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राजस्थान : मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू
जयपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर और जोधपुर में छात्रों ने कॉलेजों के गेट पर धरना देकर अपना विरोध ज़ाहिर किया। छात्रों का कहना है कि मांग पूरी होने तक ये आंदोलन जारी रहेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jul 2019
जोधपुर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन
जोधपुर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन

राजस्थान के लगभग सभी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों ने फीस वृद्धि के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आज, बुधवार को जयपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर और जोधपुर में इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने कॉलेजों के गेट पर धरना देकर अपना विरोध ज़ाहिर किया।

दरअसल राजस्थान सरकार ने हाल ही में मेडिकल कॉलेजों की फीस में वृद्धि की है और एनआरआई कोटे की सीटों को बढ़ाया है। ये दोनों मुद्दे इस आंदोलन के केंद्र में हैं।

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जयपुर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन

इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों ने मेडिकल स्टूडेंट्स कॉर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है। छात्रों का कहना है कि जब तक बढ़ी हुई फीस को वापस नहीं लिया जाता है और एनआरआई कोटे को खत्म नहीं किया जाता तब तक वे लोग ये धरना जारी रखेंगे।

छात्रों का कहना है कि 2017 में जहां सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस 5000 से 7000 रुपये थी, वहीं 2018 में इसे 50,000 कर दिया गया है। ये लगभग 10 गुना की फीस वृद्धि है। इसके साथ ही ये ऐलान भी किया गया है कि हर साल फीस को 10% की दर से बढ़ाया जाएगा ।  छात्रों का कहना है कि इससे गरीब तबके से आने वाले छात्र मेडिकल की शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। उनका मानना है कि ये उनके शिक्षा पाने के मूलभूत अधिकारों का हनन है।

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अजमेर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन

इसे भी पढ़ें : छात्र आंदोलन के आगे हरियाणा सरकार झुकी, फीस वृद्धि वापस

इसके अलावा छात्र एनआरआई कोटे को हटाये जाने की मांग भी कर रहे हैं। दरअसल पिछले दिनों राज्य सरकार ने एनआरआई कोटे की सीटों को बढ़ा दिया है। छात्रों का कहना है कि इन सीटों के ज़रिये रसूखदार लोग लाखों रुपये देकर अपने बच्चों का दाखिला करा देते हैं। ये आम छात्रों के खिलाफ है जो अपनी मेहनत और लगन से पढ़कर इन कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। छात्रों के मुताबिक इन सीट के बढ़ने से सिर्फ पैसे वाले लोग मेडिकल शिक्षा पा सकेंगे। उन्होंने अपने पर्चे में आरोप लगाया है कि इस कदम से शिक्षा को बेचने खरीदने की चीज़ बनाने की कोशिश हो रही है। छात्रों ने अपने मांग पत्र में बताया है कि कोटा, अजमेर और उदयपुर के कॉलेजों में तो 30 सीटों को एनआरआई कोटा की सीट बना दिया गया है।

इसके साथ ही सीनियर छात्र अपनी मानदेय राशि को बढ़ाने कि मांग भी कर रहे हैं। छात्र बताते हैं कि उन्हें सिर्फ 7000 रुपये मानदेय राशि मिलती है जो कि न्यूनतम मज़दूरी से भी कम है। उनकी मांग है कि इसे 20,000 रुपये किया जाये।

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बीकानेर में मेडिकल छात्रों का धरना प्रदर्शन

मेडिकल स्टूडेंट्स कॉर्डिनेशन कमेटी के सदस्य और जयपुर के छात्र योगेश का कहना है कि ये छात्र विरोधी कदम है और आम घरों से आने वाले छात्रों को शिक्षा पाने के अधिकार से वंचित करता है। योगेश जयपुर में हाल ही में गठित प्रगतिशील युवा संगठन से भी जुड़े हुए हैं। योगेश ने आगे कहा “जब तक सरकार फीस वृद्धि को वापस नहीं लेती और एनआरआई कोटे को खत्म नहीं करती है तब तक हमारा ये आंदोलन जारी रहेगा।’’

 

इसे भी पढ़ें : डीयू: शिक्षा के निजीकरण के ख़िलाफ़ छात्रों का प्रदर्शन

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