NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रेलमंत्री जी,ये कैसी ऑनलाइन परीक्षा है कि आरा से हैदराबाद जाना पड़े
ये कौन सी ऑनलाइन परीक्षा है जिसके लिए छात्रों को 1500 किमी की यात्रा तय करनी पड़ेगी। क्या यही ऑनलाइन का मतलब है?
रवीश कुमार
31 Jul 2018
रेलव भर्ती
Image Courtesy:jagran.com

9 अगस्त से रेलवे की परीक्षा शुरू हो रही है। अस्सिटेंट लोको पायलट और टेक्निशियन के 26,502 पदों के लिए परीक्षा हो रही है जिसमें 47 लाख से अधिक छात्र भाग लेंगे। रेल मंत्रालय की तरफ से दावा किया गया है कि रेलवे दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन परीक्षा कराने जा रहा है क्योंकि इस परीक्षा में करीब एक लाख पदों के लिए दो करोड़ से अधिक छात्र हिस्सा लेंगे। यही हेडलाइन भी अख़बारों में छपता है ताकि फुल प्रोपेगैंडा हो सके।

अब जब छात्रों ने 9 अगस्त की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड किए हैं तो उन्हें पता चल रहा है कि किसी का सेंटर बंगलुरू है तो किसी का सेंटर चेन्नई है। पटना का छात्र जबलपुर जा रहा है तो कटिहार का मोहाली। आरा का हैदराबाद तो बक्सर का चेन्नई। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के छात्रों के सामने भी यही चुनौती है। बिहार के छात्रों ने ज़्यादा मेसेज किए हैं इसलिए उनके उदाहरण ज़्यादा हैं मगर बाकी राज्यों के छात्र भी काफी परेशान हैं। कइयों ने तो रेल मंत्री को ट्विट करते हुए रो ही दिया है कि उनका इम्तहान छूट जाएगा। प्लीज़ ऐसा न करें। वे इतना पैसा ख़र्च कर परीक्षा देने नहीं जा सकते हैं।

टिकट के लिए भी छात्रों को समय कम मिला है। किसी ट्रेन में वेटिंग लिस्ट है तो किसी में टिकट ही नहीं है। ज़्यादातर छात्र जनरल बोगी से जा रहे हैं। वे खड़े खड़े या लदा-फदा कर आरा से हैदराबाद की यात्रा करेंगे तो आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि परीक्षा देने वक्त उनकी क्या स्थिति होगी। किसी का टिकट पर खर्चा 1500 आ रहा है तो किसी का 3000। परीक्षा के लिए तीन चार दिन पहले भी निकलना होगा क्योंकि ट्रेन समय पर पहुंचती नहीं है। होटल और खाने पीने का खर्चा अलग। क्या ये इन छात्रों के साथ ज्यादती नहीं है।

बहुतों को लग सकता है कि तीन हज़ार या पांच हज़ार का खर्च कोई बड़ी बात नहीं है। रेलवे की परीक्षा देने जा रहे ज़्यादातर छात्र ग़रीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। किसी के मां बाप चौकीदार हैं तो किसी के सिपाही, तो किसी के ठेला चलाते हैं। इनके लिए दो हज़ार और तीन हज़ार बड़ी बात है। ऊपर से टिकट मिलने में भी परेशानी हो रही है। कई छात्रों ने रेल मंत्री को ट्विट भी किया है। छात्रों के दूसरे इम्तहान भी आस-पास होते हैं। उन पर भी असर पड़ने वाला है।

अब आते हैं एक मूल सवाल पर। जब परीक्षा ऑनलाइन है तो इसके लिए कटिहार से मोहाली भेजने का क्या मतलब है। ये कौन सी ऑनलाइन परीक्षा है जिसके लिए छात्रों को 1500 किमी की यात्रा तय करनी पड़ेगी। क्या यही ऑनलाइन का मतलब है? जब कंप्यूटर पर ही बैठकर देना है तो आस-पास के केंद्रों में यह व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती है? छात्रों ने इस परीक्षा के लिए चार चार साल तैयारी की है। उनके साथ यह नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए।

रेलमंत्री को सबको फ्री टिकट देना चाहिए ताकि एक भी ग़रीब छात्र की परीक्षा न छूटे या फिर परीक्षा केंद्र को लेकर बदलाव करने पर विचार करना चाहिए। उसका समय नहीं है। उस बहाने परीक्षा और टल जाएगी। बेहतर यही होगा कि रेल मंत्री फ्री टिकट का एलान कर दें।

बहुत से छात्र यह भी पूछ रहे हैं कि फार्म भरे जाने के समय एलान हुआ था कि जिन लोगों ने 500 भर दिए हैं, उनका 400 वापस होगा। यह पैसा कब वापस होगा? प्राइम टाइम में हमने उठाया था कि यूपीएससी की परीक्षा के फार्म के लिए 100 रुपये और रेलवे के ग्रुप डी की परीक्षा के फार्म के लिए 500 रुपये लिए जाएं उचित नहीं है। सरकार ने बात मान ली और 400 से 100 कर दिया मगर तब तक कई लाख छात्र फार्म भर चुके थे। सरकार को बताना चाहिए कि उनके 400 रुपये कब वापस होंगे?

 

online exam
indian railways
BJP
रेल मंत्री

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • ghazipur
    भाषा
    गाजीपुर अग्निकांडः राय ने ईडीएमसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया
    30 Mar 2022
    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दो दिन पहले गाजीपुर लैंडफिल साइट (कूड़ा एकत्र करने वाले स्थान) पर भीषण आगजनी के लिये बुधवार को डीपीसीसी को ईडीएमसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और घटना के…
  • paper leak
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: इंटर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा निरस्त, जिला विद्यालय निरीक्षक निलंबित
    30 Mar 2022
    सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर परीक्षा का प्रश्न पत्र और हल किया गया पत्र वायरल हो गया था और बाजार में 500 रुपए में हल किया गया पत्र बिकने की सूचना मिली थी।
  • potato
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: कोल्ड स्टोरेज के अभाव में कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर आलू किसान
    30 Mar 2022
    पटनाः बिहार के कटिहार जिले के किसान राजेंद्र मंडल, नौशाद अली, मनोज सिंह, अब्दुल रहमान और संजय यादव इस बार आलू की बम्पर पैदावार होने के बावजूद परेशान हैं और चिंतित हैं। जि
  • east west
    शारिब अहमद खान
    रूस और यूक्रेन युद्ध: पश्चिमी और गैर पश्चिमी देशों के बीच “सभ्य-असभ्य” की बहस
    30 Mar 2022
    “किसी भी अत्याचार की शुरुआत अमानवीयकरण जैसे शब्दों के इस्तेमाल से शुरू होती है। पश्चिमी देशों द्वारा जिन मध्य-पूर्वी देशों के तानाशाहों को सुधारवादी कहा गया, उन्होंने लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बरबाद…
  • Parliament
    सत्यम श्रीवास्तव
    17वीं लोकसभा की दो सालों की उपलब्धियां: एक भ्रामक दस्तावेज़
    30 Mar 2022
    हमें यह भी महसूस होता है कि संसदीय लोकतंत्र के चुनिंदा आंकड़ों के बेहतर होने के बावजूद समग्रता में लोकतंत्र कमजोर हो सकता है। यह हमें संसदीय या निर्वाचन पर आधारित लोकतंत्र और सांवैधानिक लोकतंत्र के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License