NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
समाज
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
सीएम योगी पर टिप्पणी को लेकर पत्रकार प्रशांत कनौजिया गिरफ़्तार
बीते 6 जून को प्रशांत कनौजिया ने ट्विटर पर एक मीडिया संस्थान का वीडियो शेयर किया था जिसमें एक लड़की खुद को योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका बता रही थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jun 2019
Prashant

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी को लेकर ‘द वायर’ के पूर्व पत्रकार प्रशांत कनौजिया को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। दरअसल बीते छह जून को पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने ट्विटर पर एक मीडिया संस्थान का वीडियो शेयर किया था जिसमें एक लड़की खुद को योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका बता रही थी और उसका दावा था कि योगी आदित्यनाथ पिछले एक वर्ष से ऑनलाइन सुबह से लेकर रात तक उसके साथ रहते थे।

कनौजिया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर करते हुए सिर्फ इतना लिखा था, ‘ इश्क छुपता नहीं छुपाने से योगी जी।’ बता दें, इस खबर को बहुत सारे मीडिया संस्थानों ने भी जगह दी थी।

दैनिक जागरण के मुताबिक इस वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशांत पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में केस दर्ज किया गया। दारोगा ने तहरीर में लिखा है कि मुख्यमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
 

Prashant Fir11111111111.JPG

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम सेल और हजरतगंज पुलिस की संयुक्त टीम को आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए रवाना किया गया। इस पूरे प्रकरण में अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।

न्यूज़क्लिक ने इस मसले पर इंस्पेक्टर हजरतगंज राधा रमण सिंह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा, “हमें इस मसले पर कुछ भी बोलने से मना किया गया है। इस संबंध में मैं आपको कोई जानकारी नहीं दे सकता।”

वहीं, प्रशांत कनौजिया की पत्नी जगीशा ने बताया, ‘प्रशांत घर के बाहर कुछ सामान लेने के लिए गए थे। जब वे आधे घंटे में वापस आए तो उन्होंने हमसे धीमी आवाज में कहा कि बाहर दो पुलिस वाले खड़े हैं जो हमको योगी आदित्यनाथ से संबंधित ट्वीट को लेकर ले जा रहे हैं। जाते-जाते उन्होंने कहा कि अपने जान-पहचान वालों को यह सूचना दे दो। इसके बाद वे चले गए।’

जगीशा ने आगे बताया, ‘इसके बाद जब हमने उनके नंबर पर कॉल किया तो उन्होंने बताया कि उन्हें लखनऊ ले जा रहे हैं। आगे वे कुछ बोल नहीं पा रहे थे क्योंकि शायद पुलिस वाले उन्हें कुछ बोलने नहीं दे रहे थे।’

हालांकि इस मामले का पता चलते ही बड़ी संख्या में पत्रकार और समाजसेवी प्रशांत के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। वह इस पूरे मामले को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बता रहे हैं।

प्रशांत के ट्वीट का स्क्रीन शॉट लगाकर द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने लिखा है, 'ये चौंकाने वाली बात है कि यूपी पुलिस किसी को न्यूज़ क्लिप के साथ कमेंट लिखने पर गिरफ्तार कर ले रही है।'

वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र नेता पूजा शुक्ला ने फेसबुक पर लिखा है,'हम हजरतगंज थाने जा रहे हैं जो भी साथी हो पहुंचे थाने, इस तरह की तानाशाही हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अभी प्रशांत पहुंचे नहीं हैं। प्रशांत कनौजिया को तत्काल रिहा करना होगा।'

कांग्रेस नेता पंखुरी पाठक समेत बहुत सारे लोगों ने यूपी पुलिस को टैग करके प्रशांत की गिरफ्तारी की पुष्टि की बात की है।

Prashant kanojia
twitter
twitter trends
UP police
Yogi Adityanath
Social Media
FIR
BJP
Facebook
Journalists

Related Stories

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

जहांगीरपुरी— बुलडोज़र ने तो ज़िंदगी की पटरी ही ध्वस्त कर दी

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

उत्तराखंड: एआरटीओ और पुलिस पर चुनाव के लिए गाड़ी न देने पर पत्रकारों से बदसलूकी और प्रताड़ना का आरोप

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

बाराबंकी में सड़क हादसे में 18 लोगों की मौत, 25 अन्य घायल

यूपी: आज़मगढ़ में पुलिस पर दलितों के घर तोड़ने, महिलाओं को प्रताड़ित करने का आरोप; परिवार घर छोड़ कर भागे

यूपी: ‘135 शिक्षक, शिक्षा मित्रों की पंचायत चुनावों में तैनाती के बाद कोविड जैसे लक्षणों से मौत'


बाकी खबरें

  • सरकार के खिलाफ शिकायत करने पर 'बाहर' नहीं कर सकते: गुजरात HC ने CAA-NRC प्रदर्शनकारी का बचाव किया
    सबरंग इंडिया
    सरकार के खिलाफ शिकायत करने पर 'बाहर' नहीं कर सकते: गुजरात HC ने CAA-NRC प्रदर्शनकारी का बचाव किया
    28 Aug 2021
    उच्च न्यायालय ने विरोध प्रदर्शन से संबंधित कुछ प्राथमिकी में आरोपी मोहम्मद कलीम सिद्दीकी के खिलाफ बाहर किये जाने के आदेश को रद्द कर दिया है।
  • साइगॉन की यादों से वाबस्ता क्वाड
    एम. के. भद्रकुमार
    साइगॉन की यादों से वाबस्ता क्वाड
    28 Aug 2021
    किसी महाशक्ति की विश्वसनीयता अपने सहयोगियों के छोड़ देने से घट जाती है, शायद यही वजह है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर चीन के ख़िलाफ़ कमला हैरिस की टिप्पणी में सख़्त आक्रामकता नहीं थी।
  • Mohammed Yousuf Tarigami
    भाषा
    माकपा नेता तारिगामी ने अनुच्छेद 370 से संबंधित याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए अर्जी दी
    28 Aug 2021
    माकपा नेता ने कहा कि यदि मामलों की तत्काल सुनवाई नहीं की गई तो ‘‘आवेदक के साथ गंभीर अन्याय होगा।’’
  • 'प्रेस की स्वतंत्रता पर कोई बंधन नहीं' : अदालत ने पत्रकार आसिफ़ नाइक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर को लताड़ा
    अनीस ज़रगर
    'प्रेस की स्वतंत्रता पर कोई बंधन नहीं' : अदालत ने पत्रकार आसिफ़ नाइक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर पर लताड़ा
    28 Aug 2021
    कोर्ट ने कहा, 'इसमें कोई दो राय नहीं है कि याचिकाकर्ता पेशे से पत्रकार है और उसका काम जानकारी इकट्ठा करना और उसे समाचार पत्र या किसी अन्य मीडिया में प्रकाशित करना है।'
  • विधानसभा कूच करती आंगनबाड़ी कार्यकर्तीयां; फोटो-सत्यम कुमार
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: आंगनबाड़ी कार्यकर्ती एवं सेविका कर्मचारी यूनियन का विधानसभा कूच 
    28 Aug 2021
    “उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को 7,500 रुपये, आंगनबाड़ी सहायिका को 3,750 रुपये और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को 4,500 रुपये प्रति माह मानदेय सरकार की ओर से मिलता है जो मंहगाई के इस दौर में बहुत ही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License