NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीजेआई को क्लीन चिट का विरोध, सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन
"मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को इस्तीफा देने की आवश्यकता है, इस मामले ने न्यायपालिका की विश्वसनीयता को गंभीर चोट पहुंचाई है, जिसमें शिकायतकर्ता को एक वकील भी नहीं दिया गया"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 May 2019
सीजेआई को क्लीन चिट विरोध, सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन

यौन शोषण के आरोपों से घिरे प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को निर्दोष करार दिए जाने पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय के बाहर महिला वकील और महिला संगठन से जुड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

आपको बता दें कि किसी भी तरह के प्रदर्शन के लिए सर्वोच्च न्यायालय के बाहर एकत्र होने की मनाही है। इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी।

आपको मालूम होगा कि न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे की अगुआई वाली शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ को सर्वोच्च न्यायालय की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा प्रधान न्यायाधीश गोगोई के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप के मामले में कोई सबूत नहीं मिला और सोमवार को उन्होंने गोगोई को क्लीन चीट दे दी। 

aidwa

प्रदर्शनकारी शिकायतकर्ता के पक्ष में खुलकर सामने आए, जिसने 30 अप्रैल को सीजोआई (प्रधान न्यायाधीश) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, और कहा था कि वह शीर्ष अदालत द्वारा इन आरोपों की जांच के लिए गठित इन-हाउस पैनल के समक्ष अब पेश नहीं होगी क्योंकि उसे लगा कि उसे न्याय मिलने की कोई संभावना नहीं है। 

सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व कर्मचारी ने कहा कि उसने शीर्ष अदालत के तीन न्यायाधीशों की उपस्थिति में 'काफी भयभीत और घबराया हुआ' महसूस किया।

प्रदर्शनकारियों का भी कहना था कि महिला को न्याय का पूरा अवसर नहीं दिया गया और सीजेआई को क्लीनचिट दे दी गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे न्याय का माखौल बताया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस कई प्रदर्शनकारियों को जबरन हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग थाने ले गई। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों में एनी राजा,  एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज, अकादमिक उमा चक्रवर्ती, वकील नंदिनी राव और नंदिनी सुंदर शामिल हैं। राइट टू फूड अभियान से अमृता जौहरी को भी हिरासत में लिया गया, जौहरी ने कहा, "वे हमें नहीं छोड़ रहे हैं, जब तक कि उच्च अधिकारी इसकी अनुमति नहीं देते हैं, इससे साफ है  कि हमारी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।"

हिरासत में लिए जाने से पहले न्यूज़क्लिक से बात करते हुए, एनी राजा ने कहा, “मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को इस्तीफा देने की आवश्यकता है, इस मामले ने न्यायपालिका की विश्वसनीयता को गंभीर चोट पहुंचाई है, जिसमें शिकायतकर्ता को एक वकील भी नहीं दिया गया, जबकि ये आंतरिक शिकायत समिति और यौन उत्पीड़न निरोधक अधिनियम (POSH) के तहत एक तय प्रक्रिया है।”

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने भी क्लीन चिट दिए जाने पर अपनी असहमति व्यक्त की है।

दरअसल सीजेआई को क्लीन चिट देने वाली समिति ने कहा कि शीर्ष अदालत के पूर्व कर्मचारी की 19 अप्रैल, 2019 की शिकायत में लगाये गये आरोपों में कोई आधार नहीं मिला। इन्दिरा जय सिंह बनाम शीर्ष अदालत और अन्य के मामले में यह व्यवस्था दी गयी थी कि आंतरिक प्रक्रिया के रूप में गठित समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जायेगी। इस पर असहमति जताते हुए इंदिरा जयसिंह ने#NotInMyName हैशटैग के साथ ट्वीट किया जिसमें कहा कि "यह एक है घोटाला है...।” उन्होंने कहा कि यह आरटीआई से पहले का मामला था और एक ख़राब कानून था।

 

#NotInMyName
This is a scandal
Indira Jaising v Supreme Court of India was also a case of sexual harassment by a sitting High Court of Karnataka.

It is a pre RTI case and is bad in law
Demand the disclosure of the findings of the enquiry committee in public interest https://t.co/Saw07mBPhV

— indira jaising (@IJaising) May 6, 2019

यहां आपको बता दें न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने न्यायमूर्ति बोबडे की अध्यक्षता वाले जांच पैनल को 2 मई के पत्र में, उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए एक फुल कोर्ट यानी पूर्ण पीठ की मांग की। महिला शिकायतकर्ता को एक वकील के इनकार को "निष्पक्ष प्रक्रिया का गंभीर निषेध" कहते हुए, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि यह "उसकी गरिमा" का सवाल है, जिसे संरक्षित करने की आवश्यकता है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Indira jaising
CJI
Supreme Court
Delhi
woman protest
AIDWA

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा


बाकी खबरें

  • Himachal Pradesh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल प्रदेश: फैक्ट्री में ब्लास्ट से 6 महिला मज़दूरों की मौत, दोषियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग
    24 Feb 2022
    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक फैक्ट्री में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गयी और 12 अन्य झुलस गए हैं। फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक मारे गए ज्यादातर लोग और…
  • putin
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस द्वारा डोनबास के दो गणराज्यों को मान्यता देने के मसले पर भारत की दुविधा
    24 Feb 2022
    डोनबास के संदर्भ में, भारत की वास्तविक दुविधा स्वयं के दूर-दराज के प्रदेशों की जमीनी हकीकत को देखते हुए उनके आत्मनिर्णय को लेकर है। 
  • putin
    एपी
    पुतिन की पूर्वी यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा
    24 Feb 2022
    पुतिन ने दावा किया है कि हमले पूर्वी यूक्रेन में लोगों की रक्षा करने के मकसद से किए जा रहे हैं। पुतिन ने अन्य देशों को आगाह भी किया है कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास ‘‘के ऐसे…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 14,148 नए मामले, 302 मरीज़ों की मौत
    24 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.35 फ़ीसदी यानी 1 लाख 48 हज़ार 359 हो गयी है।
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में हिन्दुत्व बेअसर, हिजाब-विवाद, 'सायकिल' पर निशाना और मलिक अरेस्ट
    24 Feb 2022
    यूपी विधानसभा चुनाव में चौथे चरण के मतदान के बाद सत्ता की लड़ाई और दिलचस्प हो गयी है. सत्ताधारी भाजपा के पांव डगमगाते नज़र आ रहे हैं. पार्टी का हिन्दुत्व एजेंडा भी काम नहीं आ रहा है.
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License