NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार: डॉ. साई कृष्णन सहित दर्जन भर वैज्ञानिक का चुनाव
सीएसआईआर के स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में इस सम्मान के लिये चुने गये वैज्ञानिकों में पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डा. के साईकृष्णन और दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग प्रतिरोध विज्ञान संस्थान के डा. सौमेन बसक शामिल हैं। इन्हें जीव विज्ञान के क्षेत्र में शांति स्वरुप भटनागर सम्मान दिया जायेगा।
भाषा
27 Sep 2019
CSIR
Image courtesy: Environment News South Africa

दिल्ली : विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये विज्ञान एवं ओद्यौगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा हर साल दिये जाने वाले प्रतिष्ठित सम्मान शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार 2019 की बृहस्पतिवार को घोषणा की गयी।

सीएसआईआर के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में इस सम्मान के लिये चुने गये वैज्ञानिकों में पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डा. के साईकृष्णन और दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग प्रतिरोध विज्ञान संस्थान के डा. सौमेन बसक शामिल हैं। इन्हें जीव विज्ञान के क्षेत्र में शांति स्वरुप भटनागर सम्मान दिया जायेगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डा. हर्षवर्धन की मौजूदगी में इन पुरस्कारों की घोषणा की गयी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सात विभिन्न श्रेणियों में इस सम्मान से वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया जाता है।

रसायन विज्ञान के क्षेत्र में इस साल के शांति स्वरूप भटनागर सम्मान के लिये आईआईटी मुंबई के डा. राघवन बी सुनोज और बेंगलुरु स्थित जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च के डा. तापस कुमार माजी को संयुक्त रूप से चुना गया है। पृथ्वी, वायुमंडल, महासागर और ग्रहीय विज्ञान के क्षेत्र में आईआईटी मुंबई के वैज्ञानिक डा. सुबिमल घोष और इंजीनियरिंग साइंस के क्षेत्र में बेंगलुरु स्थित माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया के डा. माणिक शर्मा को इस सम्मान से नवाजा जायेगा।

वहीं, गणित के क्षेत्र में चेन्नई स्थित गणितीय विज्ञान संस्थान के डा. दिशांत मयूरभाई पंचोली और कोलकाता स्थित भारतीय सांख्यकीय संस्थान की डॉ. नीना गुप्ता को तथा चिकित्सा क्षेत्र में दिल्ली स्थित जेनेटिक इंजीनियरिंग एवं बायोटेक्नोलॉजी केन्द्र के डॉ. धीरज कुमार तथा हैदराबाद स्थित एल वी प्रसाद नेत्र संस्थान के डा. मोहम्मद जावेद अली को यह सम्मान दिया जायेगा।

भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान के डा. अनिंदा सिन्हा और मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के डा. शंकर घोष को इस साल के शांति स्वरूप भटनागर सम्मान के लिये चुना गया है। 

CSIR
Shanti Swaroop Bhatnagar Award
Indian Institute of Science Education and Research

Related Stories

भारतीय विज्ञान में वामपंथ की अनकही कहानी

हरित पटाखे पूरी तरह से प्रदूषण-मुक्त नहीं हैं!


बाकी खबरें

  • Kejriwal
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब पुलिस का दिल्ली में इस्तेमाल करते केजरीवाल
    24 Apr 2022
    हर हफ़्ते की महत्वपूर्ण ख़बरों को लेकर एक बार फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    बर्तोल्त ब्रेख्त की कविता 'लेनिन ज़िंदाबाद'
    24 Apr 2022
    लेनिन की 152वीं जयंती के महीने में पढ़िए बर्तोल्त ब्रेख्त की कविता।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: जय…जय बुलडोजर देवता
    24 Apr 2022
    हमें ऐसा देवता चाहिए था जो न्याय करने से पहले ही सब कुछ देख ले। जो सजा सुनाने से पहले ही देख ले कि अभियुक्त का धर्म क्या है, जाति क्या है, ओहदा क्या है और रुतबा कितना है। और यह भी कि अभियुक्त की माली…
  • अरविंद दास
    फ़िल्म निर्माताओं की ज़िम्मेदारी इतिहास के प्रति है—द कश्मीर फ़ाइल्स पर जाने-माने निर्देशक श्याम बेनेगल
    24 Apr 2022
    जाने-माने फ़िल्म निर्माता और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाज़े गये श्याम बेनेगल ने बांग्लादेश के संस्थापक शेख़ मुजीबुर्रहमान की ज़िंदगी पर आधारित अपनी आने वाली बायोपिक फ़िल्म और दूसरे मुद्दों पर…
  • सीमा आज़ाद
    लाखपदर से पलंगपदर तक, बॉक्साइड के पहाड़ों पर 5 दिन
    24 Apr 2022
    हमने बॉक्साइड के पहाड़ों की अपनी पैदल वाली यात्रा नियमगिरी के लाखपदर से शुरू की और पलंगपदर पर समाप्त की। यह पांच दिन की यात्रा और यहां रहना एक ऐसा अनुभव है, जो प्रकृति के बारे में, धरती और जीवन के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License