NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान एग्ज़िट पोल : क्या सोच रहे हैं स्थानीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता
न्यूज़क्लिक ने एग्ज़िट पोल और अन्य अनुमानों की पड़ताल के लिए राजस्थान में काम कर रहे पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बात की और उनकी राय जानी।
ऋतांश आज़ाद
08 Dec 2018
rajasthan

राजस्थान समेत पांच राज्यों में जनता का वास्तविक निर्णय 11 दिसंबर को पता चलेगा। लेकिन उससे पहले एक्ज़िट पोल को लेकर बहस है। राजस्थान में जैसी सबको पहले से उम्मीद थी वही तस्वीर एक्ज़िट पोल भी दिखा रहे हैं। सभी एक्ज़िट पोल यह कह रहे हैं कि राजस्थान में काँग्रेस आ रही है और बीजेपी जा रही है। न्यूज़क्लिक ने इस अनुमान की पड़ताल के लिए राजस्थान में काम कर रहे पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बात की और उनकी राय जानी। ये सभी एक सुर में बीजेपी की हार की भविष्यवाणी कर रहे हैं।

राजस्थान में 200 सदस्यीय विधानसभा है, जिसमें शुक्रवार, 7 दिसंबर को 199 के लिए वोट डाले गए। इस तरह बहुमत का जादुई आंकड़ा 100 है।न्यूज़ नेशन का सर्वे बता रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस को 99 से 103 सीट मिलेंगी और बीजेपी 89 से 93 के बीच रह सकती है। बाकी पार्टियों के खाते में 5 से 9 सीटें जा सकती हैं।सी वोटर के हिसाब से कांग्रेस को 137 सीटें मिलेंगी, बीजेपी को 60 और बाकी को 3 सीटें मिल सकती हैं।

इंडिया टुड़े एक्सिस माइ इंडिया के हिसाब से कांग्रेस को 119 से 141 सीटें मिलेंगी, बीजेपी को 55 से 72 और बाकियों 4 से 11।इसी तरह टाइम्स नाऊ–सीएनएक्स के हिसाब से काँग्रेस 105 सीटें और बीजेपी को 85 और बाकियों को 9 सीटें मिलेंगी।

सभी एक्ज़िट पोल कांग्रेस की जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं। न्यूज़क्लिक से बात करते हुए राज्य के वरिष्ठ पत्रकार ओम सैनी ने कहा “कुल मिलाकर एक्ज़िट पोल के जो नतीजे हैं उनसे हम सहमत हैं। मुझे लग ही रहा था कि इस बार बीजेपी की वही हालत होने जा रही है जो कांग्रेस कि 2013 में हुई थी। इसकी मुख्य वजह रही है किसानों की बेहाली। साथ ही प्रदेश में बढ़ती बेरोज़गारी, महंगाई भी बड़े मुद्दे रहे हैं। बीजेपी की बेहाली के संकेत उप चुनावों में ही दिख गए थे। अमित शाह ने कहा था कि बीजेपी 180 सीटें लाएगी, लेकिन यह कोई उत्पादन कंपनी नहीं है जहां आपके हिसाब से काम होगा। मोदी और शाह की राजनीति निश्चित तौर पर भारतीय लोकतंत्र के विरुद्ध है। जनता मुद्दों पर वोट करती है, हर बार धनबल की शक्ति काम नहीं आती। राजस्थान से यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।’’

इन चुनावों के मुख्य मुद्दों के बारे बात करते हुए ओम सैनी ने कहा “इस बार मुख्य मुद्दा था किसानों की बेहाली। राजस्थान का किसान जो सूखा झेल जाता था और कम संसाधनों में भी काम चला लेता था, ने पहली बार आत्महत्या की है। नोटबंदी और जीएसटी के चलते किसानों की स्थिति और भी खराब हुई है। साथ ही प्रदेश में बेरोज़गारी लगातार बढ़ी और बीजेपी सरकार ने कुछ भी नहीं किया। महंगाई की मार भी एक बड़ा मुद्दा है।’’

जानकारों की माने तो राजस्थान के शेखावाटी में चल रहे किसान आंदोलन ने भी इन चुनावों पर काफी असर डाला है। किसानों की जाग्रति बीजेपी की गाज गिराने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।

साथ ही राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि आंदोलन के चलते इस बार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी 4 से 5 सीटें जीत सकती है। इससे पहले 2008 में माकपा यहीं से 3 सीटें जीती थी। ओम सैनी के हिसाब से यह नव उदारवादी नीतियों के खिलाफ लोगों का रोष है जो अब बढ़ता ही रहेगा।

