NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
राजस्थान : मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू
जयपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर और जोधपुर में छात्रों ने कॉलेजों के गेट पर धरना देकर अपना विरोध ज़ाहिर किया। छात्रों का कहना है कि मांग पूरी होने तक ये आंदोलन जारी रहेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jul 2019
जोधपुर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन
जोधपुर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन

राजस्थान के लगभग सभी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों ने फीस वृद्धि के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आज, बुधवार को जयपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर और जोधपुर में इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने कॉलेजों के गेट पर धरना देकर अपना विरोध ज़ाहिर किया।

दरअसल राजस्थान सरकार ने हाल ही में मेडिकल कॉलेजों की फीस में वृद्धि की है और एनआरआई कोटे की सीटों को बढ़ाया है। ये दोनों मुद्दे इस आंदोलन के केंद्र में हैं।

WhatsApp Image 2019-07-24 at 3.54.05 PM.jpeg

जयपुर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन

इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों ने मेडिकल स्टूडेंट्स कॉर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है। छात्रों का कहना है कि जब तक बढ़ी हुई फीस को वापस नहीं लिया जाता है और एनआरआई कोटे को खत्म नहीं किया जाता तब तक वे लोग ये धरना जारी रखेंगे।

छात्रों का कहना है कि 2017 में जहां सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस 5000 से 7000 रुपये थी, वहीं 2018 में इसे 50,000 कर दिया गया है। ये लगभग 10 गुना की फीस वृद्धि है। इसके साथ ही ये ऐलान भी किया गया है कि हर साल फीस को 10% की दर से बढ़ाया जाएगा ।  छात्रों का कहना है कि इससे गरीब तबके से आने वाले छात्र मेडिकल की शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। उनका मानना है कि ये उनके शिक्षा पाने के मूलभूत अधिकारों का हनन है।

WhatsApp Image 2019-07-24 at 3.54.54 PM.jpeg

अजमेर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन

इसे भी पढ़ें : छात्र आंदोलन के आगे हरियाणा सरकार झुकी, फीस वृद्धि वापस

इसके अलावा छात्र एनआरआई कोटे को हटाये जाने की मांग भी कर रहे हैं। दरअसल पिछले दिनों राज्य सरकार ने एनआरआई कोटे की सीटों को बढ़ा दिया है। छात्रों का कहना है कि इन सीटों के ज़रिये रसूखदार लोग लाखों रुपये देकर अपने बच्चों का दाखिला करा देते हैं। ये आम छात्रों के खिलाफ है जो अपनी मेहनत और लगन से पढ़कर इन कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। छात्रों के मुताबिक इन सीट के बढ़ने से सिर्फ पैसे वाले लोग मेडिकल शिक्षा पा सकेंगे। उन्होंने अपने पर्चे में आरोप लगाया है कि इस कदम से शिक्षा को बेचने खरीदने की चीज़ बनाने की कोशिश हो रही है। छात्रों ने अपने मांग पत्र में बताया है कि कोटा, अजमेर और उदयपुर के कॉलेजों में तो 30 सीटों को एनआरआई कोटा की सीट बना दिया गया है।

इसके साथ ही सीनियर छात्र अपनी मानदेय राशि को बढ़ाने कि मांग भी कर रहे हैं। छात्र बताते हैं कि उन्हें सिर्फ 7000 रुपये मानदेय राशि मिलती है जो कि न्यूनतम मज़दूरी से भी कम है। उनकी मांग है कि इसे 20,000 रुपये किया जाये।

WhatsApp Image 2019-07-24 at 3.56.32 PM_0.jpeg

बीकानेर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन

मेडिकल स्टूडेंट्स कॉर्डिनेशन कमेटी के सदस्य और जयपुर के छात्र योगेश का कहना है कि ये छात्र विरोधी कदम है और आम घरों से आने वाले छात्रों को शिक्षा पाने के अधिकार से वंचित करता है। योगेश जयपुर में हाल ही में गठित प्रगतिशील युवा संगठन से भी जुड़े हुए हैं। योगेश ने आगे कहा “जब तक सरकार फीस वृद्धि को वापस नहीं लेती और एनआरआई कोटे को खत्म नहीं करती है तब तक हमारा ये आंदोलन जारी रहेगा।’’

 

इसे भी पढ़ें : डीयू: शिक्षा के निजीकरण के ख़िलाफ़ छात्रों का प्रदर्शन

Student Protests
Rajasthan
rajasthan government
haryana govt.
Haryana
Delhi
Delhi University
student movement
student strike

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License