NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
राष्ट्रीय वार्ता की सीरियाई कांग्रेस संवैधानिक समिति के गठन के लिए सहमत हैं
रूस ने दोहराया है कि सोची वार्ता जिनेवा वार्ता के लिए कोई विकल्प नहीं हैं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने वाला है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Feb 2018
Translated by महेश कुमार
सीरिया
Image Credits: TASS

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत, स्टाफ़ान डी मिस्तूरा ने कहा है कि सोची वार्ता सीरिया के भविष्य के बारे में बातचीत कर रही है, उन्होंने एक ऐसी समिति बनाने का फैसला किया है जो युद्धग्रस्त देश में एक नए संविधान पर काम करेगी। वार्ता, जिसे राष्ट्रीय वार्ता के सीरियाई कांग्रेस के रूप में जाना जाता है, रूसी नगर सोची में 29 और 30 जनवरी को आयोजित की गयी।

संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के विशेष दूत स्टाफ़ैन डी मिस्तूरा ने कहा कि, "संवैधानिक सुधार का मसौदा तैयार करने के लिए सीरिया के अरब गणराज्य प्रतिनिधिमंडल की सरकार सहित एक संवैधानिक समिति का गठन किया जाना है।"

"आपकी अंतिम घोषणा में आज आपने जिनेवा राजनीतिक प्रक्रिया में विकसित 12 सिद्धांतों को स्वीकार कर लिया है, जो सीरिया के दर्शन का वर्णन करता है, जो सभी सीरियाई लोगों को साझा करने में सक्षम होना चाहिए।"

संविधान आयोग में 150 प्रतिनिधि शामिल होंगे और जिसके विवरण जल्द ही संयुक्त राष्ट्र को भेजे जाएंगे।

रिपोर्टों के मुताबिक, संवाद कांग्रेस में गरमा-गर्म बहस हुई और एक दूसरे के साथ जुड़े सीरियाई मुद्दों पर विभिन्न हितधारकों में टकराव भी हुआ। यह वार्ता रूस, तुर्की और ईरान द्वारा प्रायोजित की गयी है और बैठक का मुख्य लक्ष्य रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अनुसार बातचीत संबंधी संवाद के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों, आंतरिक और बाहरी विपक्ष, जातीय और एकजुट समूहों के प्रतिनिधियों को इकट्ठा करना है।

पिछले साल सितंबर में रूस द्वारा प्रायोजित (तुर्की और ईरान द्वारा समर्थित) एस्टाना समझौते ने युद्धरहित क्षेत्र की स्थापना करके हिंसा की तीव्रता को कम करने में कामयाबी हासिल की थी।

सीरिया के मुद्दे पर वियना में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली जिनेवा वार्ता हुई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, सोची वार्ता, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित है, जिनेवा वार्ता को फिर से जीवंत करने का एक व्यवहार्य विकल्प है, जिसने सीरियाई युद्ध को समाप्त करने में बहुत प्रगति की है, जिसमें पहले से ही हजारों लोग मारे जा चुके है और लगभग 1.1 करोड़ लोग विस्थापित हुए है।

आलोचकों का तर्क है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी देशों ने सीरिया में अपने शासन परिवर्तन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए जिनेवा वार्ता को तोड़ दिया है, सोची वार्ता 2015 से सुरक्षा परिषद संकल्प 2254 के दायरे के तहत काम करने का लक्ष्य है जो कि "सीरिया के नेतृत्व करने वालों" के लिए संक्रमण का दौर है।

इससे पहले सऊदी अरब ने सीरियाई वार्ता आयोग (एसएसी) का समर्थन किया था और सोची वार्ता के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने के खिलाफ मतदान भी किया था। जेनेवा वार्ता में एसएनसी और आधिकारिक सीरियाई प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि के माध्यम से दस्तावेजों के आदान-प्रदान के माध्यम से जुड़ा था और कभी भी उसका सामना नहीं किया।

रूस ने दोहराया था कि सोची वार्ता जिनेवा वार्ता के लिए एक विकल्प नहीं हैं बल्कि संयुक्त राष्ट्र शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने के रूप में है।

