NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान में एक बार फिर से किसानों का आंदोलन
कलेक्ट्र ने भी माना है कि किसानो को उनकी लागत नहीं मिल रही है. इसके साथ कर्जमाफी में भी धांधली हुई है | लेकिन सच यह भी है की इन सभी को लेकर कोई करवाई नहीं हुई है | इससे गुस्साए किसानों ने अपना आंदोलन और उग्र करने का फैसल किया है |

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Feb 2019
AIKS

राजस्थान में किसान एक बार फिर से अंदोलन की राह पर हैं. कल बुधवार को सीकर में किसानों ने  कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन पड़ाव डाला दिया। अपनी मांगों को लेकर सीकर और उसके आस -पास के इलाके के किसान  बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसान अपने साथ प्याज का एक-एक बोरा भी लाए हैं। साथ ही उन्होंने अपने खाने - पिने का इंतजाम भी करके आये है, किसान में पुरुष के साथ साथ महिलाऐ भी बडी संख्या में है | किसान खुद ही खाना पका रहे है |  किसान पिछले काफी समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जर्म और ब्लॉक स्तर पर धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं। 

अभी किसान पहुंच रहे है कल देर रात  तक किसान आए | सभी किसानो ने पूरी रात वहीं  बिताई  | इस दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमरा राम, पूर्व विधायक पेमाराम सहित हजारों किसान मौजूद रहे। इस अंदोलन के लिए जिले भर के किसान रसीदपुरा और भादरा  से पैदल और ट्रेक्टरों से सीकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। 

किसानों के इस अंदोलन को भरतीय किसान यूनियन,अखिल भरतीय खेतिहर मज़दूर किसान, महापड़ाव में विधायक हनुमान बेनीवाल सहित आधा दर्जन से ज्यादा संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे |

किसान प्रदर्शन क्यों कर रहे है ?

इससे पहले 2011 और 2015 में सरकार ने प्याज की खरीद की थी तो  किसानों का कहना है कि सरकार अभी इस बार क्यों नहीं खरीद रही है ? एक एकड़  में 7  से 8 हज़ार रूपये लागत आती है | किसानों का कहना है कि सरकार उनके प्याज को 10 रुपए किलो खरीद कर इसे प्रदेशभर की राशन की दुकानों पर आम जनता को बेचे। किसानों ने बताया कि प्याज की खेती में उन्हें सात रुपए तक खर्च आता है। अभी मंडी में प्याज के बहुत कम दाम मिल रहे हैं। किसान 2 - 3   रूपये में अपनी प्याज बेचने को मज़बूर है। इससे किसानों की लागत भी नहीं निकल रही।

नासिक के बाद सीकर चूरू और झुंझुनू का इलाका प्याज के पैदावार के लिहाज से देश का बड़ा इलाका है | इसके लिए 15 साल पहले रशीदपुरा  में प्याज़ मंडी बनाने की घोषणा हुई थी| जो एक साल पहले तैयार हो चूका है, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया इसे चालू किया जाए |

कर्जमाफी में हुए घोटाले व बेरोजगारी भत्ता को लेकर राज्य सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ भी किसानो में भारी गुस्सा है |

दूध का भी दाम किसानों को नहीं मिल रहा है.

पिछले साल किसानों  को 25 से 28 रूपये लीटर का दाम  मिलता था लेकिन आज वो 20 रूपये लीटर बेचने को मज़बूर है | जबकि दूसरी तरफ वही दूध क्रीम निकाल कर 50  रूपये की दर से आम लोगो को बेचा जा रहा है |  किसानो की मांग है की जिस दर पर आम लोगो को दूध बेचा जा रहा है उसका 70 % किसानों  को मिलान चाहिए बाकि % पैकजिंग अदि के लिए खर्च किया जाए। इसी प्रकार के 11 सूत्रीय  मांग पत्र है जिसे लेकर किसान प्रदर्शन कर रहे है |

अखिल भरतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान के पूर्व विधायक अमराराम  ने न्यूज़क्लिक  से बात करते हुए कहा कि  केंद्र की सरकार और राज्य  सरकार दोनों ने ही किसानो को धोखा दिया है | यहां तक जिन फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य सरकार ने जारी किया है उसे भी नहीं खरीद रही है | मोदी सरकार ने खुद 7  जुलाई को बाजार का समर्थन मूल्य 1900  रूपये घोषणा की थी लेकिन सच्ची यह की किसानो का एक किलो भी बाजार इस रेट पर नहीं खरीदा गया है |  दोनो  सरकार किसनो के साथ  मज़ाक कर रही है | पिछले 20  में लगत बढ़ी जबकि दामों में लगातर काम हो रहे है | अमराराम ने इस पूरे  हालत को सरकार और पूंजीपतियों की साज़िश करार  देते हुए कहा कि  ये नहीं चाहती है कि  की किसान बचे | इसलिए लगातार किसान को घाटे का सौदा बनाया जा रहा है | जिससे किसान खेती से दूर हो और सरकार इनकी ज़मीन पूंजीपतियों को दे | 

इन सभी मांगों  को लेकर किसानों ने अपना मांगों  का ज्ञापन  कलेक्ट्रट  सौंपा | जिसके बाद कलेक्ट्र ने भी माना है कि किसानो को उनकी लागत नहीं मिल रही है. इसके साथ कर्जमाफी में भी धांधली हुई है | लेकिन सच यह भी है की इन सभी को  लेकर कोई करवाई नहीं हुई है | इससे गुस्साए किसानों ने अपना आंदोलन और उग्र करने का फैसल किया है | कल यानि शुक्रवार को किसान सरकार के मंत्री और जन प्रतिनधियों  का घेराव करेंगे क्योंकि किसानो का कहना है की हमने इनको अपनी समस्या को उठाने के लिए चुना था, लेकिन यह सभी जितने के बाद हमें भूल गए है |

 

AIKS
Amra Ram
Rajasthan sarkar
farmers mahapadav
farmers protest
BJP
BJP Govt
CONG
Congress (2823
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Modi yogi
    अजय कुमार
    आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 
    14 Mar 2022
    आख़िर किस तरह के झूठ का जाल भाजपा 24 घंटे लोगों के बीच फेंकने काम करती है? जिससे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे राज्यों में भी उसकी सरकार बार बार आ रही है। 
  • रवि शंकर दुबे
    पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?
    14 Mar 2022
    मैदान से लेकर पहाड़ तक करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है, ऐसे में देखना होगा कि बुरी तरह से लड़खड़ा चुकी कांग्रेस गुजरात, हिमाचल और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए…
  • अजय गुदावर्ती
    गुजरात और हिंदुत्व की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    14 Mar 2022
    एक नई किताब औद्योगिक गुजरात में सांप्रदायिकता की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की परख करती है। इससे मिली अंतर्दृष्टि से यह समझने में मदद मिलती है कि हिंदुत्व गुजरात की अपेक्षा अविकसित उत्तर प्रदेश में कैसे…
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानून का उल्लंघन कर फेसबुक ने चुनावी प्रचार में भाजपा की मदद की?
    14 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार बात कर रहे हैं एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा की गयी पड़ताल से ये सामने आया है की Facebook ने हमेशा चुनाव के दौरान BJP के पक्ष में ही प्रचार किया है। देखें…
  • misbehaved with tribal girls
    सोनिया यादव
    मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
    14 Mar 2022
    मध्य प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में नंबर एक पर है। वहीं महिला अपराधों के आंकड़ों को देखें तो यहां हर रोज़ 6 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License