NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
राजनीति
राहत पैकेज के नाम पर हवा-हवाई
मंगलवार को प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ के कथित पैकेज का ऐलान किया. बुधवार को वित्त मंत्री ने उसका ब्योरा पेश किया. आगे भी करेंगी. पैकेज की असलियत बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश:
न्यूज़क्लिक टीम
14 May 2020

कोविड-19 अभूतपूर्व आपदा है. दुनिया के अनेक देश इससे जूझ रहे हैं. वे लोगों को बचाने के लिए बड़े-बड़े पैकेज दे रहे हैं पर अपने देश में राहत के नाम पर हमारी सरकार ठोस कम, हवाई बातें ज्यादा कर रही है. मंगलवार को प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ के कथित पैकेज का ऐलान किया. बुधवार को वित्त मंत्री ने उसका ब्योरा पेश किया. आगे भी करेंगी. पैकेज की असलियत बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश:

COVID 19
Coronavirus
BJP RSS
Narendra modi

Related Stories

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक

कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते

ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल मॉडल ऑफ़ गवर्नेंस से लेकर पंजाब के नए राजनीतिक युग तक

उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!


बाकी खबरें

  • जंगल में भ्रष्टाचार: ज़्यादा जोखिम, कम मज़दूरी और शोषण के शिकार तेंदू पत्ता तोड़ने वाले आदिवासी
    विजय विनीत
    जंगल में भ्रष्टाचार: ज़्यादा जोखिम, कम मज़दूरी और शोषण के शिकार तेंदू पत्ता तोड़ने वाले आदिवासी
    10 Aug 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट:  लहकती धूप में तेंदू पत्ता तोड़कर चंदौली के नौगढ़ इलाके के आदिवासी गर्मी के दिनों में रोजगार  पाते हैं। सरकार की ओर से पीने का पानी, झोला और गुड़ मिलता रहा है, लेकिन ये सुविधाएं…
  • किसान संसद ने सर्वसम्मति से मोदी सरकार के ख़िलाफ़ पास किया अविश्वास प्रस्ताव, कॉरपोरेट छोड़ें भारत
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान संसद ने सर्वसम्मति से मोदी सरकार के ख़िलाफ़ पास किया अविश्वास प्रस्ताव, कॉरपोरेट छोड़ें भारत
    09 Aug 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने 13 दिन से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रही किसान संसद के आख़िरी दिन मोदी सरकार के ख़िलाफ़ पारित किये गये प्रस्ताव पर रिपोर्ट की। आज 9 अगस्त के ऐतिहासिक…
  • भारत बचाओ: जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत बचाओ: जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन
    09 Aug 2021
    कृषि कानून, लेबर कोड और देश में मौजूद तमाम अधिकारों पर जारी हमले के खिलाफ आज मज़दूर, किसान और तमाम जनसंगठन भारत बचाओ दिवस के तहत देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं । पेश है न्यूज़क्लिक की दिल्ली से…
  • किसान संसद : महिला किसानों की ललकार, गद्दी छोड़े मोदी सरकार
    भाषा सिंह
    किसान संसद : महिला किसानों की ललकार, गद्दी छोड़े मोदी सरकार
    09 Aug 2021
    बात बोलेगी: महिला किसान नेताओं ने महात्मा गांधी द्वारा 1942 में 9 अगस्त को दिए गए ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ के नारे को याद करते हुए ‘मोदी गद्दी छोड़ो, कॉरपोरेट देश छोड़ो’ के नारे के साथ मोदी सरकार के…
  • बच्चों को लॉन्ग कोविड होने की संभावना काफ़ी कम : लैंसेट अध्ययन
    संदीपन तालुकदार
    बच्चों को लॉन्ग कोविड होने की संभावना काफ़ी कम : लैंसेट अध्ययन
    09 Aug 2021
    द लैंसेट में छपे हालिया अध्ययन में बताया गया है कि कोविड से संक्रमित हुए बच्चे 1 हफ़्ते से भी कम समय में ठीक हो रहे हैं, और उनमें लॉन्ग कोविड होने की संभावना काफ़ी कम है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License