एक्ज़िट पोल और राजनीति के जानकार दोनों ही का कहना है कि राज्य में हनुमान बेनीवाल और तीसरे फ्रंट का कोई असर देखने को नहीं मिलेगा। राज्य के राजनीतिक विशेषज्ञों का पहले भी यही कहना था कि हनुमान बेनीवाल को अमित शाह द्वारा ही खड़ा किया गया लगता है। उनके ज़रिये बीजेपी कांग्रेस के वोट काटाने के प्रयास कर रही थी। लेकिन जानकारों का कहना है कि इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा है।

राजस्थान की प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव ने भी ज़मीन पर बीजेपी विरोधी लहर की बात की। हालांकि उन्होंने एक्ज़िट पोल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन यह ज़रूर कहा कि लग यही रहा है कि बीजेपी की हार होने वाली है। उन्होंने कहा “बीजेपी बहुत ही भ्रष्टाचारी और अभिमानी पार्टी है और इसका उनके काम पर भी असर पड़ता है। इससे लोगों में नाराज़गी थी। साथ ही इस कार्यकाल में लोग भष्टाचार से भी परेशान थे। इसके साथ ही किसानों के मुद्दे, बेरोज़गारी और महंगाई के अलावा दलितों और आदिवासियों को भी काफी शोषण झेलना पड़ा है। इन मुद्दों के चलते लोगों में गुस्सा है और बीजेपी की हार की बड़ी संभावना है।’’

कविता श्रीवास्तव का कहना है कि किसान आंदोलनों के चलते शेखावाटी इलाके में माकपा कुछ सीटों पर जीत सकती है। उनका कहना है कि बीएसपी के वोट में भी कुछ बढ़ोतरी होगी लेकिन सीटों का पता नहीं।

दलितों का मुद्दा राजस्थान में बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है। ऐसा लग रहा है कि दलितों ने बीजेपी के खिलाफ वोट किया है। इस पर कुछ ही दिनों पहले न्यूज़क्लिक से बात करते हुए दलित चिंतक भंवर मेघवाल ने कहा था कि दलितों के लिए आरक्षित 34  सीटें में से बीजेपी को आधी सीटें भी मिलना मुश्किल हैं। उन्होंने कहा कि दलितों में बीजेपी के प्रति बहुत नाराज़गी है और यही वजह है कि बीजेपी ने दलित वोटों को बांटने के लिए कई सारे नए संगठन बनाए हैं। भंवर मेघवंशी ने कहा “अंबेडकर के नाम से बीजेपी ने न जाने कितनी सारी पार्टियां बनाई हैं जिससे दलितों के वोटों का बिखराव हो। लेकिन मेरा आंकलन है कि दलित बीजेपी का चरित्र समझ गए हैं और वह इस जाल में नहीं फंसेंगे और बीजेपी को सत्ता से बेदखल करेंगे।’’

यह देखकर लग रहा है कि एक्ज़िट पोल भी वही बता रहे हैं जो राजस्थान के सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार कह रहे हैं। वैसे असल नतीजे क्या होते हैं यह देखना दिलचस्प होगा। इसके लिए फिलहाल 11 दिसंबर तक का इंतज़ार करना होगा।

Rajasthan
Rajasthan elections 2018
BJP
Congress
CPI(M)

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    मुस्कुराहट वाला नफ़रती बोल, नफ़रती नहीं होता
    28 Mar 2022
    कटाक्ष: जरा सोचिए, नये इंडिया को ऐेसे किसी भी कदम की कितनी ज़रूरत थी, जो देश में खुशी बढ़ाए, देश के खुशी सूचकांक को ऊपर उठाए। जब से विश्व खुशी सूचकांक में भारत खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंचा है।
  • लाल बहादुर सिंह
    "जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है
    28 Mar 2022
    इस ऐतिहासिक हड़ताल से यह भरोसा पैदा होता है कि लड़ाकू मज़दूर, किसानों तथा छात्र-नौजवानों के साथ मिलकर जनता के सच्चे प्रतिपक्ष का निर्माण करेंगे तथा कारपोरेट हिंदुत्व के राष्ट्रीय विनाश के अभियान पर…
  • शोला लवाल
    अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं
    28 Mar 2022
    आज़ादी के दशकों बाद भी कम से कम 40 अफ़्रीकी देश यूके, फ़्रांस और जर्मनी में अपनी मुद्रा छपवाते हैं,यह स्थिति दरअस्ल उनकी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाती है। इस लेख में डीडब्ल्यू ने इसी बात की पड़ताल किया…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,270 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    28 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.04 फ़ीसदी यानी 15 हज़ार 859 हो गयी है।
  • भाषा
    ऑस्कर में ‘ड्राइव माय कार’ को मिला सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार
    28 Mar 2022
    फिल्म को इससे पहले ‘गोल्डन ग्लोब’ और ‘बाफ्टा’ पुरस्कार में भी सम्मानित किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License