NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सोहराबुद्दीन मामले की अंतिम सुनवाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले में दिसंबर के अंत तक फैसला आने की उम्मीद है। मामले में 22 अन्य आरोपी शामिल हैं।
आईएएनएस
03 Dec 2018
Sohrabuddin

गुजरात के बहुचर्चित और संवेदनशील सोहराबुद्दीन अनवर शेख और तुलसीराम प्रजापति मुठभेड़ कांड और कौसर बी के साथ क्रूरता से दुष्कर्म करने के बाद हुई हत्या के मामले की अंतिम सुनवाई सोमवार को मुंबई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में शुरू हुई। 

विशेष न्यायाधीश एस.जे. शर्मा ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत आरोपी के बयानों की रिकॉर्डिंग पूरी करने के बाद तीन दिसंबर की तारीख तय की थी और उनके वकील इस मामले में किसी भी बचाव गवाहों को पेश करने में नाकाम रहे। 

इस हाई-प्रोफाइल मामले में दिसंबर के अंत तक फैसला आने की उम्मीद है। मामले में 22 अन्य आरोपी शामिल हैं। 

गैंगस्टर सोहराबुद्दीन और प्रजापति के कथित 'फर्जी मुठभेड़ों' और सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी के गायब होने की घटना 2005-2006 में घटी थी जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए गुजरात में एक बड़ा राजनीतिक तूफान आ गया था। 

अभियोजन पक्ष का आरोप यह था कि सोहराबुद्दीन आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और कथित रूप से राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के लिए कथित तौर पर साजिश रच रहा था।

इस मामले में कुल 37 लोगों पर आरोप लगाया गया था, जिनमें से 16 को 2014 में रिहा कर दिया गया था। 

मामले में बरी होने वालों में गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री और अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के तत्कालीन गृह मंत्री जी.सी. कटारिया, 'एनकाउंटर विशेषज्ञ' व गुजरात के पूर्व डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल डी.जी. वंजारा, तत्कालीन आईपीएस अधिकारी एन.के. अमीन और 12 अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। 

सीबीआई की एक याचिका के बाद, सर्वोच्च अदालत ने सितंबर 2012 में मामले को गुजरात से मुंबई स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। 

Sohrabuddin Sheikh
Sohrabuddin encounter
TULSIRAM PRJAPATI
kausar bi
Gujrat
Fake encounter
Mumbai
cbi court
Amit Shah
d g vanzara

Related Stories

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

हैदराबाद फर्जी एनकाउंटर, यौन हिंसा की आड़ में पुलिसिया बर्बरता पर रोक लगे

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

क्या हिंदी को लेकर हठ देश की विविधता के विपरीत है ?

मोदी-शाह राज में तीन राज्यों की पुलिस आपस मे भिड़ी!

चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

मेवानी की सज़ा पर कांग्रेस ने पूछा, क्या गुजरात में दलितों के मुद्दे उठाना अपराध है?

बिहार: नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने समान नागरिक संहिता का किया विरोध


बाकी खबरें

  • AZAMGARH POLICE
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्टः आज़मगढ़ में दलित चिकित्सक को गिरफ़्तार करने के लिए ख़ाकी ने फिर गढ़ी फ़र्ज़ी कहानी!
    12 Oct 2021
    आज़मगढ़ में ज़ुल्म-ज़्यादती का पहाड़ तोड़ने के लिए बदनाम रही पुलिस ने डॉ. शिवकुमार को फकत इस बात पर गिरफ्तार किया कि दलित होकर उन्होंने करणी सेना के कृत्यों पर प्रतिक्रिया स्वरूप टिप्पणी कैसे कर दी।…
  • Lakhimpur Kheri
    न्यूज़क्लिक टीम
    लखीमपुर:आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी के बाद मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफ़े के लिए भाजपा पर दबाव
    12 Oct 2021
    लखीमपुर घटना, जिसमें 04 किसानों, 01 पत्रकार समेत 08 लोगों की मौत हो गई, के मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा के जेल जाने के बाद अब विपक्ष उसके पिता गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफ़े की माँग कर रहा है।
  • A World Without Hunger
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    भुखमरी रहित दुनिया
    12 Oct 2021
    लोग भूखे इसलिए नहीं हैं क्योंकि लोगों की संख्या अधिक है या भोजन की कमी है बल्कि इसलिए हैं क्योंकि दुनिया भर में जीवनयापन के लिए जितने पैसे की जरूरत होती है उतना पैसा कई लोगों के पास नहीं है।
  • chile
    तान्या वाधवा
    चिली के आगामी राष्ट्रपति चुनाव में कौन-कौन हैं प्रमुख उम्मीदवार?
    12 Oct 2021
    21 नवंबर को चिली में होने वाले आम चुनावों से पहले हम इस देश में मौजूद विभिन्न मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रमुख राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों, और उनकी ओर से किये गए जा रहे प्रस्तावों पर नज़र डालते…
  • Nobel Peace Prize
    एम.ओबैद
    'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' के पुरज़ोर समर्थक दो पत्रकारों को 'नोबेल शांति पुरस्कार'
    12 Oct 2021
    सत्ता और विरोधियों से टकराने के चलते पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े पत्रकारों ने अपनी जानें गंवाई हैं। इस बीच विश्व के दो पत्रकारों को मिला नोबेल शांति पुरस्कार उन पत्रकारों की आवाज़ को और शक्ति देगा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License