NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान : रामदेव के फ़ूड पार्क पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक
इस मामला में शुरू से ही नियमों से खिलवाड़ किया जा रहा था। मीडिया के मुताबिक जो ज़मीन रामदेव को दी जा रही थी वह मंदिर की ज़मीन है और नियमों के हिसाब  उसे केवल कृषि कार्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jul 2018
baba ramdev

 

राजस्थान के करौली में बनने वाले बाबा रामदेव के फ़ूड पार्कके लिए दी गयी ज़मीन को लीज़ पर देने , कब्ज़ा करने  और यहाँ निर्माण करने पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने देवस्थान विभाग से मंदिर की ज़मीन के संगरक्षण संरक्षण के लिए उठाये कदमों पर 17 नवम्बर तक रिपोर्ट माँगी है। इस मामले में अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। 

इस मामले में करौली निवासी राम कुमार सिंह ने पातंजलि ट्रस्ट और गोविन्द देव जी मंदिर ट्रस्ट के बीच ज़मीन को सम्बन्धी समझौते को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। इस समझौते के अंतर्गत रामदेव का पातंजलि ट्रस्ट गोविन्द देव जी मंदिर ट्रस्ट की 400 बीघा ज़मीन को 12 लाख रुपये की सालाना कीमत पर लीज़ पर लिया जाना था। यह सौदा 11 अगस्त 2016  को पूरा हुआ और इस ज़मीन पर योगपीठ, गुरुकुल, आयुर्वेदिक अस्पताल, आयुर्वेदिक दवाइयों का उत्पादन केंद्र और गोशाला बनाने की योजना थी। रामदेव इस तरह के फ़ूड पार्क देश भर बना रहे हैं। 

बताया जा रहा है कि राज्य की वसुंधरा राजे सरकार ने इस योजना  को हरी झंडी दे दी थी। इसका उद्घाटन इसी साल 12 अप्रैल को किया गया था और वसुंधरा राजे खुद इस अवसर पर मौजूद थीं। 

इस मामला में शुरू से ही नियमों से खिलवाड़ किया जा रहा था। मीडिया के मुताबिक जो ज़मीन रामदेव को दी जा रही थी वह मंदिर की ज़मीन है और नियमों के हिसाब  उसे केवल कृषि कार्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन नियमों को ताक पर रखते हुए राज्य की बीजेपी सरकार ने रामदेव को ज़मीन देने  का निर्णय किया था। बाद में जब यह मामला तूल पकड़ने लगा तो सरकार ने इस समझौते को ख़तम कर दिया । रामदेव ने कहा गया कि वह कृषि से जुड़े कार्य ही करेंगे और इसीलिए एक नया समझौता तैयार किया गया  । लेकिन मीडिया के मुताबिक सरकार और ज़मीन के मालिक गोविन्द देव जी ट्रस्ट ने नियमों को तोड़ मरोड़कर इस ज़मीन को गैर कृषि ज़मीन बनाने के प्रयास करते रहे। 

 कोर्ट में जाने के बाद इस मामले में कुछ और नए तथ्य सामने आये हैं। बताया जा रहा है कि जिस गोविन्द देव जी ट्रस्ट से ये यह ज़मीन लीज़  पर ली जा रही थी उस पर ही कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।तथ्यों  तथ्यों से पता चलता है कि जिन लोगों को ट्रस्टी बताया रहा है  वे ट्रस्टी नहीं हैंI , इस मंदिर ट्रस्ट ने बहुत सी अचल संपत्ति होने के बावजूद कभी ऑडिट नहीं करवाया है। इन्होंने अपना सालाना बजट भी नहीं दिखाया है और  मंदिर की ज़मीन होने के बावजूद उन्होंने  प्रॉपर्टियों को लीज़ पर भी दिया है। तथ्यों के मुताबिक ट्रस्ट ने एक मकान 99 सैलून के लिए लीज़  पर दिया है और इस ज़मीन के एक हिस्से को एक पेट्रोलियम कम्पनी को 19 साल की लीज़ पर दे दिया गया है। ऐसे ही कई और तथ्य सामने आये हैं जो इस समझौते पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यही वजह है कि कोर्ट ने देवस्थान विभाग को इस मामले में जवाब माँगा है। 

इससे पहले भी बाबा रामदेव पर विभिन्न  राज्यों की बीजेपी सरकारें मेहरबान रहीं हैं। उन्हें फायदा पहुँचाने के लिए कई बार नियमों को ताक पर रखा गया है। इस साल जून में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा में इसी परियोजना के तहत फ़ूड पार्क बनाने को अनुमति दे दी थी। 6,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए न सिर्फ 425 एकड़ ज़मीन दी गयी बल्कि ज़मीन पर 25 % सब्सिडी पर भी दी गयी। इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट की शुरूआत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी सहायता भी देगी। 

इसी तरह महाराष्ट्र में पातंजलि 600 एकड़ ज़मीन पर फूड पार्क बना रही है। यहाँ देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने पातंजलि आयुर्वेद को 1 करोड़ प्रति एकड़ की कीमत वाली ज़मीन 25 लाख प्रति एकड़ की कीमत पर रातों-रात बिना टेंडर निकाले दे दी थी । यह साफ़ तौर पर नियमों को ताक पर रखना हुआ।  पीटीआई के मुताबिक देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बिडिंग देने वाली यह इकलौती कंपनी थी इसलिए हमने यह ज़मीन कंपनी को हस्तांतरित कर दी। 

Baba Ramdev
Vasundhara Raje
Mandir trust
Rajasthan

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...

इतिहास कहता है- ‘’चिंतन शिविर’’ भी नहीं बदल सका कांग्रेस की किस्मत

कांग्रेस चिंता शिविर में सोनिया गांधी ने कहा : गांधीजी के हत्यारों का महिमामंडन हो रहा है!

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 97 गिरफ़्तार

राजस्थान में मस्जिद पर भगवा, सांप्रदायिक तनाव की साज़िश!

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं


बाकी खबरें

  • leather industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    बंद होने की कगार पर खड़ा ताज नगरी का चमड़ा उद्योग
    10 Feb 2022
    आगरा का मशहूर चमड़ा उद्योग और उससे जुड़े कारीगर परेशान है। इनका कहना है कि सरकार इनकी तरफ ध्यान नही दे रही जिसकी वजह से पॉलिसी दर पॉलिसी इन्हें नुकसान पे नुक्सान हो रहा है।
  • Lakhimpur case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मिली ज़मानत
    10 Feb 2022
    केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से पेश वकील ने अदालत से कहा था कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने किसानों को कुचलने के लिए घटना में शामिल वाहन के चालक को उकसाया था।
  • uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : टिहरी बांध से प्रभावित गांव आज भी कर रहे हैं न्याय की प्रतीक्षा!
    10 Feb 2022
    उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में बने टिहरी बांध के लिए ज़मीन देने वाले ग्रामीण आज भी बदले में ज़मीन मिलने की आस लगाए बैठे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
  •  Bangladesh
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश: सड़कों पर उतरे विश्वविद्यालयों के छात्र, पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उपजा रोष
    10 Feb 2022
    बांग्लादेश में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र एकजुटता की लहर दौड़ गई है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वैश्विक निरक्षरता के स्थिर संकट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ
    10 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र ने नोट किया कि 'दुनिया भर में 150 करोड़ से अधिक छात्र और युवा कोविड-19 महामारी के कारण बंद स्कूल और विश्वविद्यालयों से प्रभावित हो रहे हैं या प्रभावित हुए हैं'; कम से कम 100 करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License