NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सोहराबुद्दीन 'मुठभेड़' मामले में फैसला 21 दिसंबर को
वर्ष 2005-06 के दौरान कथित गैंगस्टर सोहराबुद्दीन और प्रजापति को 'फर्जी मुठभेड़' में मारे जाने और सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी की गुमशुदगी ने देश में बड़े पैमाने पर राजनीतिक भूचाल ला दिया था।
आईएएनएस
07 Dec 2018
sohrabuddin

मुंबई : केद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत राजनीतिक रूप से संवेदनशील सोहराबुद्दीन अनवर शेख और तुलसीराम प्रजापति दोहरे मुठभेड़ मामले में और गुजरात के कौसर बी दुष्कर्म व हत्या मामले में फैसला 21 दिसंबर को सुनाएगी। मामले में अंतिम बहस तीन दिसंबर को शुरू हुई थी, जो सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस.जे. शर्मा के समक्ष पांच दिसंबर को समाप्त हुई।

वर्ष 2005-06 के दौरान कथित गैंगस्टर सोहराबुद्दीन और प्रजापति को 'फर्जी मुठभेड़' में मारे जाने और सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी की गुमशुदगी ने देश में बड़े पैमाने पर राजनीतिक भूचाल ला दिया था।

अभियोजन पक्ष की दलील थी कि सोहराबुद्दीन का संबंध आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से था और वह कथित रूप से एक महत्वपूर्ण नेता (संभवत: तत्कालीन मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) की हत्या की साजिश रच रहा था। 

मामले में कुल 37 लोगों को आरोपी बनाया गया था। वर्ष 2014 में 16 लोगों को बरी कर दिया गया था।

बरी किए गए लोगों में गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री और अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के तत्कालीन गृहमंत्री जी.सी. कटारिया, गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक डी.जी. बंजारा, आईपीएस अधिकारी एन.के. अमीन और 12 अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

सर्वोच्च न्यायालय के सितंबर 2012 के एक आदेश के तहत मामले को गुजरात से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया था। 

Sohrabuddin Sheikh
Sohrabuddin encounter
TULSIRAM PRJAPATI
kausar bi
Fake encounter
Gujrat
Narendra modi
Amit Shah
d g vanzara

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस में बड़ा भूकंप
    02 Oct 2021
    राहुल गाँधी ने एक तरफ अमरिंदर सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया तो दूसरी तरफ वामपंथी युवा को पार्टी से जोड़ा। इससे पार्टी के अंदर की लड़ाई खुलकर सामने आ गयी है. क्या राहुल पार्टी को वामपंथ की तरफ ले जा…
  • Bhasha
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बरः गांधी की अहिंसा-सच्चाई के उलट, सरकार प्रतिशोध-झूठ में डूबी, स्वच्छता का है ढोंग
    02 Oct 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने गांधी जयंती पर गांधी की आड़ में झूठ और हिंसा के मोदी-योगी सरकार के तानेबाने को बेनक़ाब किया। चाहे वह मामला हाथरस साज़िश के नाम पर पत्रकार सिद्दीक कप्पन की…
  • Gandhi
    अजय कुमार
    बेरोज़गारी से जूझ रहे भारत को गांधी के रोज़गार से जुड़े विचार पढ़ने चाहिए!
    02 Oct 2021
    गांधी के नाम पर राजनीति करने वालों को गांधी के रोजगार से जुड़ी विचार पढ़ने चाहिए।
  • VIMAL THORAT
    राज वाल्मीकि
    स्वच्छता अभियान  का मुखौटा उतारना होगा: विमल थोराट
    02 Oct 2021
    नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स (NCDHR) की को-कन्वीनर और सोशल एक्टिविस्ट व लेखिका प्रोफ़ेसर विमल थोराट आज एक जाना-पहचाना नाम है। पेश हैं उनसे राज वाल्मीकि द्वारा की गई बातचीत के प्रमुख अंश:
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: किसानों का गला किसने घोंटा!
    02 Oct 2021
    सुप्रीम कोर्ट ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में जंतर- मंतर पर प्रदर्शन की मांग करने वाले किसानों के रुख पर आपत्ति जताई और कहा कि लंबे समय से विरोध कर रहे किसानों ने पूरे शहर का गला घोंट दिया है। उधर,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License