NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रेलवे के संकेत व दूरसंचार कर्मचारियों ने मनाया काला दिवस
रेलवे के S&T विभाग में 80 हज़ार पद रिक्त हैं और कर्मचारियों से दोगुना काम लिया जा रहा है। इसके अलावा उनकी सुरक्षा पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता। कर्मचारियों ने रिस्क अलाउंस और नाइट ड्यूटी फेलियर गैंग की स्थापना की भी मांग की है।
मुकुंद झा
09 Feb 2019
indian railway

 देश के पूरे रेलवे की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन संकेत और दूरसंचार कर्मचारियों पर है आज वही बेहाल हैं और आंदोलन की राह पर हैं। ये कर्मचारी रेलवे के सिग्नल का रखरखाव रखते हैं लेकिन इनके रखरखाव का रेलवे को ख़्याल नहीं। इसी सबको लेकर शनिवार को देश के लगभग 50 हज़ार से अधिक संकेत  व दूरसंचार (S&T) विभाग के कर्मचारी  ‘इंडियन रेलवे एस एडं टी मैंटेनरर्स यूनियन’ (IRSTMU) के नेतृत्व में  प्रतिमाह बेसिक वेतन का 10% रिस्क अलाउंस तथा संपूर्ण भारतीय रेलवे के प्रत्येक SSE यूनिट में नाइट ड्यूटी फेलियर गैंग की स्थापना के समर्थन में संपूर्ण भारतीय रेलवे में ब्लैक डे यानी ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया।

S&T विभाग के सभी कर्मचारियों ने आज काली पट्टी बांधकर काम किया और अपना विरोध जताया। आप सोच रहे होंगे कि ये कर्मचारी आज 9 फरवरी को ही ब्लैक डे क्यों मना रहे हैं? ऐसा क्या हुआ है?

तो आपको बता दें कि आज से ठीक एक साल पूर्व 9 फरवरी, 2018 को इस विभाग के  संजय शर्मा और मनोहर पंथी,  प्वाइंट के फेलियर को ठीक करने के दौरान राजधानी एक्सप्रेस से रन ओवर हो गये थे यानी काम के दौरान ट्रेन उन्हें रौंद गई। कर्मचारियों के मुताबिक इसके बाद भी उनके शवों के ऊपर से 19 ट्रेनें  पास की गईं। इस तरह के अमानवीय कृत्य ने सभी को झकझोर कर रख दिया।

IMG-20190209-WA0026.jpgनोट ;- यही वो जगह है जहाँ संजय शर्मा और मनोहर पंथी एक साल पहले  रन ओवर हुए थे |

IRSTMU का कहना है कि इस घटना से  कर्मचरियों  का मनोबल बहुत ही कम हो चुका है। हर साल औसतन दो दर्जन (24) से अधिक S&T विभाग के कर्मचारी रन ओवर या ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मारे जाते हैं। अभी दो दिन पहले 7 फरवरी को पूर्व तटीय रेलेवे रूट पर एक कर्मचारी रन ओवर हो गया। इतना ही नहीं कर्मचारी LC गेट की मरम्मत या फेलियर के दौरान स्थानीय लोगों की मारपीट का शिकार होते हैं। इसमें भी कई कर्मचारियों की मौत हो चुकी है।

आधे स्टाफ से चल रहा S&T विभाग  सरकार लोगों की भर्ती के बदले आंकड़ों से खेल रही है

एक S&T कर्मचारी द्वारा पिछले वर्ष लगाए गए आरटीआई के जवाब में रेलवे विभाग ने बताया कि इस विभाग में 80 हज़ार पद रिक्त हैं। यानी जितने कर्मचारी काम कर रहे हैं उससे अभी दोगुने से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है लेकिन विभाग आधे से भी कम कर्मचारियों से काम करा रहा है।

इसे भी पढ़े :- अच्छे दिन ?, 2 करोड़ युवा 1 लाख रेल नौकरियों के लिए आवेदन कर रहे हैं

यूनियन के नेता का कहना है कि सरकार और रेलवे विभाग इस आंकड़ें को सुधारने के लिए लगातार कर्मचारियों के काम करने की क्षमता को बढ़ा रहा है यानी उनसे अतिरिक्त काम ले रहा है, जिससे कर्मचरियों की आवश्यकता कम दिखे। इसे इस तरह समझिए :-

रेलवे में  S&T विभाग में कितने कर्मचारी चाहिए इसके लिए एक मापदंड या यार्डस्टिक होता है, पहले 1200 डेसू पर 2 हेल्पर, 2 ईएसएम  और एक जेई होता था लेकिन सरकार ने अपने खाली पड़ पद के आंकड़ें सुधारने के लिए इसे बढ़ाकर 1500 डेसू कर दिया जिससे अब कर्मचारियों की जरूरत पहले से कम हो गई, लेकिन अब भी खाली पड़े पदों की संख्या काफी है। 

railway workers.jpgविरोध के दौरान काली पट्टी बांध कर कार्य करते कर्मचारी 

“कर्मचारियों का शोषण जारी”

