NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
भारत
राजनीति
रुक नहीं रही राम के नाम पर हिंसा, इमाम से मारपीट के विरोध में प्रदर्शन  
 इमाम इमलाक-उर-रहमान की दाढ़ी कथित रूप से खींचने और उन्हें जबरन ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए मजबूर करने के सिलसिले में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jul 2019
mufti imlak ur rahman

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जिले में एक इमाम के साथ कथित रूप से मारपीट करने और उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए बाध्य करने के विरोध में जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जमीयत ने घटना के खिलाफ रविवार को प्रदर्शन किया।

उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी में विफल रहने पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी।

इमाम इमलाक-उर-रहमान की दाढ़ी कथित रूप से खींचने और उन्हें जबरन ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए मजबूर करने के सिलसिले में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इमाम शनिवार को बाइक से अपने गांव जा रहे थे। रास्ते में 12 युवकों ने उन्हें रोका, उनके साथ मारपीट की और उनकी दाढ़ी खींची।

पुलिस ने बताया कि इमाम के चीखने पर गांव के दो लोगों ने उन्हें बचाया।

आपको बता दें कि इन दिनों देश के साथ उत्तर प्रदेश में ‘जय श्रीराम’ को लेकर आतंक फैलाने और मारपीट करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अभी बीते गुरुवार को उत्तर प्रदेश के उन्नाव में ‘जय श्री राम’ न बोलने पर मदरसे के छात्रों की पिटाई का मामला सामने आया था। यहां मदरसा दारुल उलूम फ़ैज़-ए-आम के छात्र जीआईसी के मैदान पर क्रिकेट मैच खेलने गये थे। इन छात्रों का आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों ने उन्हें बल्ले से पीट दिया और उनपर पथराव भी किया। घायल छात्रों का कहना था कि हमला करने वाले लोगों ने पहले तो उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए मजबूर किया, फिर उनकी पिटाई कर दी। छात्रों के मुताबिक उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए और उनकी साइकिल तोड़ दी गई।

इसे पढ़ें : उन्नाव में ‘जय श्री राम’ न बोलने पर मदरसे के छात्रों की पिटाई

यही नहीं इससे पहले भी लगातार ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। झारखंड का तबरेज़ हत्याकांड को पूरे देश में सुर्खी बना। और उसके इंसाफ की मांग को लेकर तो आज भी जगह-जगह आवाज़ें उठ रही हैं।

(भाषा के इनपुट के साथ)

 

mufti imlak ur rahman
jay shri ram
hindutva terorr
Hindutva Agenda

Related Stories

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

ख़बरों के आगे पीछे: हिंदुत्व की प्रयोगशाला से लेकर देशभक्ति सिलेबस तक

मथुरा: शाही ईदगाह पर कार्यक्रम का ऐलान करने वाले संगठन पीछे हटे, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

अख़लाक़ मॉब लिंचिंग को चार साल: इंसाफ़ तो छोड़िए, अभी आरोप भी तय नहीं

उन्नाव में ‘जय श्री राम’ न बोलने पर मदरसे के छात्रों की पिटाई

अब लिंचिंग के लिए गाय के बहाने की भी ज़रूरत नहीं रही

जलती ट्रेन के फैसले से उठते सुलगते मुद्दे!


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License