NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
सोनीपत : मीडिया में ख़बरें आने पर बडवाइज़र के दो मज़दूर नेता निलंबित
यूनियन के सदस्यों ने इसे प्रबंधन का मनमाना रवैया बताते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मज़दूरों नेताओं को चिह्नित कर प्रताड़ित किया जा रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jul 2019
मीडिया में ख़बरें आने पर बडवाइज़र के दो मज़दूर नेता निलंबित

सोनीपत में Anheuser-Busch (एबी इनबेव) बडवाइज़र प्लांट के प्रबंधन और मज़दूरों की लड़ाई और तीखी हो गई है। प्रबंधन ने हरियाणा बडवाइज़र लिमिटेड मजदूर यूनियन (एचबीएमयू) के दो सदस्यों संतराम वर्मा और नरेंद्र पाल को मीडिया में कंपनी में आंदोलन से संबंधित ख़बरें आने के बाद निलंबित कर दिया।

यूनियन के सदस्यों ने इसे प्रबंधन का मनमाना रवैया बताते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मज़दूरों नेताओं को चिह्नित कर प्रताड़ित किया जा रहा है। यूनियन के अनुसार, प्रबंधन ने मीडिया में छपी रिपोर्टों के आधार पर एचबीएमयू सदस्यों पर बदले की कार्रवाई की है। क्योंकि इन रिपोर्टों में उन्होंने अपने संघर्षों और प्रबंधन की उदासीनता पर प्रकाश डाला है।
इससे पहले, न्यूज़क्लिक ने एचबीएमयू कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध के 500वें दिन के बारे में बात की थी। मज़दूरों की प्रमुख मांग है कि जिन यूनियन नेताओं को बाहर किया गया उन्हें काम पर वापस  लिया जाए, भारतीय मजदूर संघ (BMS) की फर्जी यूनियन की मान्यता को रद्द किया जाए और प्रबंधन द्वारा यूनियन की मांगों पर बातचीत करने से इनकार करना शामिल था।
इसे भी पढ़ें : बडवाइज़र के मज़दूरों के धरना आंदोलन को 500 दिन, लेकिन कोई सुनवाई नहीं   

आज जब हम 24 जुलाई को,  रिपोर्ट लिख रहे हैं, तब मज़दूरों ने विरोध का 517 वां दिन मनाया।
मज़दूरों द्वारा दिखाए गए दृढ़ संकल्प को कई मीडिया हाउसों द्वारा कवर किया गया था, जिसने मज़दूरों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देने के लिए प्रबंधन से सवाल किये। हैरानी की बात है कि प्रबंधन ने इस मुद्दे को हल करने के बजाय,मज़दूरों को निलंबित करने का विकल्प चुना, जिससे अन्य यूनियन सदस्यों को संदेश भेज सके कि विरोध प्रदर्शन में भाग लिया तो क्या होगा। 
यूनियन नेताओं ने कहा कि हालांकि, इस तरह के बदले की कार्रवाई केवल मज़दूरों की एकता को मजबूत करेगी। 
न्यूज़क्लिक ने मज़दूर यूनियन के पूर्व महासचिव देशराज यादव से बात की जो प्रबंधन की बदले की कार्रवाई के चलते खुद तीन साल पहले अपनी नौकरी खो बैठे हैं और अभी भी उसके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की, जिन आरोपों पर दो यूनियन सदस्यों को निलंबित किया गया,प्रबंधन ही उनसे नाराज़ चल रहा था। जिस मामले में नरेंद्र पाल शामिल थे वो 2 जुलाई को हुई एक छोटी सी घटना थी,जिसमें उनकी प्रबंधन के एक व्यक्ति के बीच बातचीत हुई थी। अब उन्हें निलंबित करने के लिए अधिकारियों द्वारा उस मामले को फिर से खोल दिया गया। लेकिन अभी तक कोई जांच तिथि तय नहीं की गई है।
यादव ने कहा, "दोनों सदस्यों ने अपनी निलंबन के बाद भी प्रबंधन के खिलाफ विरोध में शामिल होना जारी रखा।"
इंटरनेशनल यूनियन ऑफ फूड, एग्रीकल्चर, होटल, रेस्त्रां, कैटरिंग, टोबैको एंड एलाइड वर्कर्स असोसिएशंस (IUF) जो ट्रेड यूनियनों का एक अंतरराष्ट्रीय महासंघ है उसके नेता प्रवीण खोतकर ने न्यूजक्लिक से बात करते हुए प्रबंधन के बारे में अपनी भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रबंधन यूनियन को तोड़ रही है। उनके अनुसार, यहां तक कि यूरोप में भी एबी इनबेव के कई प्लांटो पर श्रम कानूनों के बार-बार उल्लंघन का आरोप लगता रहा है।
IUF वर्तमान में OBMD वॉच के बेल्जियम के न्यायालयों में दायर मामले में  AB InBev India के विरुद्ध हरियाणा बड़वाज़र लिमिटेड मज़दूर यूनियन का प्रतिनिधित्व कर रहा है। OBMD वॉच एक वैश्विक नेटवर्क जो कि बहुराष्ट्रीय उद्यमों के लिए अपने विश्वव्यापी अभियानों में व्यावसायिक आचरण के बारे में दिशानिर्देश बनाता है। 
500 
से अधिक बीयर ब्रांडों के मालिक होने के नाते, बेल्जियम-ब्राजील की कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी बीयर निर्माता है और भारत में लगभग 17शराब की भठ्ठियों का संचालन करती है।
न्यूज़क्लिक ने एबी इनबेव सोनीपत संयंत्र के प्रमुख से बात करने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल का उत्तर नहीं दिया। उनकी प्रतिक्रिया मिलने के बाद ख़बर को अपडेट किया जाएगा।

