NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
सारण 'लिंचिंग' : मृत युवक के परिजन अपनी होने वाली बहू की कराएंगे शादी
लड़के के घरवालों को सरकार से मुआवजा मिलने की उम्मीद है। लेकिन सरकार और प्रशासन ने इस घटना को "लिंचिंग" मानने से इनकार किया है और किसी भी तरह का मुआवज़ा देने की घोषणा नहीं की है।
उमेश कुमार राय
18 Aug 2019
paigambarpur village
लिंचिंग का शिकार हुए तीनों लोग पैगम्बरपुर गांव के रहनेवाले थे। (फोटो: उमेश कुमार राय)

पिछली 19 जुलाई को तड़के सारण (छपरा) ज़िला मुख्यालय से क़रीब 30 किलोमीटर दूर बनियापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में मवेशी चोरी के संदेह में भीड़ ने तीन लोगों की हत्या कर दी थी। इस वीभत्स घटना ने तीनों मृतकों के परिवार को कभी न ख़त्म होने वाला सदमा दे दिया। लेकिन, इन परिवारों के अलावा एक और परिवार है, जिस पर इस घटना से दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

दरअसल, उस दिन भीड़ का शिकार हुए तीन लोगों में एक विदेश नट (20) की जल्द ही शादी होने वाली थी। उसके लिए क़रीब40 किलोमीटर दूर एक गांव में लड़की देखी गई थी। दोनों पक्षों को लड़का और लड़की पसंद थे। मंगनी तक हो गई थी। दान-दहेज भी दिया जा चुका था। लड़की के पिता रमेश नट ने न्यूजक्लिक को बताया, “लड़के को चेन, अंगूठी और मोटरसाइकिल दे दी गई थी। बस शादी की तारीख़ तय होनी बाक़ी थी। हम लोग सितंबर में शादी करना चाहते थे। जल्दी ही तारीख़ निकलवाने वाले थे।”

photo2.jpg

विदेश नट की शादी तय हो गई थी। सितंबर महीने में शादी की तारीख निकाली जा रही थी। (फोटो: उमेश कुमार राय)

रमेश नट के पास अपनी ज़मीन नहीं है। वह ताड़ व खजूर से ताड़ी उतारते हैं और उनका बेटा मज़दूरी करता है। शादी की बात शुरू हुई थी, तो लड़का व लड़की दोनों ने एक दूसरे को देखा था और वे एक दूसरे को पसंद भी करते थे। विदेश नट ने मोटरसाइकिल की मांग की थी, तो रमेश इसके लिए तैयार हो गए थे।

उन्होंने कहा, “शादी के लिए मैंने क़र्ज़ लिया था और मंगनी से लेकर भोज-भात तक और गहन-ज़ेवरों पर दो लाख रुपए ख़र्च किया था।” लिंचिंग की घटना के बाद रमेश इस कदर सदमाग्रस्त हो गए थे कि उन्होंने विदेश नट के पिता गफ़ूर नट को यह तक कह दिया था कि वह उसे (बेटी को) अपने घर में विधवा बनाकर रख लें, क्योंकि उनके पास क़र्ज़ लेकर दोबारा शादी के लिए लड़का देखने की आर्थिक हैसियत नहीं है।

गफ़ूर नट ने न्यूज़क्लिक से कहा, “रमेश नट ने हमसे कहा था कि लड़की को विधवा बना कर अपने पास ही रख लें, लेकिन हम ऐसा कैसे कर सकते थे, सो हमने ये तय किया कि हम लोग ही उसकी (लड़की) शादी करवा देंगे।”

लिचिंग में विदेश की मौत और रमेश नट की आर्थिक हैसियत को देखते हुए गफ़ूर नट ने अपने समाज के लोगों से विचार-विमर्श किया। इसमें तय हुआ कि गफ़ूर नट लड़की की शादी का ज़िम्मा अपने ऊपर ले लें। विदेश के भाई शैलेश नट ने बताया, “हम लोगों ने लड़की के पिता से बात की है। हम लोगों ने फ़ैसला लिया है कि हम ही उसकी शादी करवाएंगे। उसके लिए ख़ुद लड़का देखेंगे और जितना भी ख़र्च होगा, हम लोग देकर उसकी शादी करवा देंगे।”

photo3.jpg

विदेश नट के भाई शैलेश नट का कहना है कि उसका भाई निर्दोष था। (फोटो: उमेश कुमार राय)

