NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
राफेल कोर्रिया ने 2021 के आम चुनावों में इक्वाडोर के उप-राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की
पूर्व राष्ट्रपति इक्वाडोर में आगामी आम चुनावों में अर्थशास्त्री एंड्रेस अराउज के साथ खड़े होंगे।
पीपल्स डिस्पैच
20 Aug 2020
ra

पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोर्रिया ने 7 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में इक्वाडोर के उप-राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा 18 अगस्त को आधिकारिक तौर पर की। कोर्रिया एंड्रेस अराउज़ के साथ होंगे जो राष्ट्रपति पद के लिए खड़े हैं। अराउज-कोर्रिया राष्ट्रपति की उम्मीदवारी एक नए राजनीतिक आंदोलन यूनियन फॉर होप (यूएनईएस) द्वारा पेश की गई थी। 35 वर्षीय अराउज अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने कोर्रिया की सरकार (2007-2017) के दौरान विभिन्न पदों पर देश की सेवा की। वह कोर्रिया की दूसरी सरकार के आखिर में सांस्कृतिक मंत्री थे और मार्च 2015 और 2017 के बीच नॉलेज एंड ह्यूमन टैलेंट मिनिस्टर थे। इसके अलावा उन्होंने 2011 और 2013 के बीच सेंट्रल बैंक ऑफ इक्वाडोर के निदेशक के रूप में भी कार्य किया। यूएनईएस वामपंथी राजनीतिक दलों का एक गठबंधन है जैसे कि फ्यूर्ज़ा कॉम्प्रोमिसो सोशल या सोशल कमिटमेंट फोर्स, सेंट्रो डेमोक्रेटिको या डेमोक्रेटिक सेंटर के साथ-साथ कई सामाजिक संगठन, ट्रेड यूनियन, छात्र, शिक्षक, किसान, महिला और एलजीबीटीक्यूआई आंदोलनों का गठबंधन है। चुनावों से सोशल कमिटमेंट फोर्स को रोकने के प्रयासों का जिक्र करते हुए यूएनईएस के वर्चुअल कार्यक्रम में कोर्रिया ने कहा, "यह यूनियन फॉर होप का समय है। हिस्सा लेने से रोकने के सभी कुत्सित प्रयासों के बावजूद हम यहां खड़े हैं।" न्यायिक उत्पीड़न के कारण कोर्रिया की उम्मीदवारी अनिश्चित है। उन पर वर्तमान सरकार द्वारा कई आरोप लगाने के बाद उन्हें क़ैद करने के प्रयासों के मद्देनज़र वे वर्तमान में बेल्जियम में रह रहे है। अप्रैल महीने में इक्वाडोर की राष्ट्रीय अदालत ने कोर्रिया को 8 साल की जेल की सजा सुनाई और "घूस कांड 2012-2016" मामले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोप में 25 साल के लिए चुनावी राजनीति से उन्हें रोक दिया। पिछले महीने अपीलीय न्यायालय ने कोर्रिया की अपील को खारिज कर दिया और उनकी सजा को बरक़रार रखा। 7 अगस्त को कोर्रिया के वकीलों ने कोर्ट ऑफ कैसेशन के समक्ष अपील दायर की इसलिए सजा मुक़र्रर नहीं हुई है। हालांकि, विपक्षी नेता फर्नांडो बालदा के अपहरण के असफल मामले के लिए कोर्रिया के पास प्रिवेंटिव प्रिजन ऑर्डर भी है। चुनावी क़ानूनों में हालिया सुधार यह स्पष्ट करता है कि चुनाव में खड़े होने के लिए प्रतिभागियों को देश में व्यक्तिगत रूप से अपनी उम्मीदवारी पेश करनी चाहिए। पिछले हफ्ते, नेशनल इलेक्टोरल काउंसिल (सीएनई) ने COVID-19 के कारण उम्मीदवारी के ऑनलाइन पंजीकरण को अनुमति दिया था, लेकिन ज़ोर देकर कहा कि नामांकन स्वीकार करने की पुष्टि के लिए आवेदकों को संस्था के सामने "प्रतिनिधि के बिना और व्यक्तिगत" तरीके से पेश होना चाहिए। यह देखा जाना बाकी है कि क्या बेल्जियम में इक्वाडोर की संस्थाओं के समक्ष उपस्थित होकर बिना व्यक्तिगत तरीके से कोर्रिया ऐसा कर सकते है। कोर्रिया की उम्मीदवारी अगर क्वालिफाई होती है तो अस्थायी रुप से उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी प्रक्रियाओं में देरी करने में मदद कर सकती है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान इक्वाडोर में उम्मीदवारों को प्रतिरक्षा प्राप्त होता है।

ecuador vice president
Ecuador
ecuador general election

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

इक्वेडर और उरूग्वे ने विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

कंजर्वेटिव गिलर्मो लासो ने इक्वाडोर के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली

दुनिया भर की: अमेरिकी महाद्वीप में समाजवादी व्यवस्थाओं का इम्तिहान

दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

विजेता वाम उम्मीदवार ने इक्वाडोर में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनावों में बाधा डालने की योजना की चेतावनी दी

इक्वाडो : राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में एंड्रेस अराउज के प्रतिद्वंद्वी को लेकर अनिश्चितता बरक़रार


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License