budweiser beer factory in haryana
Haryana
workers protest
working class
sonipath

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

अधिकारों की लड़ाई लड़ रही स्कीम वर्कर्स

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग


बाकी खबरें

  • MP
    काशिफ काकवी
    मध्य प्रदेश : मंत्री ने माना, आदिवासी कल्याण कोष के पैसों को मोदी की रैली पर खर्च किया 
    06 Jan 2022
    कांग्रेस के आदिवासी विधायक अलावा का आरोप है कि राज्य सरकार के पास न तो आदिवासी मनरेगा मजदूरों का बकाया चुकाने के लिए धन है और न ही छात्रवृत्ति की प्रतीक्षा कर रहे आदिवासी छात्रों को देने के लिए।…
  • FCRA
    एस एन साहू 
    मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी का एफ़सीआरए लाइसेंस रद्द होना संघीय ढांचे के लिए एक सबक है
    06 Jan 2022
    क्रिसमस पर घटी घटना और नवीन पटनायक के मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी को समर्थन देने से यह उम्मीद जगी है कि अधिक से अधिक राज्य, निरंकुश केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संवैधानिक मूल्यों और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए आगे…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 7 महीने बाद 90 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज किये गए
    06 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 90,928 नए मामले दर्ज किये गए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में ओमिक्रोन के 495 नए मामले सामने आए हैं और कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,630 हो गई है।
  • Hisham Abu Hawwash
    अभिजान चौधरी
    141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार
    06 Jan 2022
    व्यापक विरोध और अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बाद इज़राइली अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि अबू हव्वाश के प्रशासनिक हिरासत आदेश को और आगे नहीं बढ़ाया जायेगा और उन्हें फ़रवरी में रिहा कर दिया…
  •  Bullibai app
    न्यूज़क्लिक टीम
    बुल्लीबाई एप के ज़हरीले कारोबार का राज़ और सर्वोच्च सत्ता की खामोशी
    06 Jan 2022
    बुल्लीबाई एप मामले में रहस्य का पर्दा धीरे-धीरे उठ रहा है. मुंबई पुलिस के प्रयास से बंगलूरु, रुद्रपुर और कोटद्वार से गिरफ्तारियां हुई हैं. क्या इन गिरफ्तारियों से कुछ नये ठोस तथ्य सामने आयेंगे?…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License