NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूरोप
स्पेन से स्वतंत्र होने के लिए 'कैटेलोनिया' सोमवार को प्रस्ताव लाएगा
कैटेलन के बीस लाख लोगों ने स्पेन से स्वतंत्र होने के लिए रविवार को हुए जनमत संग्रह में वोट दिया। इसमें लगभग 40 प्रतिशत मतदान हुए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Oct 2017
कैटेलोनिया

1 अक्टूबर को हुए जनमत संग्रह के बाद स्पेन का अंग रहे कैटेलोनिया 9 अक्टूबर यानी सोमवार को स्वतंत्र हो जाएगा। इसे स्पेन की सरकार ने सार्वजनिक रूप से असंवैधानिक बताया। अलग होने के लिए जनमत संग्रह में हिस्सा लेने वाले लोगों पर स्पेन की सरकार ने पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया था। पुलिस ने लोगों पर बर्बरता से कार्रवाई की जिसकी चारों तरफ निंदा हुई।

आजादी के समर्थक वामपंथी पोपुलर यूनिटी कैंडिडेसी (सीयूपी) पार्टी के कैटालन के प्रतिनिधि मिरीया बोया ने बुधवार को कहा कि स्वतंत्रता की घोषणा के बाद जनमत संग्रह के नतीजों का आकलन करने के लिए सोमवार को संसद सत्र में चर्चा होगी। उन्होंने ट्वीटर पर कहा कि हमलोग जानते हैं कि प्रतिनिधियों को निकाला जा सकता है, गिरफ्तार किया जा सकता है… लेकिन हमलोग इसके लिए तैयार हैं और कोई भी इसे नहीं रोक सकेगा।

कैटेलन के बीस लाख लोगों ने स्पेन से अलग को लेकर रविवार को हुए जनमत संग्रह में स्वतंत्र गणराज्य बनाने के लिए वोट दिया जिसमें लगभग 40 प्रतिशत मतदान हुआ। देश की संवैधानिक अदालत ने जनमत संग्रह को गैरकानूनी घोषित कर दिया।

सितंबर में कैटलन संसद द्वारा पारित किए गए विधायक के अनुसार उक्त क्षेत्र स्पेन से 48 घंटे के भीतर 'यस' वोट से स्वतंत्र घोषित हो जाएगा।

विधि के अनुसार जनमत संग्रह परिणाम बाध्यकारी बनाने के लिए न्यूनतम मतदान की आवश्यकता नहीं होगी। इसलिए उक्त क्षेत्र की सरकार का कहना है कि जनमत संग्रह के परिणाम ने स्वतंत्रता की घोषणा के साथ आगे बढ़ने के लिए जनादेश दिया है।

मंगलवार की रात स्पेन के सम्राट फिलिप छठे ने आकस्मिक भाषण दिया जिसमें उन्होंने कैटलन सरकार को कानून से खिलवाड़ करने और स्पेन की एकता को तोड़ने को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की। राजा के रुख को व्यापक रूप से स्पेन की दक्षिणपंथी सत्तारूढ़ दल द्वारा अपनाई गई कठोर स्थिति के लगभग समान माना जाता है।

कैटेलोनिया के अध्यक्ष कार्ल्स पूइगडेमांट ने सम्राट के भाषण की आलोचना की है और केंद्र सरकार की 'विनाशकारी’ नीति को उक्त क्षेत्र पर थोपने का आरोप लगाया है। कैटेलन के अध्यक्ष ने आने वाले दिनों में स्वतंत्रता की औपचारिक घोषणा के साथ आगे बढ़ने की कसम खाई।

प्रधानमंत्री मरियानो रजोए ने बुधवार को एक बयान में केंद्र में सरकार के कड़े रूख को दोहराया। बयान के अनुसार 'यदि श्री पूइगडेमांट बातचीत करना या सुलझाना या मध्यस्थों को भेजना चाहते हैं तो वे बेहतर तरीके से जानते हैं कि उन्हें पहले क्या करना हैः कानून के अनुसार काम करें।'

कैटलन सरकार अब यह तय करेगी कि स्वतंत्रता की घोषणा कैसे और कब की जाए।

1 अक्टूबर को कैटलन जनमत संग्रह के दौरान पुलिस की कार्रवाई में 800 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

स्पेन के सत्तारूढ़ पॉपुलर पार्टी और यूरोप में सत्तारूढ़ सरकार के शक्तिशाली वर्ग ने जनमत संग्रह पर स्पेन की सरकार की कार्रवाई का बचाव करने के लिए संप्रभुता के सिद्धांत और स्पेन की संविधान की अनिवार्यता के आधार पर तर्कों का सहारा लिया है। यूरोपीय अभिजात्यवर्ग में इन सिद्धांतों को लेकर राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि ये दोहरे मानक है। ब्रिटिश लेखक तथा राजनीतिक कार्यकर्ता केविन ओवेनडेन ने कहा कि ' मुझे याद नहीं कि जब यूगोस्लाविया अलग हुआ था तो ये लोग जो संविधान की पवित्रता और राज्य की संप्रभुता का जिक्र कर रहे हैं वे कहां थे।’

कैटेलोनिया
कैटेलोनिया रेफ़रनडम
स्पेन
मारियेनो राजोय

Related Stories

अमरीका का वैश्विक कब्ज़े की तरफ बढ़ता कदम


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License