NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीपीएम ने एमजे अकबर का इस्तीफा मांगा
पार्टी ने कहा, "यह गंभीर आरोप हैं, अकबर का बतौर मंत्री केंद्र सरकार में बने रहना अस्वीकार्य है। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
11 Oct 2018
एमजे अकबर

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने कई महिला पत्रकारों द्वारा पूर्व संपादक व विदेश राज्यमंत्री एम.जे. अकबर के खिलाफ लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर गुरुवार को उनके इस्तीफे की मांग की।

पार्टी ने एक बयान में कहा, "कई महिला पत्रकारों ने आगे आकर एम.जे. अकबर द्वारा यौन उत्पीड़न और उनके अस्वीकार्य बर्ताव के अपने अनुभवों को साझा किया है। यह आरोप उस वक्त के हैं, जब अकबर विभिन्न समाचार पत्रों में संपादक के पद पर थे।"

पार्टी ने कहा, "यह गंभीर आरोप हैं, अकबर का बतौर मंत्री केंद्र सरकार में बने रहना अस्वीकार्य है। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"

फिलहाल नाइजीरिया के आधिकारिक दौरे पर गए अकबर से कथित रूप से अपने दौरे की अवधि को घटाने को कहा गया है।

कांग्रेस नेता एस. जयपाल रेड्डी और ऑल इंडिया मजलिस ए इतेहदुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी मांग की है कि अगर पूर्व संपादक आरोपों से पाक-साफ रहने में विफल रहते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। 

आपको बता दें कि एमजे अकबर के खिलाफ ये सारे आरोप #metoo अभियान के तहत सामने आए हैं। भारत में भी अब इसके तहत खुलकर बोला जा रहा है और अपने जीवन में ख़ास मुकाम पर पहुँच चुकी बहुत सी महिलाओं ने पत्रकारों, कॉमेडियन, लेखको से लेकर फिल्म निर्देशकों के खिलाफ अपने साथ बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। 

मोदी सरकार में मंत्री और पूर्व में वरिष्ठ पत्रकार और संपादक रह चुके एमजे अकबर के खिलाफ यौन हमलों के एक के बाद एक कई संगीन आरोप सामने आए हैं और उनके साथ काम कर चुकी बहुत सी महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया के जरिये अपने अनुभव साझा किए हैं। ये आश्चर्यजनक है कि अकबर के खिलाफ लगातार मामले सामने आने के बाद भी केंद्र की मोदी सरकार इसपर चुप्पी साधे है। सरकार की तरफ से अभी तक इस बारे में एक भी बयान सामने नहीं आया है।  

(इनपुट आईएएनएस)

#metoo
#MeToo Moment In India
M J AKBAR
sexual harassment
Modi government
CPI(M)
Sitaram yechury

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

आख़िर फ़ायदे में चल रही कंपनियां भी क्यों बेचना चाहती है सरकार?

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

'KG से लेकर PG तक फ़्री पढ़ाई' : विद्यार्थियों और शिक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सभा में उठी मांग

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान


बाकी खबरें

  • कार्टून क्लिक: सम्मान निधि नहीं एमएसपी का क़ानून चाहिए
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: सम्मान निधि नहीं एमएसपी का क़ानून चाहिए
    02 Aug 2021
    किसान प्रधानमंत्री से न कोई अतिरिक्त सम्मान मांग रहे हैं, न सम्मान निधि, वे बस उनके ऊपर थोपे जा रहे तीन दमनकारी कृषि क़ानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और अपने हक़ के तौर पर एमएसपी का क़ानून…
  • इज़रायल द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के विरोध में 17 फ़िलिस्तीनी क़ैदी भूख हड़ताल पर
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के विरोध में 17 फ़िलिस्तीनी क़ैदी भूख हड़ताल पर
    02 Aug 2021
    फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के अधिकार समूहों के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 540 फ़िलिस्तीनियों को इज़रायल द्वारा प्रशासनिक हिरासत की अवैध नीति के तहत क़ैद कर रखा गया है।
  • ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमले में शामिल होने के इज़रायली आरोपों से ईरान का इनकार
    पीपल्स डिस्पैच
    ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमले में शामिल होने के इज़रायली आरोपों से ईरान का इनकार
    02 Aug 2021
    इज़रायल, अमेरिका और यूके ने कोई सबूत दिए बिना ईरान पर पिछले हफ्ते ओमानी तट के पास इज़रायल के स्वामित्व वाले तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के लिए आरोप लगाया था जिसमें चालक दल के दो सदस्यों की मौत हो गई थी।
  • 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दक्षिण गुजरात में  पटेलों को लुभाने पर आप-भाजपा का ज़ोर
    दमयन्ती धर
    2022 विधानसभा चुनाव से पहले दक्षिण गुजरात में  पटेलों को लुभाने पर आप-भाजपा का ज़ोर
    02 Aug 2021
    फरवरी में हुए नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) ने जिन 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। यह नतीजे सूरत की 12 विधानसभा सीटों में से तीन पर पार्टी को बढ़त दे रही हैं।
  • हमारे समय का सबसे बड़ा मुक़ाबला मानवता और साम्राज्यवाद के बीच है
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    हमारे समय का सबसे बड़ा मुक़ाबला मानवता और साम्राज्यवाद के बीच है
    02 Aug 2021
    23 जुलाई 2021 को, न्यूयॉर्क टाइम्स में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के नाम क्यूबा के ख़िलाफ़ अमेरिकी नाकाबंदी हटाने की माँग करते हुए एक पूरे पेज
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License