NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
राजनीति
सड़क से संसद तक हंगामें के बीच भी नहीं थम रही महिला उत्पीड़न की घटनाएं
महिला उत्पीड़न से जुड़ी एक और दर्दनाक घटना सामने आयी है। चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित मित्तल ने बताया कि करीब 26 साल की एक अज्ञात युवती का शव बरगढ़ थाना क्षेत्र में इलाहाबाद राजमार्ग के किनारे पुलिस सेवा केंद्र से बरामद हुआ। युवती के सिर में दो गोली मारे जाने के निशान पाए गए हैं और पहचान मिटाने के मकसद से उसका चेहरा पत्थर से कुचला गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Dec 2019
stop rape
Image courtesy: Al Jazeera

महिला उत्पीड़न की घटानाएं लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। अभी देश हैदराबाद की घटना से गमगीन ही था कि एक के बाद एक कई घटनाएं सामने आ रही हैं। जिसका असर सड़क से लेकर संसद और सोशल मीडिया पर खूब देखने को मिल रहा है। कई जगह गुस्से में जन सैलाब सड़कों पर उतर आया है तो वहीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल राजघट पर आमरण अनशन पर बैठी हैं। लेकिन बावजूद इसके सूरत बदलती नज़र नहीम आ रही है।

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के बरगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहां एक अज्ञात युवती की मंगलवार, 3 दिसंबर 2019 को गोली मार कर हत्या कर दी गयी। पुलिस को संदेह है कि युवती से बलात्कार के बाद उसकी हत्या की गई।

भाषा की खबर के अनुसार चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित मित्तल ने बताया कि करीब 26 साल की एक अज्ञात युवती का शव बरगढ़ थाना क्षेत्र में इलाहाबाद राजमार्ग के किनारे पुलिस सेवा केंद्र से बरामद हुआ। युवती के सिर में दो गोली मारे जाने के निशान पाए गए हैं और पहचान मिटाने के मकसद से उसका चेहरा पत्थर से कुचला गया है।

उन्होंने कहा, ‘'बलात्कार के बाद हत्या किए जाने की आशंका है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही स्थिति स्पष्ट होगी।'

वहीं उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रहीं बलात्कार और अत्याचार की घटनाओं को “दिल दहलाने” वाला बताते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से यह अब तक का “सबसे बुरा दौर” है।

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, 'प्रदेश की बहन-बेटियों के साथ जिस प्रकार दुष्कर्म, अत्याचार व हत्याओं की ख़बरें आ रही हैं वे दिल दहलानेवाली हैं। सुरक्षा की दृष्टि से प्रदेश में लड़कियों और महिलाओं के लिए यह आज तक का सबसे ख़राब दौर है। यह घोर निंदनीय है।''

उधर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उन्नाव बलात्कार मामले को लेकर बुधवार, 4 दिसंबर को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 45 दिन में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था लेकिन 80 दिन बीत जाने के बाद भी यह नहीं हो सका।

उन्होंने ट्वीट किया, ''उन्नाव मामले में उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था कि 45 दिन में ट्रायल पूरा किया जाए। 80 दिन बीत चुके हैं। अभी तक ट्रायल पूरा नहीं हुआ।''

प्रियंका ने दावा किया, "महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है। अपराधियों के खिलाफ मामले ही नहीं दर्ज होते। और अगर मामला रसूख वाले भाजपा विधायक का है तो पहले प्राथमिकी दर्ज करने में देरी होती है, फिर गिरफ़्तारी में और अब ट्रायल लटका पड़ा है।'' जैसे कि उन्नाव मामले में भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंग सेंगर मुख्य आरोपी हैं।

महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर देश में कई जगह प्रदर्शन देखने को मिले लेकिन इसी बीच मुंबई के कुर्ला क्षेत्र में छह साल की बच्ची के यौन शोषण की खबर सामने आई, जिसके आरोप में पड़ोस में रहने वाले 61 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

इस संबंध में पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने रविवार से मंगलवार तक पीड़िता को चॉकलेट देने के बहाने अपने घर पर बुलाया और उसका यौन शोषण किया।

उन्होंने कहा कि पीड़िता ने मंगलवार की शाम अपने अभिभावकों को घटना के बारे में बताया जिसके बाद विनोबा भावे नगर पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गयी। चिकित्सकीय परीक्षण में नाबालिग के यौन शोषण की पुष्टि हुई। आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पाक्सो कानून की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

उधर दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुछ मीडिया प्रतिष्ठानों द्वारा हैदराबाद बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बुधवार को केंद्र से जवाब मांगा।मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने केंद्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दिल्ली की सरकारों के साथ ही कुछ मीडिया प्रतिष्ठानों और सोशल नेटवर्किंग मंचों को भी नोटिस जारी किया।

याचिका में मीडिया प्रतिष्ठानों और उन व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया है जिन्होंने बलात्कार पीड़िता की पहचान कथित तौर पर उजागर की है। किसी बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है।

अदालत ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 16 दिसंबर तय की है।भारतीय दंड संहिता की धारा 228ए, बलात्कार समेत कुछ अपराधों के पीड़ित की पहचान को उजागर करना दंडनीय बनाती है जिनके लिए दो साल तक की कैद और जुर्माने की सजा मिल सकती है।

sexual harrasment
rape in india
rape cases in india
child assault

Related Stories


बाकी खबरें

  • maliyana
    न्यूज़क्लिक टीम
    मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल
    23 May 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह न्यूज़क्लिक की टीम के साथ पहुंची उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले के मलियाना इलाके में, जहां 35 साल पहले 72 से अधिक मुसलमानों को पीएसी और दंगाइयों ने मार डाला…
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    बनारस : गंगा में नाव पलटने से छह लोग डूबे, दो लापता, दो लोगों को बचाया गया
    23 May 2022
    अचानक नाव में छेद हो गया और उसमें पानी भरने लगा। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते नाव अनियंत्रित होकर गंगा में पलट गई। नाविक ने किसी सैलानी को लाइफ जैकेट नहीं पहनाया था।
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ज्ञानवापी अपडेटः जिला जज ने सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा अपना फैसला, हिन्दू पक्ष देखना चाहता है वीडियो फुटेज
    23 May 2022
    सोमवार को अपराह्न दो बजे जनपद न्यायाधीश अजय विश्वेसा की कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली। हिंदू और मुस्लिम पक्ष की चार याचिकाओं पर जिला जज ने दलीलें सुनी और फैसला सुरक्षित रख लिया।
  • अशोक कुमार पाण्डेय
    क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?
    23 May 2022
    2019 के बाद से जो प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं, उनसे ना तो कश्मीरियों को फ़ायदा हो रहा है ना ही पंडित समुदाय को, इससे सिर्फ़ बीजेपी को लाभ मिल रहा है। बल्कि अब तो पंडित समुदाय भी बेहद कठोर ढंग से…
  • राज वाल्मीकि
    सीवर कर्मचारियों के जीवन में सुधार के लिए ज़रूरी है ठेकेदारी प्रथा का ख़ात्मा
    23 May 2022
    सीवर, संघर्ष और आजीविक सीवर कर्मचारियों के मुद्दे पर कन्वेन्शन के इस नाम से एक कार्यक्रम 21 मई 2022 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया मे हुआ।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License