहीं है| अब लोग भी इनके जुमलों से थक गये हैं इसलिए इन्हें  जनसभाओं में भीड़ के लिए पूरे सरकारी तन्त्र का प्रयोग कर रहे है| यह पूरी तरह से नींदनीय है कि आप अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए पूरे सरकारी अमले का दुरूपयोग कर लोगों को जबरन जनसभा में लाने की कोशिश करे”|

 

यह घटनाएँ और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं क्योंकि अभी कुछ समय बाद ही राजस्थान, मध्यप्रदेश  और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हैं| अभी इन तीनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है, दो राज्यों में तो काफी लम्बे समय से भाजपा की सरकार है| राजस्थान और मध्यप्रदेश में भाजपा को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है| इन दोनों ही राज्य में एक लम्बा किसान आन्दोलन चला है जिसने भाजपा सरकार को पूरी तरह से हिला दिया है| 

राजस्थान में सीपीएम के नेतृत्व में किसानों ने हज़ारों की संख्या में सरकार के खिलाफ आन्दोलन किया था| वहाँ की वसुंधरा सरकार को उनकी माँगो के आगे झुकना पड़ा था, परन्तु बाद में सरकार अपने वायदे से पीछे हट गई| जिसको लेकर वहाँ के लोगों में भारी गुस्सा है|

यह भी पढ़े: जयपुर कूच: सरकारी दमन के आगे नहीं झुकेंगे किसान

इस तरह से मध्यप्रदेश में भी किसानों का लम्बा आन्दोलन चला था जिसमें सरकार झुकी तो सही लेकीन वो भी बाद में अपने वायदे से मुकर गई| जिसके बाद किसानों ने सरकार के वायदा खिलाफी के विरोध में शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रही थी| जिस पर वहाँ की शिवराज सरकार ने गोलियाँ चलवाईं| जिसके बाद से पूरे प्रदेश में भाजपा को लेकर भरी नाराज़गी देखी जा रही है|

इसे भी पढ़े : मध्य प्रदेश में एक अराजनीतिक हुड़दंग

इसके साथ ही राजस्थान सरकार ने एक और अजीबो-गरीब आदेश दिया है कि सभी नौकरशाहों को मोदी चिन्तन पढ़ना है| इस चिन्तन में  प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों पर आधारित एक किताब है जिसे राजस्थान के अधिकारियों के बीच वितरित की गई है। गुजरात सरकार ने भाजपा शासित सभी राज्यों में यह किताबें भेजी हैं। इन पुस्तकों में प्रधानमंत्री के 2003 से 2011 तक के भाषण दिए हुए है।  भाजपा का कहना है कि यह कदम नौकरशाहों के कार्य में कुशलता और तेज़ी लाने में मदद करेगा परन्तु यह कैसे मदद करेगा इस पर कोई जवाब नहीं दिया|

इसे भी पढ़े : डेमोक्रेसी को लोकतंत्र नहीं, प्रजातंत्र कहने वाले हुक्मरानों के खिलाफ किसानों को एकजुट होना होगा

अमराराम का कहना है कि, “किसान को दिए हर धोखे और गोली का जबाब जनता आने वाले विधानसभा चुनावों में खुलकर देगी| यह तो पूरी तरह से तय है कि इस विधानसभा में प्रदेश पूरी तरह से भाजपा मुक्त होगा और महारानी का घमंड टूटेगा”|

 

Modi
Rajasthan sarkar
BJP
modi jaipur rally

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • language
    न्यूज़क्लिक टीम
    बहुभाषी भारत में केवल एक राष्ट्र भाषा नहीं हो सकती
    05 May 2022
    क्या हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देना चाहिए? भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष से लेकर अब तक हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की जद्दोजहद कैसी रही है? अगर हिंदी राष्ट्रभाषा के तौर पर नहीं बनेगी तो अंग्रेजी का…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    "राजनीतिक रोटी" सेकने के लिए लाउडस्पीकर को बनाया जा रहा मुद्दा?
    05 May 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार सवाल उठा रहे हैं कि देश में बढ़ते साम्प्रदायिकता से आखिर फ़ायदा किसका हो रहा है।
  • चमन लाल
    भगत सिंह पर लिखी नई पुस्तक औपनिवेशिक भारत में बर्तानवी कानून के शासन को झूठा करार देती है 
    05 May 2022
    द एग्ज़िक्युशन ऑफ़ भगत सिंह: लीगल हेरेसीज़ ऑफ़ द राज में महान स्वतंत्रता सेनानी के झूठे मुकदमे का पर्दाफ़ाश किया गया है। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल
    05 May 2022
    राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अगर गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने वाला फ़ैसला आता है, तो एक ही जेंडर में शादी करने जैसे दूसरे अधिकार भी ख़तरे में पड़ सकते हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अंकुश के बावजूद ओजोन-नष्ट करने वाले हाइड्रो क्लोरोफ्लोरोकार्बन की वायुमंडल में वृद्धि
    05 May 2022
    हाल के एक आकलन में कहा गया है कि 2017 और 2021 की अवधि के बीच हर साल एचसीएफसी-141बी का उत्सर्जन बढ़ा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License