नट आदिवासी समुदाय के अंतर्गत आते हैं। इनका मूल पेशा मवेशी की ख़रीद फ़रोख्त है। इनके पास अपनी ज़मीन नहीं है। विदेश नट का घर पैग़म्बरपुर में है। पैग़म्बर में नट समुदाय के क़रीब 16 घर हैं और सभी मवेशियों की ख़रीद-बिक्री करते हैं।

19 जुलाई की घटना के संबंध में मृतकों के परिजनों का कहना है कि वे लोग मवेशी लाने के लिए ही पैग़म्बरपुर से क़रीब पांच किलोमीटर दूर पिठौरी गांव के नंदलाल टोले में गए थे। शैलेश नट के मुताबिक़, उनके चाचा राजू नट ने पिठौरी गांव के एक व्यक्ति से भैंस ख़रीदने का क़रार किया था और एडवांस के रूप में 15 हज़ार रुपए भी दे दिए थे। 19 जुलाई की सुबह क़रीब4.30 बजे राजू नट और विदेश नट उसी गांव के पिकअप वैन मालिक नौशाद आलम के साथ पिकअप वैन लेकर पिठौरी गांव गए थे। वहां भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया और पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने नंदलाल टोला निवासी बुध राम के घर के सामने से तीनों को ख़ून से लथपथ पाया था। उनके हाथ पीछे की तरफ़ बंधे हुए थे।

इस घटना को लेकर बनियापुर थाने में दो शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। पहली शिकायत बुध राम की तरफ़ से की गई थी,जिसमें तीनों को मवेशी चोर बताया गया था।

बुध राम ने अपनी शिकायत में कहा था कि वे लोग उनकी भैंस को खूंटे से खोल रहे थे, उसी वक़्त उनकी नींद खुल गई। उन्होंने शोर मचाया, तो क़रीब 100 लोग इकट्ठा हो गए और तीनों को पीटने लगे।

बुध राम ने शिकायत में ये भी लिखा था कि भैंस चुराते हुए पकड़े जाने पर वे घर में गए, तो देखा कि दो बकरियां भी ग़ायब हैं। शिकायत में ये दावा भी किया गया कि तीनों ने बकरियां चुराने की बात स्वीकार कर ली थी।

दूसरी तरफ़, नौशाद आलम, राजू नट और विदेश नट की तरफ़ से बनियापुर थाने में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि तीनों मवेशी ख़रीदने के लिए नंदलाल टोला गए थे, जहां भीड़ ने बेरहमी से पीट कर उनकी हत्या कर दी।

इस मामले में पुलिस भी यही मान कर चल रही है कि तीनों मवेशी चोर थे। सारण के एसपी हरि किशोर राय ने पत्रकारों के साथ बातचीत में स्पष्ट तौर पर कहा था कि वे लोग मवेशी चोर थे और मवेशी चुराने के लिए उस गांव में गए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मॉब लिंचिंग की घटनाओं में अलग-अलग राज्यों की सरकारों ने मुआवज़े की अलग-अलग रकम तय कर रखी है। बिहार के संदर्भ में देखें, तो नीतीश सरकार मॉब लिंचिंग का शिकार हुए लोगों के परिजनों को तीन लाख रुपए मुआवज़ा देती है। इस हिसाब से देखा जाए तो राजू, विदेश और नौशाद आलम के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपए मुआवज़ा दिया जाना चाहिए।

विदेश नट के पिता गफ़ूर नट ने विदेश की शादी जिस लड़की से तय थी, उसकी शादी अपने ख़र्च से अन्यत्र करने पर सहमति जताई है, उसकी बुनियाद में मुआवज़े की उम्मीद है। शैलेश नट कहते हैं, “मेरा भाई बेक़सूर था। उसकी हत्या कर दी गई। हमें इसका मुआवज़ा मिलना चाहिए। सरकार मुआवज़ा देगी, तो उसी के पैसे से हम लड़की की शादी करवाएंगे।”

हालांकि, सरकार की तरफ़ से ऐसी कोई घोषणा अभी तक नहीं हुई है। शैलेश नट ने भी कहा कि ऐसी कोई बात सरकार की तरफ़ से नहीं कही गई है। असल में एसपी हरि किशोर राय से लेकर थाना प्रभारी और सीएम तक इस बर्बर घटना को मॉब लिंचिंग मानने से ही इनकार कर रहे हैं।

