NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान : किसान कांग्रेस और भाजपा दोनों से ख़फ़ा, सीकर में महापड़ाव जारी
राजस्थान में प्याज़ की सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों का गुस्सा और नाराज़गी लगातर बढ़ रही है। किसानों ने 13 मार्च को सीकर में एक बड़ी जनसभा करने के फैसला किया है।
मुकुंद झा
11 Mar 2019
SIKAR

 राजस्थान सीकर में किसानों का महापड़ाव 13वें दिन भी जारी है। प्याज़ की सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों का गुस्सा और नाराज़गी लगातर बढ़ रही है। किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने की ठानी है और बड़े आंदोलन की राह पर निकल पड़े हैं।

किसानों में राज्य सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है। किसानों ने 13 मार्च को सीकर में एक बड़ी जनसभा करने के फैसला किया है। जिसमें हज़ारों की संख्या में किसानों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।लोकसभा चुनाव से पहले किसानों का ये प्रदर्शन कांग्रेस और भाजपा दोनों राष्ट्रीय पार्टी के लिए एक चेतावनी है। किसान अपनी स्थिति को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों से नाराज़ हैं। राजस्थान में कांग्रेस इस समय सत्ता में है तो इससे पहले भाजपा सत्ता में थी। केंद्र में भी भाजपा सत्ता में है और किसान अपनी दुर्दशा के लिए दोनों का बराबर को ज़िम्मेदार मान रहा है।

अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पेमाराम ने कहा की वो सरकार से सड़कों पर लड़कर अपना हक लेंगे,इसके अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है। हम सड़कों पर बाहर अपना खाना पका रहे हैं, और खुले में सो रहे हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, कोई भी पीछे नहीं हटेगा।

किसान सभा का कहना है कि “सहकारी समितियां बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का केंद्र बन रही हैं। सरकार ने हमें कर्जमाफी के नाम पर धोखा दिया है। लेकिन सरकार और मुख्यमंत्री ने इन सभी की लेकर एक आपराधिक चुप्पी साध रखी है। सरकार की इस चुप्पी तोड़ने के लिए हज़ारों किसान कलेक्ट्रट पर हैं।”

सीकर क्षेत्र के प्याज़ किसानों की समस्या लगातार गहराती जा रही है, इन किसानों के सामने रोज़ी रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।किसानों का कहना है कि कृषि मंडी में उन्हें अपनी फसल की लागत का आधा दाम भी नहीं मिल रहा है, यहाँ तक कि उतने दाम भी नहीं मिल रहा है जितना कि उनका अपनी फसल को मंडी तक ले जाने के लिए आ रहा है। इससे परेशान किसान अपनी फसल को सड़क किनारे रखकर बेच रहे हैं। ऐसा नज़ारा सीकर के सरासर रोड सहित कई अन्य मार्गो पर देखा जा रहा है। जहां किसान प्याज़ को डेढ़ से दो रुपये किलो के हिसाब से बेच रहा है। उनका कहना है की इतना ही पैसा उन्हें मंडी में भी मिल रहा है इसलिए वो इसे यहीं बेच रहे हैं कि जो कुछ मिल जाए। अगर वो नहीं बेचेंगे तो प्याज़ ख़राब हो जाएगी क्योंकि इसे रखने के लिए उनके पास भंडारन की कोई व्यस्था नहीं है।

पेमा राम ने कहा, “उत्पादन की लागत अधिक है, जबकि मंडियों में कोई खरीदार नहीं हैं और किसानों को या तो अपनी उपज को कम कीमतों पर बेचने के लिए मजबूर किया जाता है या इसे फेंकने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम ने कहा कि किसानों का सब्र अब जवाद दे रहा है,  क्योंकि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने कहा गहलोत सरकार कर्ज माफी की तरह एक बार फिर सरकार को झांसा दे रही है। किसान सड़क पर लड़ने से पीछे नहीं हटेगा। क्योंकि किसान लड़ लेगा तो कुछ तो बचा लेगा, नहीं लड़े तो किसान की बर्बादी तय है। अशोक गहलोत सरकार किसानों को तबाह करने पर तुली है। जिले के विधायक और मंत्री का सीएम के सामने मुंह नहीं खुल रहा है।

 इसे भी पढ़े :-राजस्थान में एक बार फिर से किसानों का आंदोलन

किसान एआईकेएस नेतृत्व में 27 फरवरी से सीकर कलेक्ट्रेट और मंडी परिसर में महापड़ाव डाले हुए है। 1 मार्च को, नाराज और असंतुष्ट प्रदर्शनकारियों ने राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के घर पर प्याज फेंक दिया। इसके बाद किसानों ने 5 मार्च को एक विशाल रैली निकाली, जब हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों को लागू करने के लिए राज्य में कांग्रेस सरकार की विफलता को उजागर करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला जलाया था।

 इसे भी पढ़े :- राजस्थान : सरकार गौ पूजा में व्यस्त, किसान त्रस्त, आंदोलन जारी

 

 

sikar
AIKS
CPIM
Amra Ram
Pema Ram
farmer's mahapadav
RAJSTHAN
Congress
BJP
Modi
ashok gehlot
Onion Farmers
Rajasthan Farmers
MSP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Bharat Bandh
    विजय विनीत
    यूपी में पश्चिम से पूरब तक रही भारत बंद की धमक, नज़रबंद किए गए किसान नेता
    27 Sep 2021
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल में किसानों का आंदोलन-प्रदर्शन और चक्काजाम सुर्खियों में है। राज्य के कई इलाकों में बंद का खासा असर नज़र आया। सड़कों पर सन्नाटे के बीच किसानों का गुस्सा दिखा।…
  • modi in america
    अनिल सिन्हा
    विश्लेषण: मोदी की बेचारगी से भरी अमेरिका यात्रा
    27 Sep 2021
    भारत की कूटनीति की ऐसी पराजय पहली बार हुई है कि दुनिया के किसी देश की नज़र इस ओर नहीं है कि उसकी क्या राय है।
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन : 10 महीने बाद
    27 Sep 2021
    किसान संगठनों ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिल कर 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। इसके मद्देनज़र, न्यूज़क्लिक की इस वीडियो में हम बता रहे हैं कि पिछले साल 3 विवादित कृषि क़ानूनों के लागू…
  • Save Tree
    सत्यम कुमार
    'विनाशकारी विकास' के ख़िलाफ़ खड़ा हो रहा है देहरादून, पेड़ों के बचाने के लिए सड़क पर उतरे लोग
    27 Sep 2021
    हरिद्वार रोड स्थित जोगीवाला से पेसिफिक गोल्फ सिटी तक, मसूरी जाने वाले पर्यटकों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा रहा है। इस काम के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े 30 साल से भी अधिक पुराने 2200 पेड़ों को…
  • ILO
    दित्सा भट्टाचार्य
    आईएलओ: दुनिया के सिर्फ आधे कर्मियों के पास ही उनकी शिक्षा के मुताबिक नौकरियां उपलब्ध 
    27 Sep 2021
    उच्च एवं उच्च-मध्यम-आय वाले देशों में सभी रोजगारशुदा लोगों में से करीब 20% लोग उद्योग की जरूरत से कहीं ज्यादा शिक्षित हैं। निम्न-मध्यम-आय के देशों के लिए इस अनुपात में हिस्सेदारी करीब 12.5% है, जबकि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License