NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान : सेंट्रल यूनिवर्सिटी को ‘जेल’ बनाए जाने के विरोध में रातभर प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की छात्राओं ने अपने हॉस्टलों के दरवाज़े तोड़ दिए और रात भर बाहर आकर प्रदर्शन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Oct 2018
central university of rajasthan

राजस्थान के अजमेर ज़िले में स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ राजस्थान में 9 सितम्बर को छात्रों ने सारी रात धरना दिया। पुरुष और महिला छात्रों ने हॉस्टलों में बंदियों की तरह रखे जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका विरोध मुख्य तौर पर हॉस्टल में बॉयोमेट्रिक सिस्टम से रक्खी जा रही निगरानी के खिलाफ था। प्रदर्शन के दौरान ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की छात्राओं ने अपने हॉस्टलों के दरवाज़े तोड़ दिए और रात भर बाहर आकर प्रदर्शन किया। इसे देश भर में महिला छात्रों के द्वारा हॉस्टल नियमों के खिलाफ चलाये जा रहे पिंजरा तोड़ आंदोलन की कड़ी के तौर पर देखा जा सकता है। 

छात्रों ने बताया कि 2009 में स्थापित सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ राजस्थान में  इस साल अगस्त से एक नया नियम लागू किया जाने लगा है। इसके मुताबिक महिला हॉस्टलों में छात्राओं को बाहर या अंदर जाने के लिए बॉयोमेट्रिक सिस्टम में पंच करना पड़ता है। जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके माता पिता को उनकी बेटी के बाहर जाने या अंदर आने के समय की सूचना देता है। लेकिन पुरुष छात्रों के लिए इस तरह के कोई नियम नहीं हैं। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में तो स्थिति और भी ख़राब है। यहाँ तो माँ बाप को पल पल की खबर दी जाती है। ऐसे माहौल में निसंदेह ही महिला छात्राओं को घुटन महसूस होती है। इससे यह भी साफ़ होता है कि यह महिलाओं को नियंत्रण में रखने की कोशिश है। महिलाओं कहना है कि यह उनके आज़ादी के खिलाफ और  निजता के अधिकारों का भी हनन है। 

इसके आलावा यूनिवर्सिटी में महिलाओं  को हॉस्टलों में रात 10 बजे तक पहुँचना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर उनके साथ मानसिक उत्पीड़न किया जाता है। पुरुष छात्रों के लिए जहाँ रात 12 बजे तक लाइब्रेरी खुली रहती है वहीं महिलाएं केवल 10 बजे तक पढ़ सकती हैं। इसके साथ ही छात्र बताते हैं कि न तो परिसर में डिपार्टमेंटों की स्थायी इमारते हैं, न इनके मेस में अच्छा खाना मिलता है और न ही साफ़ पानी। साथ ही छात्रों का कहना है कि मेस में महीने में 25 दिनों की अटेंडेंस की अनिवार्यता को20 दिन तक कर दिया जाना चाहिए। छात्रों ने बताया कि यूनिवर्सिटी क्योंकि एक ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है इसीलिए यहाँ की ज़रूरी कामों से बाहर जाना पड़ता है। लेकिन यूनिवर्सिटी की तरफ से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बाहर जाने के लिए कोई यातायात की सुविधा नहीं है। 

इसके आलावा हॉस्टल से बाहर जाने के लिए एक दिन पहले सूचना देनी पड़ती है। अगर किसी छात्रा को तत्काल कहीं जाना पड़े तो उसे प्रताड़ित किया जाता है और इजाज़त नहीं दी जाती।  

24 घंटे लाइब्रेरी और बॉयोमेट्रिक सिस्टम को ख़त्म करने की माँग को लेकर  रात को 10 बजे करीब 28पीएचडी की छात्राएं अपने हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठ गयीं। कुछ देर बाद उनसे प्रॉक्टर, वार्डन और सहायक वार्डन वहाँ पहुँचे। छात्राओं के मुताबिक प्रॉक्टर ने सभी छात्राओं के माँ बाप को फ़ोन करने की धमकी दी। लेकिन महिला छात्राएं वहाँ डटी रहीं। कुछ देर बाद करीब 150 पुरुष छात्र भी वहाँ महिलाओं के समर्थन में आकर धरने पर बैठ गए। छात्रों की संख्या बढ़ने पर प्रशासन दबाव में आया और छात्राओं के साथ 10 तारीख को बैठक करने की बात की। इसके बाद पीएचडी की छात्राएं हॉस्टल में चली गयीं। 

