NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान : जन आंदोलनों के साथ उभरता वामपंथी विकल्प
राजस्थान के सीकर, हनुमानगढ़ और चूरू ज़िले में पिछले साल नवंबर से किसानों की कर्ज़ माफ़ी की माँग को लेकर आंदोलन चल रहा है। जिसका नेतृत्व सीपीएम से जुड़ी अखिल भारतीय किसान सभा कर रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Oct 2018
AIKS

राजस्थान में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं और शासक वर्ग की दोनों पार्टियाँ कांग्रेस और बीजेपी चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। लेकिन इनके बरक्स किसान आंदोलनों की लहर पर सवार सीपीएम भी इन चुनावों में अपनी अलग जगह बनाने की तलाश में है। राजस्थान के सीकर, हनुमानगढ़ और चूरू ज़िले में पिछले साल नवंबर से किसानों की कर्ज़ माफ़ी की माँग को लेकर आंदोलन चल रहा है। जिसका नेतृत्व सीपीएम से जुडी अखिल भारतीय किसान सभा कर रही है। लेकिन इस प्रख्यात आंदोलन के अलावा किसान सभा और सीपीएम से जुड़े लोग एक और किसानों से जुड़े मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। 

चूरू ज़िले के सूत्र बताते हैं कि सरकारी बैंक एसबीआई नियमों को ताक पर रखते हुए किसानों से दुगना ब्याज़ वसूल रहे हैं। बताया जा रहा है कि जहाँ आरबीआई के नियमों के मुताबिक जहाँ एक साल के लिए 3,00,000 रुपये के क़र्ज़ पर 7% ब्याज़ लिया जाना चाहिए। वहीं एसबीआई जो सबसे बड़े सरकारी बैंकों में से एक है 14% ब्याज वसूल कर रहा है। 

चूरू ज़िले के किसान सभा के नेता उमराव ने बताया कि "एसबीआई के ज़रिये किसान क्रेडिट कार्ड मिलता है। इसका विचार यह था कि किसानों को आसानी से कम ब्याज पर कर्ज़ मिल जाए। इसमें किसान हर साल अगर 3,00,000 का कर्ज़ लेता है तो उसे 7% ब्याज देना पड़ेगा। इसके साथ ही साल में एक बार किसानों को पैसा भरना पड़ेगा। अगर वह ऐसा करते हैं तो उन्हें ब्याज में छूट मिलेगी और उन्हें फिर सिर्फ 4% ब्याज देना होगा। लेकिन इसके विपरीत एसबीआई बैंक पिछले कई सालों से 7% या 4% के बजाये 13 से 14% ब्याज वसूल कर रहा है। 

जब इस बात पर से पर्दा उठा तो किसान सभा ने चूरू, सीकर, हनुमानगढ़ और जयपुर ज़िलों में बैंकों के आगे धरने देने शुरू किये। जहाँ धरने दिए गए वहाँ वहाँ बैंक ने लोगों के पैसे वापस किये। 
द वायर की 31 मई रिपोर्ट के हिसाब से हनुमानगढ़ के चन्नी बरी गाँव में फरवरी से मई तक इसी ज़्यादती के खिलाफ धरना किया गया। जिसके बाद बैंक ने 350 किसान क्रेडिट कार्ड एकाउंट्स में 16,52,000 रुपये वापस डाल दिए गए। लेकिन फिर भी हज़ारों किसानों के पैसे वापस नहीं आये थे। इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए सीपीएम नेता बलवान पुनिया ने कहा था कि हनुमानगढ़ के इस गाँव से ही 3,800 किसान क्रेडिट कार्ड अकाउंट हैं। उनका कहना था कि हर अकाउंट से इस तरह ज़्यादा ब्याज वसूला जा रहा था, बैंक वाले किसानों को अनपढ़ समझकर इन्हें धोखा दे रहे थे। जब किसान सभा ने यह मुद्दा उठाया तो जगह-जगह पैसे वापस अकाउंट में डाले जाने लगे। बता दें कि इस बार विधानसभा चुनावों में बलवान पुनिया सीपीएम से विधायक  के टिकट पर लड़ रहे हैं और इस बात से आम लोगों काफी उत्साह है। 

