NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
सीजेआई के खिलाफ लगातार प्रदर्शन, 25 महिलाओं समेत 35 हिरासत में
सामाजिक कार्यकर्ता एनी राजा ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया तथा मौजूदा कानूनी नियमों को पूरी तरह से नकारना और इसका उल्लंघन मंजूर नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 May 2019
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेती दिल्ली पुलिस

दिल्ली : प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत में अपनायी गयी जांच प्रक्रिया के विरोध में मंडी हाउस पर विरोध मार्च निकालने की कोशिश कर रहे 35 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों में 25 महिलाएं शामिल थीं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि विभिन्न महिला संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किये गये थे। प्रदर्शनकारियों को मंदिर मार्ग पुलिस थाना ले जाया गया।

IMG-20190510-WA0029.jpg

इससे पहले बुधवार को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन कर रहीं 17 महिलाओं को हिरासत में लिया गया था।

गोगोई को सोमवार को शीर्ष अदालत की आंतरिक जांच समिति से क्लीनचिट मिल गयी। जांच समिति को प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा लगाये गये आरोपों में ‘‘कोई दम नजर’’ नहीं आया।

गोगोई को मिली क्लीनचिट पर आपत्ति जताते हुए कई प्रदर्शनकारियों मुख्यत: महिलाओं ने बैनर लेकर कनॉट प्लेस मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 7 के बाहर प्रदर्शन किया।

पुलिस ने बताया कि उन्हें जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के लिये कहा गया, लेकिन उन्होंने अपना प्रदर्शन कनॉट प्लेस में ही जारी रखा। इस संबंध में 17 महिलाओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस थाना ले जाया गया। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

इससे एक दिन पहले मंगलवार को यहां उच्चतम न्यायालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे 55 प्रदर्शनकारियों अधिकतर महिला वकीलों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।

IMG-20190510-WA0028.jpg

सामाजिक कार्यकर्ता एनी रजा ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया तथा मौजूदा कानूनी नियमों को पूरी तरह से नकारना और इसका उल्लंघन मंजूर नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक मिसाल कायम करेगा जिसका आने वाले वर्ष में बहुत खतरनाक प्रभाव होगा।’’

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महिला को न्याय का पूरा अवसर नहीं दिया गया और सीजेआई को क्लीनचिट दे दी गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे न्याय का माखौल बताया। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

CJI Ranjan Gogoi
sexual harassment
clean chit
Supreme Court
crimes against women
Women Rights

Related Stories

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

सुप्रीम कोर्ट को दिखाने के लिए बैरिकेड हटा रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा

बाहरी साज़िशों और अंदरूनी चुनौतियों से जूझता किसान आंदोलन अपनी शोकांतिका (obituary) लिखने वालों को फिर निराश करेगा

लखीमपुर खीरी : किसान-आंदोलन की यात्रा का अहम मोड़

अगर मामला कोर्ट में है, तब क्या उसके विरोध का अधिकार खत्म हो जाता है? 

कार्टून क्लिक: किसानों का गला किसने घोंटा!

दिल्ली: सिविल डिफेंस वालंटियर की निर्मम हत्या शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती है!

करनाल हिंसा के ख़िलाफ़ वकीलों का सुप्रीम कोर्ट से लेकर हरियाणा भवन तक रोष मार्च


बाकी खबरें

  • बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    02 Feb 2022
    राजधानी पटना में गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम से भागी एक युवती ने इस रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां खूबसबरत लड़कियां मैम को प्यारी होती हैं। उसने कहा कि…
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव: थपलियालखेड़ा सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित
    02 Feb 2022
    उत्तराखंड राज्य बने लगभग 22 साल हो गए हैं, पर आज भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा और पहाड़ी इलाकों में जरुरी सुविधा से लोग वंचित हैं। गांव के लोगों को ज़रूरी सुविधाओं के लिए नेपाल पर निर्भर होना पड़ता है।
  • ASEEM
    अनिल सिन्हा
    यूपी के चुनाव मैदान में आईपीएस अफसरः क्या नौकरशही के इस राजनीतिकरण को रोकना नहीं चाहिए?
    02 Feb 2022
    ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह और कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को टिकट देकर भाजपा ने निश्चित तौर पर नौकरशाही की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
  • सोनिया यादव
    जेंडर बजट में कटौती, मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ में महिलाओं की नहीं कोई जगह
    02 Feb 2022
    महामारी के बाद की स्थिति में भी महिलाओं की जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार कोई खास पहल करती दिखाई नहीं दे रही। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जेंडर बजट का हिस्सा कुल बजट का केवल 4.4 प्रतिशत था, जो…
  • Myanmar
    चेतन राणा
    तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग
    02 Feb 2022
    आसियान, भारत और चीन ने म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की न केवल निंदा की है, बल्कि अलग-अलग स्तर पर सैन्य सत्ता को वैधता भी प्रदान की है। इनकी प्रेस विज्ञप्तियों में वहां लोकतंत्र के प्रति सामान्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License