NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ऋषिकेश एम्स में प्रो. जीडी अग्रवाल के अंतिम दर्शन की सशर्त इजाज़त
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले 10 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को ऋषिकेश एम्स जाकर स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे। एक दिन में 10-10 की संख्या में केवल 50 लोग दर्शन कर सकेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Nov 2018
सांकेतिक तस्वीर

सुप्रीम कोर्ट ने प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन की इजाज़त दे दी है। लेकिन उनका शरीर हरिद्वार के मातृ सदन नहीं लाया जा सकेगा, बल्कि लोगों को ऋषिकेश स्थिति एम्स जाकर उनके अंतिम दर्शन करने होंगे।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ शुक्रवार सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस आशय की याचिका का निपटारा करते हुए कुछ शर्तों के साथ यह आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि अगले 10 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को ऋषिकेश एम्स जाकर स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे। एक दिन में 10-10 की संख्या में केवल 50 लोग दर्शन कर सकेंगे।

याचिका डॉ. विजय वर्मा की ओर से दायर की गई थी। आपको बता दें कि डॉ. वर्मा की एक पीआईएल पर नैनीताल हाईकोर्ट ने 26 अक्टूबर को स्वामी सानंद का शरीर हरिद्वार मातृ सदन लाने और अंतिम संस्कार किये जाने का फैसला सुनाया था। उसी शाम एम्स ऋषिकेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे लगा दिया। इसके बाद डॉ. वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिस पर शीर्ष अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख शुक्रवार, 2 नवंबर तय कर दी।

प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद ने गंगा की स्वच्छता और अविरलता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। हरिद्वार का मातृ सदन आश्रम उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहता। मातृ सदन में गंगा की लड़ाई अब भी जारी है। स्वामी सानंद के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए 24 अक्टूबर 2018 से ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद अनशन पर बैठ गये हैं। उन्होंने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सारी जानकारी दी है।

मातृ सदन इस बात को बार-बार दुहरा रहा है कि स्वामी सानंद के प्राण अनशन करते हुए नहीं गए। आश्रम इसे एक तरह की हत्या मान रहा है। मातृ सदन से जुड़े ब्रह्मचारी दयानंद आरोप लगाते हैं कि वो मरने वाले नहीं थे, एम्स के डॉक्टरों ने उनकी हत्या की है।

मातृ सदन आश्रम चाहता था कि उन्हें स्वामी सानंद का शरीर मिल जाए ताकि वे अंतिम दर्शन और संस्कार कर सकें। जबकि ऋषिकेश एम्स का कहना था कि मौत से पूर्व उन्होंने अपना शरीर संस्थान को दान कर दिया था। इसलिए शरीर आश्रम को नहीं दिया जा सकता। उनका शरीर बर्फ़ में सुरक्षित रखा गया है। अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला कर दिया है। पार्थिव शरीर आश्रम को नहीं मिला है, लेकिन उसकी अंतिम दर्शन की मांग ज़रूर पूरी हो गई है। अगर इसी तरह मातृ सदन और प्रो. जीडी अग्रवाल की गंगा की स्वच्छता और अविरलता की मांग भी पूरी हो जाती तो उनकी जान न जाती और गंगा के साथ देश का भी भला हो जाता।

professor g d agarwal
SWAMI SANAND
rishikesh aiims
ganga bachao aandolan
national mission for clean ganga

Related Stories

नमामि गंगे : आत्मबोधानन्द को दिये आश्वासन में कितनी सच्चाई है?

क्या गंगा के लिए आत्मबोधानंद को भी ‘शहादत’ देनी होगी!

गंगा के साथ प्रो. जीडी के पार्थिव शरीर के लिए भी जंग जारी

मन नहीं चंगा तो कैसे साफ होगी गंगा!

गंगा के लिए प्रो. जीडी अग्रवाल ‘शहीद’


बाकी खबरें

  • union budget
    नेसार अहमद
    केंद्रीय बजट: SDG लक्ष्यों में पिछड़ने के बावजूद वंचित समुदायों के लिए आवंटन में कोई वृद्धि नहीं
    03 Feb 2022
    कुछ क्षेत्रों में मामूली वृद्धि को छोड़कर, कुल मिलाकर, बजट में वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित योजनाओं और व्यापक (अम्ब्रेला) कार्यक्रमों के लिए आवंटन में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की गई है…
  • NTPC
    ओंकार सिंह
    छात्रों-युवाओं का आक्रोश : पिछले तीन दशक के छलावे-भुलावे का उबाल
    03 Feb 2022
    इस साल के बजट में बेरोजगारी के हल के लिए किसी तरह की ठोस योजना नहीं।
  • Julian Assange
    अनीश आर एम
    ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित
    03 Feb 2022
    संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ लड़ते हुए एक ब्रिटिश जेल में 1,000 से ज़्यादा दिन बिता चुके विकिलीक्स के संस्थापक को तीसरी बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।
  • Aaj Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    बजट का संदेश: सरकार को जनता की तनिक परवाह नहीं!
    03 Feb 2022
    केंद्रीय बजट की आर्थिकी पर काफी चर्चा हो रही है. लेकिन इस बजट की हैरतंगेज राजनीति अपने ढंग की अनोखी और अविश्वसनीय है! बजट देश की आम जनता के हितों को नज़रंदाज़ करता है. किसी लोकतंत्र में ऐसा कम देखा…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1.72 लाख से ज़्यादा नए मामले, 1,008 मरीज़ों की मौत
    03 Feb 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 18 लाख 3 हज़ार 318 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License