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सीएम योगी पर टिप्पणी को लेकर पत्रकार प्रशांत कनौजिया गिरफ़्तार
बीते 6 जून को प्रशांत कनौजिया ने ट्विटर पर एक मीडिया संस्थान का वीडियो शेयर किया था जिसमें एक लड़की खुद को योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका बता रही थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jun 2019
Prashant

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी को लेकर ‘द वायर’ के पूर्व पत्रकार प्रशांत कनौजिया को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। दरअसल बीते छह जून को पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने ट्विटर पर एक मीडिया संस्थान का वीडियो शेयर किया था जिसमें एक लड़की खुद को योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका बता रही थी और उसका दावा था कि योगी आदित्यनाथ पिछले एक वर्ष से ऑनलाइन सुबह से लेकर रात तक उसके साथ रहते थे।

कनौजिया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर करते हुए सिर्फ इतना लिखा था, ‘ इश्क छुपता नहीं छुपाने से योगी जी।’ बता दें, इस खबर को बहुत सारे मीडिया संस्थानों ने भी जगह दी थी।

दैनिक जागरण के मुताबिक इस वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशांत पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में केस दर्ज किया गया। दारोगा ने तहरीर में लिखा है कि मुख्यमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
 

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मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम सेल और हजरतगंज पुलिस की संयुक्त टीम को आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए रवाना किया गया। इस पूरे प्रकरण में अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।

न्यूज़क्लिक ने इस मसले पर इंस्पेक्टर हजरतगंज राधा रमण सिंह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा, “हमें इस मसले पर कुछ भी बोलने से मना किया गया है। इस संबंध में मैं आपको कोई जानकारी नहीं दे सकता।”

वहीं, प्रशांत कनौजिया की पत्नी जगीशा ने बताया, ‘प्रशांत घर के बाहर कुछ सामान लेने के लिए गए थे। जब वे आधे घंटे में वापस आए तो उन्होंने हमसे धीमी आवाज में कहा कि बाहर दो पुलिस वाले खड़े हैं जो हमको योगी आदित्यनाथ से संबंधित ट्वीट को लेकर ले जा रहे हैं। जाते-जाते उन्होंने कहा कि अपने जान-पहचान वालों को यह सूचना दे दो। इसके बाद वे चले गए।’

जगीशा ने आगे बताया, ‘इसके बाद जब हमने उनके नंबर पर कॉल किया तो उन्होंने बताया कि उन्हें लखनऊ ले जा रहे हैं। आगे वे कुछ बोल नहीं पा रहे थे क्योंकि शायद पुलिस वाले उन्हें कुछ बोलने नहीं दे रहे थे।’

हालांकि इस मामले का पता चलते ही बड़ी संख्या में पत्रकार और समाजसेवी प्रशांत के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। वह इस पूरे मामले को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बता रहे हैं।

प्रशांत के ट्वीट का स्क्रीन शॉट लगाकर द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने लिखा है, 'ये चौंकाने वाली बात है कि यूपी पुलिस किसी को न्यूज़ क्लिप के साथ कमेंट लिखने पर गिरफ्तार कर ले रही है।'

वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र नेता पूजा शुक्ला ने फेसबुक पर लिखा है,'हम हजरतगंज थाने जा रहे हैं जो भी साथी हो पहुंचे थाने, इस तरह की तानाशाही हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अभी प्रशांत पहुंचे नहीं हैं। प्रशांत कनौजिया को तत्काल रिहा करना होगा।'

कांग्रेस नेता पंखुरी पाठक समेत बहुत सारे लोगों ने यूपी पुलिस को टैग करके प्रशांत की गिरफ्तारी की पुष्टि की बात की है।

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