NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
राजस्थान: छात्र-छात्राओं पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सीकर रहा बंद
सीकर में सीपीएम के विधायक अमराराम के नेतृत्व में हजारों की भीड़ ने सोमवार को चक्का जाम किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Sep 2019
Rajasthan protest

राजस्थान के सीकर जिले में 28 अगस्त 2019 को छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में सीपीएम के विधायक अमराराम के नेतृत्व में हजारों की भीड़ ने सोमवार को चक्का जाम किया है। इस चक्का जाम में छात्र-छात्राएं और सीपीएम के तमाम कार्यकर्ता शामिल हुए और इस पूरे मामले की जांच की मांग की।

WhatsApp Image 2019-09-09 at 7.09.55 PM (5).jpeg
आपको बता दें कि छात्र संघ चुनाव की मतगणना के दौरान सीपीएम के छात्र संघ एसएफआई के छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल पर धांधली का आरोप लगाया था। जब इसका विरोध किया गया तब छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया। पुलिस ने बर्बर तरीके से छात्रों और सीपीएम के नेताओं पर लाठीचार्ज किया था और कई नेताओं को गिरफ्तार भी किया था, जिसमें अमराराम भी शामिल थे।
WhatsApp Image 2019-09-09 at 7.09.55 PM (4).jpeg

इस सारे मसले पर सीपीएम नेता अमराराम का कहना है कि ये सोमवार का बंद राजस्थान के सरकार के चैलेंज का जवाब है जो उन्होंने सीकर की 30 लाख जनता को दिया था। सरकार बेटियों पर हमला करने वाले अधिकारियों को बचाने का काम कर रही है। अगर सरकार ने न्यायिक जांच का आदेश नहीं दिया तो संघर्ष और भी तेज होगा।

उन्होंने जनता को होने वाली परेशानी को सरकार द्वारा उत्पन्न की गई परेशानी बताते हुए  कहा कि सरकार दोषियों को बचा रही है।

इसी के विरोध में आज चक्का जाम किया गया है और सीपीएम ने कहा है कि अगर इस मामले की जल्द जांच नहीं होती है, तो 16 सितंबर से अनाज मंडी में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

WhatsApp Image 2019-09-09 at 7.09.55 PM (1).jpeg
सीपीएम के इस सीकर बंद को आम व्यापारी, नागरिक, राजनैतिक, सामाजिक संगठन व राजनैतिक पार्टियों का समर्थन मिला। सीपीएम ने एक बयान देकर सभी का आभार व धन्यवाद किया। इस बंद का असर सीकर शहर के अलावा कई कस्बों में भी दिखा। सीपीएम ने इस बंद को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सीकर जिले के तमाम पॉइंट जो पार्टी ने चिह्नित किये थे वो सभी पॉइंट के रास्ते जाम रहे हालांकि बन्द पूरे दिन भी हो सकता था लेकिन जनता परेशान न हो इस लिए बन्द को 2 घंटे बाद खोल दिया गया।

सीपीएम के सीकर जिला सचिव किशन परिक ने कहा कि राजस्थान की संवेदनहीन कांग्रेस सरकार की पुलिस द्वारा किये गए बेटियों पर लाठी चार्ज के 12 दिन के बाद भी किसी पुलिस अधिकारी पर कारवाई नही करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
WhatsApp Image 2019-09-09 at 7.09.55 PM.jpeg
आगे वो कहते हैं कि राजस्थान की सरकार सीकर की बेटियों को लावारिस नहीं समझे सरकार अब भी नहीं चेती तो 16 नवम्बर को आर पार की लड़ाई होगी। 16 नवम्बर सोमवार को सीकर जिले की जनता को आह्वान किया गया हैं कि वो कृषि उपज मंडी में आये और बिना समाधान जाएंगे नहीं। यह लड़ाई अब आर पार की होगी आज तक सीकर की जनता जीती है और सरकारें हारी हैं। इस बार भी बेटियों पर निर्मम लाठी चार्ज करने वालो को सजा मिलेगी और जनता जीतेगी सरकार व पुलिस प्रसासन हारेगा।

Rajasthan
Rajasthan sarkar
Student Protests
Police lathicharge on students
SFI
SFI Student
CPI(M)

Related Stories

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा


बाकी खबरें

  • COVID, MSMEs and Union Budget 2022-23
    आत्मन शाह
    कोविड, एमएसएमई क्षेत्र और केंद्रीय बजट 2022-23
    07 Feb 2022
    बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए घोषित अधिकांश योजनायें आपूर्ति पक्ष को ध्यान में रखते हुए की गई हैं। हालाँकि, इसके बजाय हमें मौजूदा संकट से निपटने के लिए मांग-पक्ष वाली नीतिगत कर्रवाइयों की कहीं अधिक…
  • congress
    रवि शंकर दुबे
    सिद्धू की ‘बग़ावत’ पर चन्नी के 111 दिन हावी... अब कांग्रेस को कितना मिलेगा 'गुरु’ का साथ!
    07 Feb 2022
    राहुल गांधी ने अपने कहे मुताबिक पंजाब कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर दिया है, हालांकि लंबे वक्त से बग़ावत किए बैठे सिद्धू भी सरेंडर करते नज़र आए और हर फ़ैसले में राहुल गांधी का साथ…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी की पहली रैली cancel! विपक्ष का करारा हमला!
    07 Feb 2022
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज प्रधानमंत्री मोदी की रद्द हुई रैली पर बात कर रहे हैं। वहीं रैली रद्द होने पर जयंत चौधरी ने कहा है कि भाजपा को हार का डर सता रहा है।
  • राजेश टम्टा
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव 2022 : अल्मोड़ा की पहचान रहा ताम्र उद्योग पतन की ओर, कारीगर परेशान!
    07 Feb 2022
    कभी उत्तराखंड ही नहीं देश का गौरव रहे तांबा कारीगर आज अपने गुज़र-बसर के लिए मजबूर हो गए हैं। वर्तमान विधानसभा चुनाव में हर दल इस उद्योग को अल्मोड़ा की संस्कृति से जोड़ रहा है और उसे राज्य का गौरव बता…
  • patna
    सोनिया यादव
    बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'
    07 Feb 2022
    बीते सालों में मुज़फ़्फ़रपुर, पटना, मधुबनी समेत तमाम दूसरे शेल्टर होम से लड़कियों के भागने और रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब होने तक की खबरें सामने आईं, लेकिन शासन-प्रशासन इस सब के बाद भी कभी इस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License