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घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
सांप्रदियकता के खिलाफ दिल्ली में एडवा का कन्वेंशन
महिलाओं ने मोदी सरकार के इस कार्यकाल को देश में अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज में नफ़रत का ज़हर घोलाने वाली सरकार कहा। इनका यह भी कहना था कि ऐसा इससे पहले किसी सरकार ने नहीं किया था। इसलिए देश को बचाने के लिए उन्होंने सबसे अपील की कि वो भाजपा को वोट न दें।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Mar 2019
AIDWA

मोहम्मद साजिद के भतीजे दिलशाद, जिसे गुड़गांव में होली के दिन 20-25 लोगों की एक सनकी भीड़ द्वारा लाठियों और डंडों से पीटा गया था, उन्होंने बुधवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि वो और उनका पूरा परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर डरा हुआ है।

अखिल भारतीय जनवादी महिला समीती या एडवा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में, उन्होंने बताया कि इस हमले में उनका एक हाथ टूट गया है। साथ ही उनके सिर पर 18 टांके भी लगे हुए थे। दिलशाद ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, “हम अपने घर को बेचने और एक ऐसी जगह पर चले जाने की योजना बना रहे हैं ,जहाँ हम सुरक्षित महसूस करें। यह मुस्लिम बहुल क्षेत्र नहीं है। घटना के बाद से हमारा कोई भी बच्चा स्कूल नहीं जा सका है, न ही घर का कोई व्यक्ति काम पर जा पाया है। इस पूरी घटना के बाद से वहाँ रह रहे लोगों के बर्ताव में भी बदलाव आया है, कोई हम से बात नहीं कर रहा है, सभी लोग डरे हुए हैं।"  

AIDWA 1.jpg

उन्होंने बताया कि धूमसपुर गांव में रहने वाले हिंदू भी इस घटना से भयभीत हैं। “हमारे एक हिन्दू पड़ोसी  अपना घर बनवा रहे हैं, लेकिन वे भी अब अपना  मकान बेचने की सोच रहे हैं।"

इसके अलावा एडवा ने 2013 में मुज़फ़्फ़रनगर दंगे में हिम्मत और हौसला का परिचय देने वाली राखी और अज़रा का सम्मान किया। राखी उस समय केवल 12 वर्ष की थीं, अज़रा के घर को नष्ट कर दिया गया था, एक पागल भीड़ ने उनके लगभग काट दिये थे। राखी एक टाइम्स ऑफ़ इण्डिया की रिपोर्टर थीं, उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया और उस भयानक कर्फ़्यू के दौरान वे अज़रा को गंभीर हालत में अपने साथ दिल्ली लाई, जिसके बाद AIDWA ने उसका इलाज करवाया। आज अज़रा पूरी तरह से ठीक हैं। लेकिन राखी एक कैंसर रोगी थीं और उनकी मृत्यु हो चुकी है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें याद  किया।

हालंकि चुनावों की घोषणा कर दी गई है और अखिल जनवादी महिला समिति ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा कि वो भारत को नफ़रत फैलाने वालों से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाने का संकल्प लेती हैं। 12 साल की बच्ची अज़रा, जो एक साहसी पत्रकार राखी (जो दुर्भाग्य से अब और नहीं है) द्वारा बचाया गया था, उस उस खौफ़ को याद किया। एडवा ने इस दंगे में पीड़ित अज़रा के पुनर्वास में सहायता की, उसके पुनर्वास में मदद करते हुए, धन इकट्ठा किया था जिसे अब अज़रा को सौंप दिया है, वे अब 18 वर्ष की हो गई है। 

इस सभा में एडवा की राष्ट्रीय महासचिव मरियम धावले, दिल्ली राज्य सचिव आशा शर्मा, दिल्ली राज्य अध्यक्ष मैमुना मौल्ला सहित सी.पी.आई.एम. की पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात और सुभाषिनी अली शामिल हुई। सभी ने इस सभा को संबोधित किया और मोदी सरकार के इस कार्यकाल को देश में अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज में नफ़रत का ज़हर घोलाने वाली सरकार कहा। इनका यह भी कहना था कि ऐसा इससे पहले किसी सरकार ने नहीं किया था। इसलिए देश को बचाने के लिए उन्होंने सबसे अपील की कि वो भाजपा को वोट न दें। 

Image removed.

 

AIDWA
Gurgaon police
Communalism
muzaffarnagar riots
muzaffarnagar
Uttar pradesh
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