NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
रक्षा उत्पादन सचिव के आश्वासन पर ऑर्डिनेंस कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित
जेएसी के बयान के अनुसार, सीडीआरए ने "रक्षा विभाग पर विश्वास कर निर्णय लिया है और कर्मचारी 26/08/2019 के 6.00 बजे से काम फिर से शुरू करेंगे।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Aug 2019
ordanance factory board

41 ऑर्डिनेंस फैक्ट्री यानी आयुध कारखानों के एक लाख से अधिक रक्षा असैन्य कर्मचारियों की एक महीने की देशव्यापी हड़ताल 26 अगस्त से स्थगित कर दी जाएगी। यह निर्णय संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) द्वारा लिया गया है, जिसमें तीन मान्यता प्राप्त यूनियन शामिल हैं, जो हड़ताल का नेतृत्व कर रही हैं। यह निर्णय 23 अगस्त को आयोजित एक बैठक के बाद लिया गया, जो रक्षा उत्पादन सचिव द्वारा बुलाई गई थी।

जेएसी द्वारा जारी बयान के अनुसार, फेडरेशन और कन्फेडरेशन ऑफ़ डिफेंस रेकॉग्नीज़ेंड एसोसिएशन (सीडीआरए) ने "रक्षा विभाग पर विश्वास कर निर्णय लिया है और कर्मचारी 26/08/2019 के 6.00 बजे से काम फिर से शुरू करेंगे।"

निर्णय रक्षा उत्पादन सचिव द्वारा दिए गए आश्वासनों पर विचार करने के बाद लिया गया है, उन्होंने बताया कि आयुध निर्माणी बोर्ड के निगमीकरण के बारे में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

फेडरेशन और सीडीआरए द्वारा व्यक्त चिंताओं पर विचार के लिए एक उच्च स्तरीय आधिकारिक समिति का गठन किया जाएगा।

फेडरेशन और सीडीआरए के नेतृत्व ने केंद्रीकृत कार्रवाई कार्यक्रमों के बारे में निर्णय लेने के लिए 15 दिनों के बाद मिलने का फैसला किया।

बयान में कहा गया है कि इस बीच, स्थानीय स्तर पर आयुध कारखानों के निगमीकरण के खिलाफ अभियान "उसी जोश के साथ जारी रहना चाहिए।"

भारतीय आयुध कारखानों के 218 वर्षों के इतिहास में, 20 अगस्त से शुरू हुई 'ऐतिहासिक' महीने की हड़ताल, श्रमिकों की भागीदारी की संख्या के मामले में सबसे बड़ी थी।

हड़ताल की सबसे बड़ी मांग आयुध कारखाना बोर्ड को मोदी 2.0 सरकार के 100 दिनों के कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में निगम / सार्वजनिक उपक्रम में परिवर्तित करने के खिलाफ है।

इस हड़ताल को सभी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन था, हड़ताल को तीनों मान्यता प्राप्त यूनियन, यानी अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF), भारतीय राष्ट्रीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (INDWF) और यहाँ तक कि RSS से जुड़े भारतीय प्रतिहार मजदूर संघ (BPMS) का समर्थन प्राप्त था।

82,000 रक्षा नागरिक कर्मचारियों और 40,000 अनुबंध कर्मचारियों के साथ, सभी ने पिछले पांच दिनों से मोदी सरकार के निगमीकरण कदम के खिलाफ हड़ताल की और अपनी आवाज बुलंद की। मीडिया रिपोर्ट में यह अनुमान आने लगे थे कि अगर हड़ताल जारी रहती है तो, जल्द ही रक्षा उत्पादन के शून्य स्तर पर पहुंच जाएगा। इसके अन्य नुकसान के अनुमान भी सामने आने लगे थे।

इससे पहले दो बैठकें - एक 21 अगस्त को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ और दूसरी 23 अगस्त को रक्षा उत्पादन सचिव के साथ आयोजित की गई, जिसमें इस दौरान कर्मचारी महासंघों ने आयुध निर्माणी बोर्ड के निगमीकरण से संबंधित मामलों पर चिंता जताई। इसके आलावा संस्थाओं के लिए "वर्तमान सेटअप में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए" अन्य मुद्दों जिसमें कर्मचारियों के लाभ और भविष्य से संबंधित मुद्दों पर एक चर्चा हुई। जैसा कि अब हड़ताल स्थगित हो गई है, रक्षा मंत्रालय और कर्मचारी संघों के बीच एक बार फिर से बातचीत की प्रक्रिया शुरू होगी।

हड़ताल को देश के हर कोने और वर्ग से समर्थन मिला था। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने अपने सभी संबद्ध यूनियनों और स्वतंत्र महासंघों को 27 अगस्त को हड़ताली रक्षा कर्मचारियों के साथ अपनी एकजुटता दिखाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया था। इसके अलावा, रेलवे, बैंक और आयकर कर्मचारी संघों द्वारा भी समर्थन का आह्वान किया था।

Ordnance Factory Board
Civilian Defence Employees
Workers Strike
OFB Workers Strike
Civilian Defence Employees Strike
Confederation of Defence Recognised Associations
Secretary of Defence Production
Ministry of Defence

Related Stories

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

ओएफबी: केंद्र के ‘कड़े’ अध्यादेश के ख़िलाफ़ रक्षा महासंघों ने अखिल भारतीय काला दिवस मनाने का फ़ैसला किया


बाकी खबरें

  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक : …अब साइकिल भी आतंकवादी हो गई...और कूकर...और मोटरसाइकिल!
    21 Feb 2022
    एक चुनाव की ख़ातिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साइकिल को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश आमतौर पर पसंद नहीं की जा रही है। मज़दूर-कामगार के लिए तो आज भी साइकिल ही उनकी मोटरसाइकिल और कार है। सोशल…
  • lalu
    भाषा
    चारा घोटाला : डोरंडा कोषागार गबन मामले में दोषी लालू प्रसाद यादव को पांच साल कैद की सज़ा
    21 Feb 2022
    रांची स्थित विशेष सीबीआई अदालत  ने डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये के गबन के मामले में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को पांच साल कैद और 60 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी।
  • up
    अजय कुमार
    यूपी से बाहर का मतलब केवल बंबई और दिल्ली नहीं है बल्कि सऊदी, ओमान और कतर भी है!
    21 Feb 2022
    "योगी के समर्थक योगी के पांच काम गिनवा देंगे तो मेरा वोट योगी को चला जाएगा।"
  • hum bharat ke log
    नाज़मा ख़ान
    हम भारत के लोग: देश अपनी रूह की लड़ाई लड़ रहा है, हर वर्ग ज़ख़्मी, बेबस दिख रहा है
    21 Feb 2022
    नफ़रत के माहौल में तराने बदल गए, जिस दौर में सवाल पूछना गुनाह बना दिया गया उस दौर में मुसलमानों से मुग़लों का बदला तो लिया जा रहा है। लेकिन रोटी, रोज़गार, महंगाई के लिए कौन ज़िम्मेदार है ये पूछना तो…
  • European Union
    अब्दुल रहमान
    यूरोपीय संघ दुनियाभर के लोगों के स्वास्थ्य से बढ़कर कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता देता है 
    21 Feb 2022
    अपनी आबादी के अधिकांश हिस्से का टीकाकरण हो जाने के बावजूद कोविड-19 संबंधित उत्पादों पर पेटेंट छूट को लेकर अनिच्छा दिखाते हुए यूरोपीय संघ के नेतृत्व ने एक बार फिर से बिग फार्मा का पक्ष लिया है और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License