NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रफ़ाल पर संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मोर्चाबंदी, कथित टेप को लेकर हंगामा
लोकसभा में हंगामा उस समय शुरू हुआ, जब राहुल गांधी ने अपना मोबाइल फोन उठाया और रिकॉर्डेड बातचीत को बजाना चाहा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Jan 2019
सांकेतिक तस्वीर

रफ़ाल विमान मुद्दे पर बुधवार को जहां लोकसभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ, वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए याचिका दायर की गई।

आपको बता दें कि शीर्ष न्यायालय ने 14 दिसम्बर को दिए फैसले में सरकार को कथित तौर पर क्लीन चिट दी थी, जिस पर पुनर्विचार करने के लिए पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा, पत्रकार से नेता बने अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने समीक्षा याचिका दाखिल की है।

उधर आज दिन भर इस मामले में लोकसभा में हंगामा होता रहा। लोकसभा में रफ़ाल मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अन्नाद्रमुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'बचाने' का आरोप लगाया। कावेरी जल विवाद को लेकर अन्नाद्रमुक सदस्यों द्वारा नारेबाजी और शोरगुल के बीच लोकसभा में राफेल लड़ाकू सौदे पर तीखी बहस शुरू हुई।

राफेल सौदे को लेकर मोदी पर हमला बोलते हुए गांधी ने प्रदर्शनकारी तमिलनाडु के सांसदों के संदर्भ में कहा, "यह एक दुखद घटना है कि अन्नाद्रमुक के हमारे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।"
फ्रांस निर्मित विमानों की कीमत गोपनीय रखने पर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के दावे पर भी उन्होंने निशाना साधा।

गांधी ने कहा, "रक्षामंत्री अन्नाद्रमुक के पीछे छिपी हुई हैं। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि कीमत गोपनीयता के दायरे में है। लेकिन उनकी बात फ्रांस के राष्ट्रपति की बात से विरोधाभासी है, क्योंकि राष्ट्रपति ने कहा था कि कीमत गोपनीयता के दायरे में नहीं है।"
आज सबसे ज़्यादा हंगामा उस कथित टेप को लेकर रहा जिसमें रफ़ाल सौदे के बारे में गोवा के एक मंत्री और एक अज्ञात व्यक्ति के बीच बातचीत रिकार्ड है।

लीक ऑडियो में सुनिए : गोवा की भाजपा सरकार के मंत्री @visrane ने बातचीत में खुलासा किया कि गोवा के मुख्यमंत्री @manoharparrikar के पास #RafaleScam से जुड़े राज मौजूद हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।#RafaleAudioLeak pic.twitter.com/LE9wyyNIeO

— Congress (@INCIndia) January 2, 2019

लोकसभा में हंगामा उस समय शुरू हुआ, जब राहुल गांधी ने अपना मोबाइल फोन उठाया और रिकॉर्डेड बातचीत को बजाना चाहा। इस दौरान वित्तमंत्री अरुण जेटली सहित सत्ताधारी सदस्यों ने इसका सख्त विरोध किया। जेटली ने आरोप लगाया कि फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैंक्रों के बारे झूठ बोलने के बाद राहुल गांधी अब उस बातचीत को बजाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके बारे में वह जानते हैं कि वह झूठ है।

हंगामा जारी रहने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने गांधी से कथित बातचीत को सत्यापित करने के लिए कहा और उनसे सख्त लहजे में कहा कि वह कोई रिकॉर्डिग न बजाएं।

इस पर राहुल ने कहा, "वे इतना डर गए हैं, तो मैं टैप नहीं बजाऊंगा, लेकिन" उन्होंने कहा कि वह रिकॉर्डेड बातचीत को पढ़ेंगे।

जेटली ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि गांधी जानते हैं कि यह झूठ है और इसलिए वह इसे सत्यापित करने से इंकार कर रहे हैं।

दोनों पक्षों के बीच गरमागरम बहस होते देख लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

उधर गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने बुधवार को कहा कि रफ़ाल सौदे के बारे में गोवा के एक मंत्री और एक अज्ञात व्यक्ति के बीच बातचीत की ऑडियो क्लिप तथ्यों की झूठी कहानी गढ़ने का कांग्रेस द्वारा किया गया एक 'निराशाजनक प्रयास' है और ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई थी। 

पूर्व रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया, "कांग्रेस द्वारा जारी ऑडियो क्लिप राफेल पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से कांग्रेस का झूठ उजागर होने के बाद तथ्यों को झूठा गढ़ने की उनकी निराशाजनक कोशिश है। कैबिनेट बैठक या किसी और बैठक में अब तक ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई।"

इससे पहले, बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे और एक अन्य शख्स के बीच हुई कथित बातचीत का ऑडियो रिलीज किया, जिसमें राणे कहते सुने जा रहे हैं कि एक कैबिनेट बैठक में पर्रिकर ने कहा था कि उनके आवास के बेडरूम में उनके पास राफेल सौदे से संबंधित फाइलें हैं। दूसरे शख्स की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।

राणे ने दावा किया कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और उन्होंने मामले की जांच पुलिस और केंद्र सरकार की एजेंसियों द्वारा कराने की मांग की। 

पूर्व कांग्रेस नेता राणे ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उनका सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच चल रहे सत्ता के खेल के एक मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर्रिकर से कथित ऑडियो बातचीत के स्रोत और यह कैसे वायरल हुआ, इसकी जांच कराने के लिए राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा, "जो ऑडियो वायरल हो रहा है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। मुख्यमंत्री को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को इसकी जांच के निर्देश देने चाहिए। मनोहर पर्रिकर ने राफेल पर कभी बात नहीं की थी।"
उन्होंने आगे कहा, "मैंने अमित शाह से इस ऑडियो की राष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। मैं किसी भी तरह का स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार हूं।

कांग्रेस ने इससे पहले भी आरोप लगाया है कि एडवांस्ड पैंक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित पर्रिकर मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार कर रहे हैं और इस विवादास्पद सौदे से संबंधित फाइलों के जरिए वह प्रधानमंत्री को 'ब्लैकमेल' कर रहे हैं। 
(कुछ इनपुट आईएएनएस)

Rafale deal
rafale scam
lok sabha
Rahul Gandhi
#RafaleAudioLeak
Narendra modi
Manohar Parrikar
Supreme Court
prashant bhushan
arun shourie
yashwant sinha

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License