NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
श्री लंका
एशिया के बाकी
श्रीलंका ने माना सुरक्षा प्रबंधन में हुई भारी चूक, मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हुई
रक्षा मंत्री रुवन विजयवर्धने ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हमें (सरकार को) जिम्मदारी लेनी ही होगी। राष्ट्रपति (मैत्रीपाल सिरिसेना) सुरक्षा प्रतिष्ठानों में कुछ बदलाव करने की योजना बना रहे हैं।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Apr 2019
sri lanka sankat
PHOTO : IANS

श्रीलंका के रक्षा मंत्री रुवन विजयवर्धने ने सिलसिलेवार हमलों के मामले में सुरक्षा प्रबंधन में चूक की बात स्वीकार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना सुरक्षा प्रतिष्ठानों में कुछ बदलाव करने की योजना बना रहे हैं।

वहीं गत रविवार को ईस्टर के मौके पर हुए आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार धमाकों में मरने वालों की संख्या 359 हो गई है।    

रक्षा मंत्री रुवन विजयवर्धने ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुरक्षा प्रबंधन में चूक की बात स्वीकार की और कहा, ‘‘ हमें (सरकार को) जिम्मदारी लेनी ही होगी। राष्ट्रपति (मैत्रीपाल सिरिसेना) सुरक्षा प्रतिष्ठानों में कुछ बदलाव करने की योजना बना रहे हैं।’’

मंत्री ने बताया कि खुफिया विभाग ने हमलावरों के क्राइस्टचर्च गोलीबारी मामले से प्रेरित होने की संभावना जताई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ आत्मघाती हमलावरों में से एक विदेश में पढ़ता था। उनमें से अधिकतर पढ़े-लिखे थे और मध्यम या उच्च-मध्य-वर्ग से आते थे। इसलिए वे और उनके परिवार आर्थिक रूप से काफी समर्थ हैं।’’

विजयवर्धने ने कहा, ‘‘ हमारा मानना है कि एक आत्मघाती हमलावर ने ब्रिटेन में पढ़ाई की थी और श्रीलंका आने से पहले ऑस्ट्रेलिया से स्नातकोत्तर किया।’’

पुलिस प्रवक्ता गुनसेखरा ने कहा, ‘‘ मृतक संख्या बढ़कर 359 हो गई है।’’ वहीं 500 से अधिक लोग घायल भी हैं।

पुलिस प्रवक्ता गुनासेखरा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि हमलों में एक महिला सहित नौ आत्मघाती हमलावर शामिल थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ उनमें से आठ की पहचान हो गई है।’’

उन्होंने बताया कि अभी तक मामले में 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी श्रीलंकाई नागरिक हैं। इनमें से 32 अपराधिक जांच विभाग की हिरासत में हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गुनसेकरा के हवाले से बताया कि बुधवार तड़के कम से कम 18 और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।

उन्होंने कहा कि वारकापोला में एक घर से पुलिस ने चार वॉकी-टॉकी और एक मोटरसाइकिल बरामद की है जो यहां से लगभग 56 किलोमीटर दूर है।

इस्लामिक स्टेट ने इन घातक हमलों की जिम्मेदारी ली है और हमलों को अंजाम देने वाले आत्मघातियों की पहचान भी उजागर की है।

गौरतलब है कि ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में गिरजाघरों और होटलों को निशाना बनाकर आत्मघाती हमले और सिलसिलेवार धमाके किए गए थे।

पुलिस ने बताया कि मारे गए लोगों में कम से कम 34 विदेशी शामिल हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Sri Lanka
sri lanka crisis
blasts in Sri Lanka
Easter Sunday
terrorist attack

Related Stories

क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?

श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी

श्रीलंका में सत्ता बदल के बिना जनता नहीं रुकेगीः डॉ. सिवा प्रज्ञासम

श्रीलंकाई संकट के समय, क्या कूटनीतिक भूल कर रहा है भारत?

श्रीलंका में हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत, महिंदा राजपक्षे की गिरफ़्तारी की मांग तेज़

आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का इस्तीफ़ा, बुधवार तक कर्फ्यू लगाया गया

श्रीलंका में कर्फ्यू, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफ़ा दिया

आइएमएफ की मौजूदगी में श्रीलंका के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को ख़तरा 

कौन हैं गोटाबाया राजपक्षे, जिसने पूरे श्रीलंका को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है

श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया


बाकी खबरें

  • up
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः पुरानी तस्वीरों को यूपी के विकास के प्रमाण के तौर पर पेश कर रही भाजपा
    27 Dec 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश के वीडियो में काफ़ी ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं जो या तो अन्य राज्यों की हैं या फिर भाजपा के शासनकाल से पहले की हैं।
  • Mirza Ghalib
    सत्यम् तिवारी
    आह ग़ालिब, वाह ग़ालिब: हम ने ये माना कि दिल्ली में रहें, खावेंगे क्या?
    27 Dec 2021
    ग़ालिब के ख़ुतूत को देखें तो 1857 के ग़दर के बाद 1859 से जो भी लिखा गया, उसके इख्तिताम पर लिखा होता, 'नजात का तालिब, ग़ालिब…’
  • Periyar
    बी. सिवरामन
    समकालीन दौर में पेरियार की प्रासंगिकता
    27 Dec 2021
    पेरियार ईवी रामासामी सिर्फ एक तमिल नेता नहीं थे और उन्हें ब्राह्मण-विरोधी जाति की राजनीति के नेता नहीं माना जा सकता है। बल्कि, वर्ण-जाति व्यवस्था के हिंदू जाति-सामंतवाद के ख़िलाफ़ एक अग्रणी सेनानी के…
  • River
    भारत डोगरा
    केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना केवल प्रतिष्ठा से है जुड़ी, इसमें जल संकट का समाधान नहीं
    27 Dec 2021
    केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की भारी आर्थिक लागत और पारिस्थितिक नुकसान को देखते हुए इससे मिलने वाले लाभ संदिग्ध हैं। इसलिए यह परियोजना उचित नहीं है।
  • bihar
    राहुल कुमार गौरव
    पीएम के 'मन की बात' में शामिल जैविक ग्राम में खाद की कमी से गेहूं की बुआई न के बराबर
    27 Dec 2021
    बिहार के जिस जैविक ग्राम को पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में 29 अगस्त को शामिल किया गया था वहां जैविक खाद तो दूर डीएपी की भी भारी किल्लत है जिसके चलते अब तक यहां 80% क्षेत्रों में गेहूं की बुआई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License