NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
रोहिंग्या शरणार्थियों को बेंत मारने की सज़ा रोकने के लिए मलेशिया से मानवाधिकार समूह ने मांग की
शरणार्थियों को दी गई बेंत मारने सज़ा के ख़िलाफ़ एक अपील को लेकर उच्च अदालत में सुनवाई होगी इस बीच शरण चाहने वालों पर मलेशिया की कार्रवाई को लेकर हाल ही में इसकी आलोचना की गई है।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jul 2020
samu

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मलेशिया की एक स्थानीय अदालत द्वारा शरण चाहने वाले रोहिंग्या को हाल में सुनाई गई ''क्रूर'' और ''बर्बर'' सज़ा को समाप्त करने की मांग की है। गिरफ़्तार शरणार्थियों की तरफ से पेश होने वाले मानवाधिकार वकील कोलिन एंड्रयू के अनुसार, मंगलवार 21 जुलाई को कहा गया कि शरण चाहने वाले रोहिंग्या के एक समूह के खिलाफ बेंत से मारने की सज़ा (caning sentence ) को समाप्त करने की अपील स्वीकार कर ली गई है।

जून महीने में 40 रोहिंग्याओं को जेल की सजा सुनाई गई थी जिनमें से 20 लोगों को मलेशिया के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के लंगकावी ज़िले की एक अदालत ने बेंत मारने की सजा सुनाई थी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल के मलेशिया के शोधकर्ता रैचेल छोआ-होवार्ड ने एएफपी को बताया, "ये रोहिंग्या म्यांमार से बच गए हैं लेकिन दूसरे ख़तरे को मोल ले लिया है ... बेंत मारना एक बर्बर प्रथा है जो उत्पीड़न, अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार को बढ़ाता है और मलेशिया को ऐसी सज़ा का इस्तेमाल करना रोकना होगा।"

अप्रैल महीने में अधिकारियों ने लगभग 202 रोहिंग्याओं को ले जाने वाली एक शरणार्थी नाव को ज़ब्त किया था। तब से 31 पुरुषों और 9 महिलाओं को वैध परमिट के बिना नाव से आने से आव्रजन कानूनों का उल्लंघन करने के लिए सात महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई है। उनमें से 20 पुरुषों को जेल की सज़ा के साथ-साथ हर एक को तीन बार बेंत मारने की सजा सुनाई गई जबकि उनमें से 14 नाबालिगों को वर्तमान में अलग से सज़ा सुनाई गई है।


मानवाधिकार वकील 2 लड़कियों सहित 6 किशोरों के ख़िलाफ़ ग़लत तरीक़े से गिरफ़्तारी को लेकर केस लड़ रहे हैं। इन किशोरो को हिरासत में लिए गए वयस्क शरणार्थियों की तरह सज़ा सुनाई गई थी।

मार्च के बाद से मलेशियाई अधिकारी COVID-19 महामारी को लेकर देश में बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासियों और शरण चाहने वालों पर कार्रवाई करते रहे हैं। शरण चाहने वालों के किसी भी अधिकार को मान्यता नहीं देने वाले मलेशिया में कथित तौर पर रोहिंग्याओं की गिरफ़्तारी और हिरासत में तेज़ी देखी गई है। कई अनुमानों के अनुसार वर्तमान में 1,000 से अधिक शरणार्थियों को अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया है जबकि शरणार्थी से भरे कई नाव समुद्र में फंसी हुई थी

COVID-19
rohingya refugee
asean summit
mayanmaar. indenosia

Related Stories

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?

डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सिन का निलंबन भारत के टीका कार्यक्रम के लिए अवरोधक बन सकता है

श्रीलंका संकट: दर्द भी क़र्ज़ और दवा भी क़र्ज़

भारतीय अर्थशास्त्री जयती घोष संयुक्त राष्ट्र आर्थिक-सामाजिक समिति के उच्च स्तरीय सलाहकार बोर्ड में शामिल

लॉकडाउन में लड़कियां हुई शिक्षा से दूर, 67% नहीं ले पाईं ऑनलाइन क्लास : रिपोर्ट

शीर्ष कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं ने गरीब देशों को निराश किया


बाकी खबरें

  • Lenin
    अनीश अंकुर
    लेनिन: ‘‘कल बहुत जल्दी होता... और कल बहुत देर हो चुकी होगी... समय है आज’’
    22 Apr 2022
    लेनिन के जन्म की 152वीं सालगिरह पर पुनर्प्रकाशित: कहा जाता है कि सत्रहवी शताब्दी की अंग्रेज़ क्रांति क्रामवेल के बगैर, अठारहवीं सदी की फ्रांसीसी क्रांति रॉब्सपीयर के बगैर भी संपन्न होती लेकिन बीसवीं…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,451 नए मामले, 54 मरीज़ों की मौत 
    22 Apr 2022
    दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को बूस्टर डोज मुफ्त देने का ऐलान किया है। 
  • पीपल्स डिस्पैच
    नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर
    22 Apr 2022
    जर्मनी, कनाडा, यूके, नीदरलैंड और रोमानिया उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने यूक्रेन को और ज़्यादा हथियारों की आपूर्ति का वादा किया है। अमेरिका पहले ही एक हफ़्ते में एक अरब डॉलर क़ीमत के हथियारों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    सामूहिक विनाश के प्रवासी पक्षी
    22 Apr 2022
    रूसियों ने चौंकाने वाला दावा किया है कि, पेंटागन की जैव-प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए डिजिटलीकृत प्रवासी पक्षी वास्तव में उनके क़ब्ज़े में आ गए हैं।
  • रश्मि सहगल
    उत्तराखंड समान नागरिक संहिता चाहता है, इसका क्या मतलब है?
    21 Apr 2022
    भाजपा के नेता समय-समय पर, मतदाताओं का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने के लिए, यूसीसी का मुद्दा उछालते रहते हैं। फिर, यह केवल एक संहिता का मामला नहीं है, जो मुसलमानों को फिक्रमंद करता है। यह हिंदुओं पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License