NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीवीसी रिपोर्ट का एक हिस्सा आलोक वर्मा के हक में, कुछ की जांच ज़रूरी, कोर्ट ने जवाब मांगा
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय कौल और न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट के कुछ भाग वर्मा के लिए सम्मानजनक हैं, लेकिन कुछ भाग में ऐसा नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Nov 2018
Alok Varma

सर्वोच्च न्यायालय ने आज, शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की जांच रिपोर्ट पर जवाब देने के लिए कहा है। वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने लगाए हैं।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय कौल और न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट के कुछ भाग वर्मा के लिए सम्मानजनक हैं, लेकिन कुछ भाग में ऐसा नहीं है।

पीठ ने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिसकी जांच की जानी जरूरी है।

प्रधान न्यायाधीश गोगोई ने कहा कि सीवीसी रिपोर्ट को वरिष्ठ वकील फली नरीमन को सीलबंद लिफाफे में दिया जाए और मामले की अगली सुनवाई के दिन 20 नवंबर से पहले इसका जवाब सीलबंद लिफाफे में पेश किया जाए।

वर्मा की तरफ से पेश नरीमन ने कहा कि वे जल्द से जल्द रिपोर्ट का जवाब अदालत में पेश करना चाहेंगे। नरीमन ने संकेत दिया कि वे सोमवार को रिपोर्ट का जवाब दे सकते हैं।

दरअसल  पिछले  दिनों  अलोक  वर्मा ने  सीबीआई  डायरेक्टर  के पद  से  हटाए  जाने  पर  सुप्रीम  कोर्ट में  याचिका  दायर  की  थी। राकेश  अस्थाना  और  अलोक वर्मा   के  विवाद  के  चलते सीवीसी  ने  अलोक  वर्मा  को  डायरेक्टर  के  पद  से हटाकर  उन्हें  छुट्टी पर  भेज  दिया  था। जबकि  सीवीसी के  पास  किसी  को  हटाने  व  छुट्टी  पर  भेजने  का  अधिकार  नहीं  होता  उसको  केवल  जांच  करने  का  अधिकार  है।

अलोक  वर्मा  ने  राकेश अस्थाना  पर  भ्रष्टाचार  का  आरोप  लगाया  था  जिस  पर  जांच  चल  रही  थी। गैरतलब है की जांच  कर  रहे  अधिकारियों  में  से  कई  अधिकारियों का तबादला  कर  दिया  गया। विवाद के  चलते  राकेश अस्थाना  को भी  छुट्टी  पर  भेज  दिया  गया।

आलोक वर्मा की नियुक्ति सीबीआई निदेशक के रूप में दो साल के लिए हुई थी और उनका कार्यकाल इस साल दिसंबर में खत्म हो रहा था।

इसे भी पढ़ें:- सीबीआई की जंग : ‘कठपुतलियों’ को तो कोई और ही नचा रहा है

जानकारों का साफ मानना है कि शीर्ष स्तर पर यह खुला युद्ध है और पर्दे के पीछे इन कठपुतलियों को नचाने वाले राजनीतिक गलियारों में मौजूद हैं। इस प्रकरण को भी मोदी सरकार की नीति के उस हिस्से के तौर पर भी देखा जा रहा है जिसमें सभी प्रमुख संस्थानों को तबाह करने की कोशिश की जा रही है। ये एक खुला आरोप है, जिसपर विपक्ष और कई राजनीतिक जानकार सहमत हैं।

(कुछ इनपुट आईएएनएस)

इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार प्रमुख भारतीय संस्थानों को तबाह कर रही है

cbi vs cbi
CBI director
director Alok Varma
special director Rakesh Asthana
CVC
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: खूंटी के आदिवासी गांवों में ‘ड्रोन सर्वे’ को लेकर विरोध, प्रशासन के रवैये से तनाव
    31 Dec 2021
    एआईपीएफ़ की फ़ैक्ट फाइंडिंग टीम ने झारखंड ग्रामीण विकास मंत्री को वस्तुस्थिति की रिपोर्ट सौंपी।
  • Shaheen Bagh : Loktantra Ki Nai Karavat
    राज वाल्मीकि
    ‘शाहीन बाग़; लोकतंत्र की नई करवट’: एक नई इबारत लिखती किताब
    31 Dec 2021
    दिल्ली में पत्रकार भाषा सिंह की नई किताब ‘शाहीन बाग़ : लोकतंत्र की नई करवट’ का विमोचन और चर्चा। वक्ताओं ने कहा, "यह किताब एक ज़िन्दा दस्तावेज़ है, जो शाहीन बाग़ को हमेशा ज़िन्दा रखेगी।"
  • Drone warfare
    पीपल्स डिस्पैच
    ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही
    31 Dec 2021
    द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा हाल में अफ़ग़ानिस्तान और पश्चिमी एशिया में 2014 के बाद से अमरीकी हवाई हमलों में मारे गए हजारों लोगों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई। यह रिपोर्ट रेखांकित करती है कि अब…
  • kisan
    विजय विनीत
    यूपीः धान ख़रीद को लेकर किसानों से घमासान के बाद हड़ताल पर गए क्रय केंद्र प्रभारी
    31 Dec 2021
    चंदौली इलाक़े में धान ही इकोनॉमी का केंद्रबिंदु भी है। सरप्लस उपज के बावजूद इस पूरे इलाक़े में सरकार वैसी ख़रीद नहीं कर पा रही और न ही किसानों को एमएसपी का लाभ मिल पा रहा है।
  • tabrej
    ज़ाकिर अली त्यागी
    झारखंड : मॉब लिंचिंग क़ानून के बारे में क्या सोचते हैं पीड़ितों के परिवार?
    31 Dec 2021
    झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने मॉब लिंचिंग पर लगाम कसने के लिए  'भीड़ हिंसा एवं भीड़ लिंचिंग निवारण विधेयक'क़ानून 21 दिसंबर को सदन से पास करवा लिया है। इस नए क़ानून से मॉब लिंचिंग के पीड़ित व्यक्तियों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License