सीएम नीतीश कुमार ने घटना के तुरंत बाद कहा था, “यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, लेकिन इसे मॉब लिंचिंग की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। जिन्हें मारा गया वे नट समुदाय से आते हैं और जिन्होंने मारा, वे पिछड़े वर्ग के हैं। यह घटना तब हुई, जब तीनों मवेशी चोरी करते हुए रंगेहाथ पकड़े गए। इससे ग़ुस्साए ग्रामीणों ने उनकी पिटाई की,जिससे उनकी मौत हो गई।” इसी तरह एसपी ने भी इसे मॉब लिंचिंग मानने से इनकार करते हुए कहा था कि लिंचिंग तब कहा जाता है, जब अफ़वाह फैला कर किसी को मार दिया जाए, लेकिन इस घटना में ऐसा नहीं था।

इस तरह यह साफ़ तौर पर दिख रहा है कि पूरा प्रशासन इस घटना को मॉब लिंचिंग मानने से इनकार कर रहा है, तो ज़ाहिर सी बात है कि मृतकों के परिजनों को लिंचिंग के तहत मुआवज़ा मिलने की कोई संभावना भी नहीं है।

इधर, विदेश नट के परिजन व उसके गांव के लोगों ने मुआवज़े और दोषियों को सज़ा दिलवाने की मांग को लेकर ज़िला मुख्यालय के सामने प्रदर्शन भी किया है, लेकिन कहीं से कोई आश्वासन उन्हें नहीं मिला है। अलबत्ता, पारिवारिक लाभ योजना के तहत तीनों मृतकों के परिजनों को 20-20 हज़ार रुपये का चेक दिया गया है।

photo4.jpg

विदेश नट का घर। (फोटो: उमेश कुमार राय)  

मुआवज़े की मांग को लेकर मृतकों के परिजन पटना भी गए थे। शैलेश नट ने कहा, “हम लोग पटना भी गए थे। ज़रूरी दस्तावेज़ भी जमा किए, ताकि मुआवज़ा मिल जाए, लेकिन अभी तक मुआवज़े की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।”

प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने भी इस घटना को लिंचिंग मानने से इनकार किया। बनियापुर के बीडीओ सुदामा प्रसाद सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया, “ये लिंचिंग नहीं थी। इस घटना को एक हादसे के तौर पर ही देखा जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि20-20 हज़ार की सहायता राशि दे दी गई है और अब किसी भी अन्य प्रकार का मुआवज़ा उनके स्तर पर नहीं मिलने जा रहा है।

mob lynching
Bihar
Lynching
dowry system
lynching Compensation
Bihar government
Supreme Court
Nitish Kumar

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम

नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस


बाकी खबरें

  • aicctu
    मधुलिका
    इंडियन टेलिफ़ोन इंडस्ट्री : सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के ख़राब नियोक्ताओं की चिर-परिचित कहानी
    22 Feb 2022
    महामारी ने इन कर्मचारियों की दिक़्क़तों को कई गुना तक बढ़ा दिया है।
  • hum bharat ke log
    डॉ. लेनिन रघुवंशी
    एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता
    22 Feb 2022
    सभी 'टूटे हुए लोगों' और प्रगतिशील लोगों, की एकता दण्डहीनता की संस्कृति व वंचितिकरण के ख़िलाफ़ लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यह परिवर्तन उन लोगों से ही नहीं आएगा, जो इस प्रणाली से लाभ उठाते…
  • MGNREGA
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    ग्रामीण संकट को देखते हुए भारतीय कॉरपोरेट का मनरेगा में भारी धन आवंटन का आह्वान 
    22 Feb 2022
    ऐसा करते हुए कॉरपोरेट क्षेत्र ने सरकार को औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से पटरी पर आने की उसकी उम्मीद के खिलाफ आगाह किया है क्योंकि खपत की मांग में कमी से उद्योग की क्षमता निष्क्रिय पड़ी हुई है। 
  • Ethiopia
    मारिया गर्थ
    इथियोपिया 30 साल में सबसे ख़राब सूखे से जूझ रहा है
    22 Feb 2022
    इथियोपिया के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 70 लाख लोगों को तत्काल मदद की ज़रूरत है क्योंकि लगातार तीसरी बार बरसात न होने की वजह से देहाती समुदाय तबाही झेल रहे हैं।
  • Pinarayi Vijayan
    भाषा
    किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन
    22 Feb 2022
    विजयन ने राज्य विधानसभा में कहा, ‘‘केरल विभिन्न क्षेत्रों में कहीं आगे है और राज्य ने जो वृद्धि हासिल की है वह अद्वितीय है। उनकी टिप्पणियों को राजनीतिक हितों के साथ की गयी अनुचित टिप्पणियों के तौर पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License