यूनियन के महासचिव आलोक चन्द्र प्रकाश ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि रेल विभाग द्वारा कर्मचारियों से उनकी क्षमता से अधिक कार्य करा रहा है जिस कारण अधिकतर कर्मचारी कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। वो आगे कहते हैं S&T कर्मचारियों ड्यूटी का कोई समय निर्धरित नहीं है और अपने कार्य अवधि के बाद कभी भी जब भी सिग्नल फेलियर हो जाता है तब भी हमें जाना पड़ता है। इसके बदले में हमे कोई भत्ता नहीं दिया जाता है जो कि कार्य और आराम की अवधि HOER, 2005 के नियमों का उल्लंघन है  और यदि नींद में किसी कर्मचारी से कोई गलती हो जाती है तो चार्जशीट, सस्पेंशन जैसी चीजों का सामना करना पड़ता है  और तो और कई बार तो नौकरी से निकाल दिया गया है।

इसे भी पढ़े :- रेलगाड़ियों में ड्राईवर के लिए अबतक शौचालय नहीं!

यूनियन का कहना है कि हमारे द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार S&T विभाग में सबसे ज्यादा चार्जशीट करीब 70% निम्न स्तर के कर्मचारियों को दी जा रही है। इतना ही नहीं S&T विभाग के कर्मचारी की बिना ड्यूटी रोस्टर के काम करने की वज़ह से अनियमित जीवन प्रणाली के कारण संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारी हृदय रोग, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।

संगठन के अध्यक्ष नवीन कुमार ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को बेसिक का 10% प्रतिमाह रिस्क अलाउंस के लिए जब भी रेलवे से बात करते है तो वो बोलते हैं कि यह आपके काम का हिस्सा है। इसके लिए कोई भत्ता क्यों दिया जाए। परन्तु रेलवे के रंनिग स्टाफ को रिस्क अलाउंस मिलता है तो हमें क्यों नहीं, जबकि उनसे ज्यादा ख़तरा हमारे काम में है। यह संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों का अधिकार है।

इसे भी पढ़े :-आख़िर क्यों हुआ रेल मंत्री पीयूष गोयल का विरोध?

आगे वो कहते हैं कि रेलवे तथा यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे के सभी  सीनियर सेक्शन इंजीनयर (SSE) यूनिट में नाईट ड्यूटी फेलियर गैंग की स्थापना तुरन्त की जानी चाहिए।यूनियन ने कहा कि कई सांसदों ने भी रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर S&T विभाग के कर्मचारियों का दर्द बताया है। बावजूद इसके अभी तक प्रशासन के आश्वासन के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

 

 

indian railways
piyush goyal
railway minister
Indian Railways S&T Maintainers' Union

Related Stories

ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट बहाल करें रेल मंत्री: भाकपा नेता विश्वम

केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार

कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?

रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक

भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा

निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!

भारत में नौकरी संकट जितना दिखता है उससे अधिक भयावह है!

अब उद्योगपति भी "देशद्रोही"?

रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कल!

कोलकाता मेट्रो ने 2500 से अधिक अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी की


बाकी खबरें

  • Modi yogi
    अजय कुमार
    आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 
    14 Mar 2022
    आख़िर किस तरह के झूठ का जाल भाजपा 24 घंटे लोगों के बीच फेंकने काम करती है? जिससे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे राज्यों में भी उसकी सरकार बार बार आ रही है। 
  • रवि शंकर दुबे
    पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?
    14 Mar 2022
    मैदान से लेकर पहाड़ तक करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है, ऐसे में देखना होगा कि बुरी तरह से लड़खड़ा चुकी कांग्रेस गुजरात, हिमाचल और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए…
  • अजय गुदावर्ती
    गुजरात और हिंदुत्व की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    14 Mar 2022
    एक नई किताब औद्योगिक गुजरात में सांप्रदायिकता की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की परख करती है। इससे मिली अंतर्दृष्टि से यह समझने में मदद मिलती है कि हिंदुत्व गुजरात की अपेक्षा अविकसित उत्तर प्रदेश में कैसे…
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानून का उल्लंघन कर फेसबुक ने चुनावी प्रचार में भाजपा की मदद की?
    14 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार बात कर रहे हैं एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा की गयी पड़ताल से ये सामने आया है की Facebook ने हमेशा चुनाव के दौरान BJP के पक्ष में ही प्रचार किया है। देखें…
  • misbehaved with tribal girls
    सोनिया यादव
    मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
    14 Mar 2022
    मध्य प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में नंबर एक पर है। वहीं महिला अपराधों के आंकड़ों को देखें तो यहां हर रोज़ 6 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License