NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
रेल के निजीकरण के खिलाफ हल्ला बोल, दिल्ली में प्रदर्शन
 दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऐक्टू और IREF के नेतृत्व में भारतीय रेलवे के तमाम कर्मचारियों ने मोदी सरकार की निजीकरण की नीतियों खिलाफ प्रदर्शन किया और रेल के निजीकरण को रेलवे और देश दोनों के लिए खतरनाक बताया।

 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jul 2019
रेल के निजीकरण के खिलाफ हल्ला बोल, दिल्ली में प्रदर्शन

रेलवे के परिचालन के लिए ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपने के मोदी सरकार के 100 दिन के एजेंडे के विरोध में आज, बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया। ऐक्टू और IREF के नेतृत्व में भारतीय रेलवे के तमाम कर्मचारियों ने मोदी सरकार की निजीकरण की नीतियों खिलाफ नारेबाजी की और भारतीय रेल के निजीकरण को रेलवे और देश दोनों के लिए खतरनाक बताया। 
सभी ने कहा कि मोदी सरकार ने दोबारा सत्ता में आने के बाद सबसे पहले गरीब जनता की सवारी भारतीय रेल के निजीकरण का ऐलान किया है। भारतीय रेलवे में 100 दिन का एक्शन प्लान दरअसल जनता से उसका सस्ता जन-परिवहन छीनने की तैयारी है। इस रास्ते से सरकार मुनाफे का निजीकरण तथा घाटे का सरकारीकरण कर रही है। जिसकी शुरुआत भारतीय रेल की सात कोच-फैक्ट्रियों के निजीकरण से की जा चुकी है। इसी के खिलाफ दिल्ली समेत कई राज्यों में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। 

Screenshot 2019-07-10 at 17.33.56.png
इस प्रदर्शन में रेलवे कर्मचारियों के अलावा अन्य वर्ग के मज़दूर भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में इसका विरोध किया। एक्टू राज्य सचिव श्वेता ने कहा की सरकार बड़े ही शातिर तरीके से घाटे का सरकारीकरण और मुनाफे का निजीकरण कर रही है। सरकार उन ट्रेनों और रूट को निजी हाथों में दे रही है जो फायदे में हैं। 
कृष्ण कुमार जो उत्तर रेलवे में कर्मचारी यूनियन के महासचिव हैं, ने कहा कि सरकार ने पहले रेलवे को बदनाम किया, जानबूझकर बर्बाद किया और उसके बाद उसको निजी हाथों में बेच रही है। पहले रेलवे में 12 लाख से ज्यादा कर्मचारी थे जो घटकर अब केवल 10 लाख रह गए हैं। इसी तरह से चला तो आने वाले वर्षों में यह संख्या घटाकर केवल 7 लाख रह जाएगी, जबकि दूसरी तरफ इस दौरान रेल पर सवारियों का भार बढ़ा है। इन सबके बावजूद आज भी रेलवे सार्वजनिक परिवहन में सबसे बेहतर काम कर रही है। सरकार को इसे निजी हाथो में बेचने की बजाय इसमें और निवेश करना चाहिए। 
आगे उन्होंने कहा की सरकार अगर नहीं मानी तो संघर्ष और तेज़ होगा।  

Screenshot 2019-07-10 at 16.14.47.png
एक्टू के राज्य अध्यक्ष संतोष राय ने कहा कि रेलवे आज भी देश कि लाइफ लाइन है। देश में अधिकतर आम लोग इसी से सफर करते हैं। सरकार इसे भी पहुंच से दूर कर रही है। इससे न लोगों के जीवन पर असर पड़ेगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर होगा। क्योंकि आज हमारे देश में बेरोजगरी अपने 45 साल के शीर्ष पर है। रोजगार सृजन की नज़र से रेलवे देश का सबसे बड़ा क्षेत्र है लेकिन अब इसके निजी हाथों में जाने से यह भी ख़त्म हो जाएगा। 
आगे उन्होंने कहा कि यह अभी नहीं हुआ है। इस सरकार ने पिछले कार्यकाल में ही बता दिया था। पहले तो रेलवे के अलग बजट को खत्म किया गया और अब रेलवे को ही खत्म कर रही है। 
इस प्रदर्शन को निर्माण मज़दूर के यूनियन बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन ने भी समर्थन दिया। यूनियन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र ने कहा कि अधिकतर निर्माण मज़दूर प्रवासी होते हैं। और वो आने जाने के लिए रेल का ही प्रयोग करते है। लेकिन अब सरकार उसे निजी लोगों को बेच रही है। जिसके बाद इसकी दरों में भारी वृद्धि होगी जैसा कि हमने पहले मेट्रो में देखा है। 
इसके आलावा किसानों के संगठन अखिल भारतीय किसान महासभा ने अपनी एकजुटता जाहिर की।
उत्तर रेलवे में लोको पायलट ओम प्रकाश भारती ने कहा कि सरकार जानबूझकर मुनाफे की रेलवे को घाटे में दिखाती है जबकि सच्चाई यह है कि वो कभी घाटे में नहीं रही है। ये सरकारों का इसे बेचने का एक तरीका है। लेकिन हम इसको होने नहीं देंगे चाहे जो हो जाए। सरकार नहीं मानी तो आने वाले दिनों में हम पूरे देश में रेल का चक्का जाम करेंगे। 

 

 

 

 

AICCTU
workers protest
indian railways
Rail workers
railways worker
privatization
Delhi
BJP
modi sarkar

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • punjab
    रवि कौशल
    पंजाब चुनाव: पार्टियां दलित वोट तो चाहती हैं, लेकिन उनके मुद्दों पर चर्चा करने से बचती हैं
    12 Feb 2022
    दलित, राज्य की आबादी का 32 प्रतिशत है, जो जट्ट (25 प्रतिशत) आबादी से अधिक है। फिर भी, राजनीतिक दल उनके मुद्दों पर ठीक से चर्चा नहीं करते हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से कमज़ोर, सामाजिक रूप से उत्पीड़ित…
  • union budget
    बी. सिवरामन
    केंद्रीय बजट 2022-23 में पूंजीगत खर्च बढ़ाने के पीछे का सच
    12 Feb 2022
    क्या पूंजीगत खर्च बढ़ने से मांग और रोजगार में वृद्धि होती है?
  • Rana Ayyub
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    जनता के पैसे का इस्तेमाल ख़ुद के लिए नहीं किया : राना अय्यूब
    12 Feb 2022
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान जारी करते हुए अय्यूब ने कहा कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग के अधिकारियों को ‘‘स्पष्ट रूप से दिखाया’’ है कि ‘‘राहत अभियान के धन का कोई भी हिस्सा…
  • sc and yogi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सुप्रीम कोर्ट की यूपी सरकार को चेतावनी; सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ वसूली नोटिस वापस लें या हम इसे रद्द कर देंगे
    12 Feb 2022
    शीर्ष अदालत ने कहा कि दिसंबर 2019 में शुरू की गई यह कार्यवाही उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित कानून के खिलाफ है और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 50 हज़ार नए मामले सामने आए 
    12 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 50,407 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 25 लाख 86 हज़ार 544 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License