NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीपीआईएम ने हिमाचल विधानसभा में किया प्रवेश
लेफ्ट ने थिओंग विधानसभा सीट पर 2000 वोटों से अंतर से जीत हासिल की .
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Dec 2017
himachal pradesh

सीपीआईएम ने हिमाचल विधानसभा में किया प्रवेशलेफ्ट ने थिओंग विधानसभा सीट पर 2000 वोटों से अंतर से जीत हासिल की .सीपीआईएम के राकेश सिंघा हिमाचल प्रदेश की थिओग विधानसभा सीट 2000 वोटों से जीत गए हैं . थिओंग विधान सभा सीट से 1993 , 2003 और 2007 में जीतने वाले राकेश शर्मा इस बार दूसरे स्थान पर रहे .

सीपीआईएम के राकेश सिंघा जो कि हिमाचल प्रदेश किसान सभा के महासचिव भी हैं , कोई नया चेहरा नहीं हैं .वो प्रदेश में काफी समय से जन आन्दोलन चलाने वाले  एक मशहूर नेता रहे हैं . वो शिमला से 1993 में विधायक भी रहे हैं .

हिमाचल प्रदेश में लेफ्ट हमेशा से ही मौजूद रहा है . लेफ्ट का छात्र संगठन - स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया , राज्य में ऐतिहासिक रूप से मज़बूत रहा है . लेफ्ट ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था -18 सीटों पर लेफ्ट के उम्मीदवार खड़े हुए थे और सीटों पर लेफ्ट से समर्थित निर्दलीय लड़े थे . इस बार उनके  प्रचार का उद्देश्य विधान सभा में जनता की आवाज़ बनना था. उन्होंने प्रचार किया  कि बीजेपी और कांग्रेस एक सिक्के के दो पहलू हैं और लेफ्ट ही जनता की आवाज़ बन सकती है . लेफ्ट का चुनावी अभियान एक विश्वसनीय विपक्ष की भूमिका निभाने का था . इस प्रचार को लोगों ने काफी सराहा और यही वजह थी की लेफ्ट को काफी वोट भी मिले .

राकेश सिंघा की ये जीत इस इलाके में लेफ्ट के नेतृत्व में जारी आंदोलनों की भी जीत है . ज़मीन का मुद्दा थिओंग क्षेत्र में एक अहम मुद्दा रहा है और लेफ्ट शिमला इलाके में इस मुद्दे पर काफी समय लड़ रहा है. लेफ्ट ने गुड़िया ,(10वीं क्लास की छात्रा जिसका शिमला में गैंगरेप और क़त्ल हुआ था) , के केस में भी इन्साफ की लड़ाई में एक अहम भूमिका निभाई थी . गुड़िया के परिवार वाले लेफ्ट के पास मदद के लिए आये थे , लेफ्ट ने उनकी मदद करने और लोगों तक ये मुद्दा ले जाने में काफ़ी बड़ी भूमिका निभाई थी .

शिमला के डिप्टी मेयर रहे सीपीआईऐम के तिकेंदर सिंह पंवार का कहना है “ हिमाचल में लेफ्ट की ये सफलता उन सामाजिक और आर्थिक नीतियों के खिलाफ लोगों की पीड़ा और गुस्से का नतीजा है,जिन्होंने उनकी ज़िन्दगी दुखमय और दूभर बना दी थी ’’

 

Himachal pradesh elections 2017
Rakesh Singha
CPI(M)
Left politics

Related Stories

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग

हिंदुत्व एजेंडे से उत्पन्न चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है वाम: येचुरी

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है

तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की

उत्तराखंड चुनाव: मज़बूत विपक्ष के उद्देश्य से चुनावी रण में डटे हैं वामदल


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    कच्चे तेल की तलाश की संभावनाओं पर सरकार ने उचित ख़र्च किया है?
    08 Apr 2022
    कच्चे तेल को लेकर भारत की स्थिति क्या है? क्या वाक़ई ऐसा है कि कच्चा तेल निकालने से जुड़े वह सारे उपाय किये जा चुके हैं, जिसके बाद यह कहा जा सके कि भारत में कच्चे तेल उत्पादन को लेकर कोई बहुत बड़ी…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,109 नए मामले, 43 मरीज़ों की मौत
    08 Apr 2022
    देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 492 रह गयी है।
  • कुशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    नोएडा की झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास योजना ख़त्म, अब भी अधर में लटका है ग़रीबों का भविष्य
    08 Apr 2022
    एक दशक तक ख़राब तरीक़े से लागू किये जाने के बाद झुग्गी पुनर्वास योजना ख़त्म हो गयी है। इस योजना के तहत नये बने फ्लैटों में से महज़ 10% फ़्लैट ही भर पाये हैं।
  • अब्दुल रहमान
    बुका हमले के बावजूद रशिया-यूक्रेन के बीच समझौते जारी
    08 Apr 2022
    रूस ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देशों और मीडिया ने जानबूझकर उन तथ्यों की अनदेखी की है जो बुचा हत्याओं में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हैं क्योंकि उनका एकमात्र उद्देश्य शांति वार्ता में अब तक हुई…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मानवाधिकार के असल मुद्दों से क्यों बच रहे हैं अमित शाह?
    07 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं गृह मंत्री अमित शाह की जिसमे उन्होंने लोक सभा में मानवाधिकार की बात उठाई। अभिसार इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License