"हम मानते हैं ... सोची में सीरियाई राष्ट्रीय वार्ता कांग्रेस, जिनेवा के फलदायी वार्ता के लिए स्थिति पैदा करने में सक्षम हो सकती है, यह ध्यान में रखते हुए कि सीरियाई विपक्ष का एक हिस्सा जो शासनकाल में बदलाव के लिए शर्त रखता है, उन लोगों से इस पर बात की जाएगी जो लोग इसे नियंत्रित करते हैं, " रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जनवरी में पहले कहा था।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उन्हें विश्वास है कि सोची में संवाद एक पुनर्जीवित अंतर-सीरियाई वार्ता प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान होगा और यह 2012 जेनेवा कम्युनिकेशंस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 2254 के पूर्ण कार्यान्वयन पर आधारित होगा।

कांग्रेस के दौरान, सशस्त्र सीरिया के विपक्षी प्रतिनिधियों के एक समूह ने सोची में हवाई अड्डे से बाहर जाने से इनकार कर दिया क्योंकि वे 'सीरियाई राज्य के ध्वज और प्रतीक की उपस्थिति से नाराज़' थे।

यह बातचीत सीरिया के अफ्रिन क्षेत्र में तुर्की सैन्य आक्रामक 'ऑपरेशन ओलिव ब्रांच' की पृष्ठभूमि में है, जो वर्तमान में कुर्दिश स्वायत्त प्रशासन के अधीन है। काफी लोगों को डर है कि तुर्की के हमले से सीरिया में एक नए युद्ध के मोर्चे को खोलकर राजनीतिक प्रक्रिया को और मुश्किल कर सकता है।

सीरिया
तुर्की
जिनेवा वार्ता
रूस
संयुक्तराष्ट्र

Related Stories

बोगाज़ीसी विश्वविद्यालय में युद्ध विरोधी प्रदर्शनकारियों पर तुर्की पुलिस ने की कार्यवाही

लेनिन की सिर्फ मूर्ति टूटी है, उनके विचार नहीं

अयोध्या विवाद पर श्री श्री रविशंकर के बयान के निहितार्थ

सीरिया के पूर्वी घौटा में क्या हो रहा है?

संदर्भ पेरिस हमला – खून और लूट पर टिका है फ्रांसीसी तिलिस्म

शरणार्थी संकट और उन्नत पश्चिमी दुनिया

सीरिया, साम्राज्यवाद रचित सर्वनाश और शरणार्थी संकट है

कुर्दों पर सुलतान एरदोगन का युद्ध

क्या अब हम सब चार्ली हेब्दो हैं?

कोबानी पर कब्ज़ा और मूक दर्शक तुर्की


बाकी खबरें

  • UP Teachers Protest
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : आगामी चुनाव से पहले लाखों शिक्षकों ने योगी सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने को कहा
    02 Dec 2021
    विरोध करने वाले शिक्षकों ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, पूर्व वेतन आयोग के अनुसार कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, डीए की किस्त और बक़ाया राशि जारी करने सहित कई मांगें…
  • bhopal gas tragedy
    अनिल जैन
    भोपाल गैस त्रासदी के 37 बरस, अभी भी थमा नहीं है लोगों का मरना! 
    02 Dec 2021
    आज से ठीक 37 वर्ष पहले दो और तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात को यूनियन कार्बाइड के कारखाने से निकली जहरीली गैस (मिक यानी मिथाइल आइसो साइनाइट) ने अपने-अपने घरों में सोए हजारों लोगों को एक झटके में ही…
  • putin
    एम. के. भद्रकुमार
    मजबूत गठजोड़ की ओर अग्रसर होते चीन और रूस
    02 Dec 2021
    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने उच्च-स्तरीय “स्रोत” के हवाले से खुलासा किया है कि बीजिंग का 2022 के शीतकालीन ओलंपिक में अमेरिकी एवं पश्चिमी राजनेताओं को आमंत्रित करने का कोई इरादा…
  • left
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों के विरोध में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन
    02 Dec 2021
    इस प्रदर्शन को सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात, प्रकाश करात, हन्नान मौल्ला और दिल्ली राज्य कमेटी के नेताओं ने संबोधित किया। इस प्रदर्शन में सांप्रदायिकता का दंश झेल चुके उत्तर पूर्वी दिल्ली…
  • covid
    संदीपन तालुकदार
    ओमिक्रॉन: घबराने की नहीं, सावधानियां रखने की ज़रूरत है
    02 Dec 2021
    विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया सूचना के मुताबिक़, यह साफ़ नहीं है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट समेत, पिछले वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल सकता है या नहीं। फिर भी यह सुझाव है कि अब भी उतनी ही सावधानी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License