लेकिन इसके बाद ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। पहले ग्रेजुएशन की महिलाओं ने हॉस्टल के गेट को तोड़ा और उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन की महिलाओं ने अपने हॉस्टल का गेट तोड़ा। इसके बाद महिला और पुरुष छात्र दोनों ने ही रात भर धरना दिया। प्रशासन के कुछ लोग उनसे मिलने आये लेकिन छात्र ने माँगों को लिखित में मानने को कहा। रात भर कविताओं, नारों और गानों का दौर चला। बताया जा रहा है कि वहाँ करीब 300 छात्र मौजूद थे। यह सभी सुबह होने तक वहाँ मौजूद थे। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी माँगें नहीं मानी जाती तक तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। 

pinjara tod
Ajmer
Central University of Rajasthan
students protest
curfew timings
right to freedom of mobility

Related Stories

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

बीएचयू: 21 घंटे खुलेगी साइबर लाइब्रेरी, छात्र आंदोलन की बड़ी लेकिन अधूरी जीत

नई शिक्षा नीति के ख़िलाफ़ AISA का 'रोल बैक NEP' अभियान

समान नागरिकता की मांग पर देवांगना कलिता, नताशा नरवाल को गिरफ्तार किया गया: पिंजरा तोड़

अज़ान पर कोहराम: छात्रों की वीसी से इस्तीफ़े की मांग, मस्जिद के लाउडस्पीकर की आवाज़ हुई आधी

तमिलनाडु : मेडिकल छात्रों का प्रदर्शन 50 दिन के पार; प्रशासन ने विश्वविद्यालय बंद कर छात्रों का खाना-पानी रोका

सुपवा: फीस को लेकर छात्रों का विरोध, कहा- प्रोजेक्ट्स-प्रैक्टिकल्स के बिना नहीं होती सिनेमा की पढ़ाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘पिंजरा तोड़’ की सदस्य की ज़मानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा

नताशा और देवांगना के लिए एकजुटता, सरकार पर गंभीर आरोप

जामिया को लेकर वीडियो वार : जेसीसी ने कहा- हाथ में पत्थर नहीं, पर्स है


बाकी खबरें

  • earthquake
    एपी
    इंडोनेशिया में समुद्र में 7.3 तीव्रता का भूकंप आया, सुनामी का अलर्ट वापस लिया
    14 Dec 2021
    भूकंप के झटके दक्षिण सुलावेसी प्रांत में मकस्सर शहर और सेलायर द्वीप जिले में महसूस किए गए। आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि सेलायर द्वीप पर एक स्कूल क्षतिग्रस्त हो गया है। 
  • kisan andolan
    परमजीत सिंह जज
    कृषि क़ानूनों के निरस्त हो जाने के बाद किसानों को क्या रास्ता अख़्तियार करना चाहिए
    14 Dec 2021
    भारतीय किसानों को एमएसपी और अपनी उत्पादक सामग्री पर सब्सिडी की जरूरत है, लेकिन राजनीतिक-आर्थिक व्यवस्था को इस विचार से घृणा है। ऐसे में, अब यह किसानों पर निर्भर करता है कि वे समूचे देश के लिए कोई…
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः भाजपा उत्तर प्रदेश का प्रधानमंत्री आवास योजना संबंधी दावा ग़लत है
    14 Dec 2021
    क्या सचमुच प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद 40 लाख पक्के घरों का निर्माण किया गया है? क्या 2017 से पहले एक भी घर नहीं बनाया गया? आइए करते हैं पड़ताल
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कार्टून क्लिक: ...अच्छा है, सवाल पूछने वाले सो रहे हैं!
    14 Dec 2021
    दिन भर के भव्य आयोजनों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने आधी रात को काशी विश्वनाथ धाम, बनारस रेलवे स्टेशन का दौरा किया। हालांकि सुरक्षा कर्मी यह सुनिश्चित कर रहे थे कि कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री के करीब न…
  • Julian Assange
    कैटलीन जॉनस्टोन
    वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है
    14 Dec 2021
    अमेरिकी अपील पर जूलियन असांज के प्रत्यर्पण को लेकर अक्टूबर में यूके की एक अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान उन्हें एक मिनी स्ट्रोक का सामना करना पड़ा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License