NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
सीबीएसई  : एससी-एसटी छात्रों के परीक्षा शुल्क में 24 गुना वृद्धि से छात्र और अभिभावक नाराज़ 
सीबीएसई  ने एससी और एसटी छात्रों के लिए 10 वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा शुल्क में 24 गुना वृद्धि की है। अब इस वर्ग के छात्रों को 50 रुपये के बजाय 1200 रुपये का शुल्क देना होगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Aug 2019
CBSE
Image courtesy: The Hindu

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अनुसूचित जाति (एसी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) छात्रों के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा शुल्क में 24 गुना वृद्धि की है। अब इस वर्ग के छात्रों को 50 रुपये के बजाय 1200 रुपये का शुल्क देना होगा। सामान्य वर्ग के छात्रों के शुल्क में भी दो गुनी वृद्धि की गई है और अब उन्हें 750 रुपये के स्थान पर 1500 रुपये देने होंगे। 

 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों को नवीं कक्षा में और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 11वीं कक्षा में पंजीकरण करना होता है। सीबीएसई ने पिछले हफ्ते फीस वृद्धि की अधिसूचना जारी की और जिन स्कूलों ने पुरानी व्यवस्था के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है उन्हें छात्रों से फीस का अंतर वसूलने को कहा। 

अधिकारी ने बताया कि 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त विषय के लिए एससी/एसटी छात्रों को 300 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। पहले अतिरिक्त विषय के लिए इन वर्गों के छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। सामान्य वर्ग के छात्रों को भी अतिरिक्त विषय के लिए 150 रुपये के बजाय अब 300 रुपये का शुल्क देना होगा। 

अधिकारी ने कहा, ‘‘ शत प्रतिशत दृष्टि बाधित छात्रों को सीबीएसई परीक्षा शुल्क से छूट दी गई है। हालांकि, जो छात्र अंतिम तारीख से पहले नई दर के अनुसार शुल्क जमा नहीं करेंगे उनका पंजीकरण नहीं होगा और उन्हें 2019-20 की परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं होगी।’’

स्थानांतरण शुल्क (माइग्रेशन फीस) भी 150 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है। विदेश स्थित सीबीएसई के स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को अब पांच विषयों के बोर्ड परीक्षा शुल्क के रूप में 10 हजार रुपये देने होंगे। पहले यह राशि पांच हजार रुपये थी। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त विषय के लिए इस श्रेणी के छात्रों को अब 1000 रुपये के बजाय 2000 रुपये का शुल्क देना होगा। 

ऑल इण्डिया पैरंट्स एसोशिएसन ने सीबीएसई द्वारा परीक्षा फीस में वृद्धि का विरोध करते हुए , इसे आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। इसके राष्ट्रिय अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील अशोक अग्रवाल ने इसे असंवैधानिक और छात्रों की शिक्षा के अधिकार के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई का यह कदम गरीब जनता के शिक्षा पर प्रतिकूल असर डालेगा। 

कई छात्र संगठनों ने भी इसका विरोध किया और इसे आर्थिक और सामजिक रूप से पिछड़े समुदाय के छात्रों पर गंभीर हमला बताया। छात्र संगठन एसएफआई के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित कटारिया ने इसे एससी/एसटी छात्रों के खिलाफ एक साज़िश बताया और कहा कि एससी/एसटी तबके के बच्चे अब कुछ हद तक स्कूली शिक्षा ले रहे है लेकिन सरकार नहीं चाहती कि ये तबके पढ़े,ये इन्हें दबाए रखना चाहती है। केंद्र सरकार ने पहले तो एससी /एसटी छात्रों को मिलने वाली छात्रवृति का फंड कट किया और अब उनके फीस में लगातर वृद्धि कर रही है। 

भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI)दिल्ली की राज्य कमेटी ने भी इसका विरोध किया और इसे गरीब जनता को शिक्षा से दूर करने वाल कदम बताया। इसके दिल्ली संयुक्त सचिव अमन सैनी ने कहा कि देश के बच्चों को लूटना और शिक्षा पर खर्च को कम करना  मोदी सरकार की शिक्षा नीति है और इन्हें  करने के लिए पहले भावनात्मक मुद्दों लाए जाते हैं ताकि गरीब जनता इस में बह जाए और उसकी आड़ में यह काम किया जाता है। आगे उन्होंने कहा कि  अगर सरकार इस बढ़ी हुई फीस को वापस नहीं लेगी तो अन्य संगठनों के साथ व्यापक साझेदारी कर स्कूली छात्रों को लेकर सरकार के खिलाफ अंदोलन करेंगे। 
                     (समाचार एजेंसी इनपुट के साथ )

CBSE
Delhi
student
Fee Hike
SC/ST STUDENT
SFI
DYFI
EXAM FEE

Related Stories

बच्चे नहीं, शिक्षकों का मूल्यांकन करें तो पता चलेगा शिक्षा का स्तर

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !

बिहारः प्राइवेट स्कूलों और प्राइवेट आईटीआई में शिक्षा महंगी, अभिभावकों को ख़र्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट

सीबीएसई ने दसवीं के इंग्लिश पेपर में पूछे भद्दे, स्त्री विरोधी सवाल, विवाद के बाद मांगी माफ़ी


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License