एसबीआई बैंक के अधिकारियों ने माना है कि उनसे गलती हुई है। लेकिन किसी भी प्रकार के घपले ने उन्होंने इंकार कर दिया है। लेकिन सवाल यह है कि ऐसा कैसे हो सकता है कि प्रदेश भर में किसानों के क्रेडिट कार्ड अकाउंटस में ज़्यादातर में ऐसा हो रहा है? दूसरी बात यह है कि ऐसा क्यों है कि जहाँ जहाँ आंदोलन किया गया वहीं पर एसबीआई ने ब्याज का पैसा वापस किया। बाकी जगहों पर ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा। 

हनुमानगढ़ के किसान नेता उमराव का कहना है कि यह बहुत बड़े स्तर का घपला है। उन्होंने बताया कि तारानगर तहसील में करीब 25000 किसानों में से 6000 लोगों के अकाउंट एसबीआई बैंक में है। इन सभी में ज़्यादातर में ज़्यादा ब्याज किया जा रहा था। आंदोलन करने के बाद बैंक ने किसानों के 10 करोड़ रुपये वापस देने की बात की है। उमराव का कहना है कि यह देश व्यापी घोटाला है क्योंकि उन्होंने देश के दूसरे क्षेत्र के किसानों से भी बात की है। उन्होंने कहा कि अभी तक बहुत ही काम लोगों का ब्याज वापस हुआ है , चुनावों के बाद इस मुद्दे पर लड़ाई आगे ले जाई जाएगी। 

किसानों से जुड़े इस आंदोलन की वजह से सीपीएम इलाके में के ताक़तवर पार्टी उभरकर आयी है। बता दें कि 2008 के विधान सभा चुनाव में इस इलाके में सीपीएम 3 सीटों पर विजय रही थी। चूरू, सीकर, हनुमानगढ़ और गंगानगर ज़िले में करीब 60 सीटें हैं जिसमें सीपीएम 10 से 15 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। सूत्र बताते हैं कि इसमें से 5 से 6 सीटों पर पार्टी की स्थिति काफीअच्छी हैI 

राजस्थान
माकपा
CPI(M)
sikar
hanumangarh
peasant protest
farmers movement
AIKS

Related Stories

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग

हिंदुत्व एजेंडे से उत्पन्न चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है वाम: येचुरी

‘तमिलनाडु सरकार मंदिर की ज़मीन पर रहने वाले लोगों पर हमले बंद करे’

विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा


बाकी खबरें

  • Sitaram Yechury
    संदीप चक्रवर्ती
    स्वतंत्रता दिवस को कमज़ोर करने एवं हिंदू राष्ट्र को नए सिरे से आगे बढ़ाने की संघ परिवार की योजना को विफल करें: येचुरी 
    25 Feb 2022
    माकपा महासचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का “फोकस 5 अगस्त को देश की वास्तविक स्वतंत्रता की तारीख के रूप में बढ़ावा देने पर है।"  
  • russia ukrain
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम
    25 Feb 2022
    यूरोपीय संघ रूस पर और आर्थिक एवं वित्तीय प्रतिबंध लगाने को सहमत। तो वहीं संयुक्त राष्ट्र ने यूक्रेन में मानवीय सहायता के लिए दो करोड़ डॉलर देने की घोषणा की।
  • ASHA Workers
    अनिल अंशुमन
    बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन
    25 Feb 2022
    आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार सरकार हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने में भी टाल मटोल कर रही है। कार्यकर्ताओं ने ‘भूखे रहकर अब और नहीं करेंगी बेगारी’ का ऐलान किया है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 13 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 302 मरीज़ों की मौत
    25 Feb 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 28 लाख 94 हज़ार 345 हो गयी है।
  • up elections
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : अयोध्या के प्रस्तावित  सौंदर्यीकरण में छोटे व्यापारियों की नहीं है कोई जगह
    25 Feb 2022
    अयोध्या के व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित लेआउट के परिणामस्वरूप दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़े पैमाने पर ध्वस्त या उन दुकानों का ज़्यादातर हिस्सा तोड़ दिया जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License