NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
श्री लंका
श्रीलंका : राष्ट्रपति ने गृह युद्ध के दौरान लापता हुए तमिल लोगों के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ हो रही कार्यवाहियों को रोका
गोटबाया ने कुछ दिनों पहले यह कहा था कि गृह युद्ध के दौरान लापता हुए तमिल अब जीवित नहीं हैं।
पीपल्स डिस्पैच
05 Feb 2020
श्रीलंका

जातीय हिंसा के दौरान ग़ायब हुए हज़ारों तमिलों के भयावह निष्कर्ष को स्वीकार करने बाद, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे ने अब अटॉर्नी जनरल को पूर्व नौसेना कमांडर एडमिरल वातनाथ करनगोडा

और पूर्व नौसेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डीकेपी दस्सनकाय पर उच्च न्यायालय की सुनवाई की कार्यवाही को रोकने का आदेश दिया है।

करनगोडा और दासानायके, दोनों पर चौदह नौसैनिक अधिकारियों के साथ, उत्तरी प्रांत के लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम को ख़त्म करने के लिए काउंटर इंसर्जेंसी लड़ाई के दौरान 11 तमिलों के लापता होने में शामिल होने का आरोप है। हालांकि यह भी आरोप है कि दोनों पूर्व नौसेना अधिकारियों ने फ़िरौती की रकम भी मांगी है। हाल ही में, अधिकारियों ने दावा किया है कि पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के नेतृत्व में श्रीलंका में हुए पिछले डिस्पेंशन में उन्हें राजनैतिक उत्पीड़न के चारे के रूप में इस्तेमाल किया गया था। यही कारण था कि उन्होंने सशस्त्र बलों द्वारा भेदभाव को फिर से संगठित करने के लिए राष्ट्रपति पद के लिए संपर्क किया।

गोतबाया राजपक्षे के प्रमुख चुनाव अभियान ने उन सशस्त्र बलों को उचित सुरक्षा देने पर ज़ोर दिया गया था, जो गृहयुद्ध के दौरान प्रतिबद्ध अपराधों के आरोपी थे। इन आरोपों पर दोबारा ग़ौर करने और आरोपी सेवानिवृत्त सशस्त्र अधिकारियों को सुविधा प्रदान करने के लिए इस दायरे में राष्ट्रपति आयोग की स्थापना की गई।

हालांकि श्रीलंका के अटॉर्नी जनरल, दपुला डी लिवेरा ने राष्ट्रपति के आदेशों को यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि इस नए बनाए गए आयोग के पास कोई क़ानूनी अधिकार नहीं होगा। लीवरे के अनुसार, राष्ट्रपति के जांच आयोग, "केवल निष्कर्षों की रिपोर्ट कर सकते हैं या सिफ़ारिश कर सकते हैं।"

कई सामाजिक कार्यकर्ता और समूह जो तमिलों का बचाव कर रहे हैं और दशक भर से चली आ रही लड़ाई के दौरान सशस्त्र बलों द्वारा किए गए उल्लंघनों की निंदा कर रहे हैं, उन्होंने राष्ट्रपति आयोग के अटॉर्नी जनरल को बुनियाद के लिए ख़तरा बताया है। उन्होंने कहा है: "ये पड़ाव अदालत की कार्यवाही की स्वतंत्रता और सरकार और न्यायपालिका के बीच स्पष्ट अलगाव को कम करने जा रहा है।"

srilanka civil war
srilanka president
tamils killed in civil war

Related Stories


बाकी खबरें

  • alternative media
    अफ़ज़ल इमाम
    यूपी चुनावः कॉरपोरेट मीडिया के वर्चस्व को तोड़ रहा है न्यू मीडिया!
    27 Jan 2022
    पश्चिमी यूपी में एक अहम बात यह देखने को मिल रही है कि कई जगहों पर वहां के तमाम लोग टीवी न्यूज के बजाए स्थानीय यूट्यूब चैनलों व वेबसाइट्स पर खबरें देखना पसंद कर रहे हैं। यह सिलसिला किसान आंदोलन के समय…
  • राज कुमार
    गोवा चुनाव: सिविल सोसायटी ने जारी किया गोवा का ग्रीन मेनिफेस्टो
    27 Jan 2022
    गोवा के युवाओं, विभिन्न संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों ने मिलकर गोवा का हरित घोषणा-पत्र यानी गोवा का ग्रीन मेनिफेस्टो जारी किया है। इस बारे में हमने आमचे मोलें सिटिज़न मूवमेंट से जुड़े स्वभू कोहली से…
  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2.86 लाख नए मामले, 573 मरीज़ों की मौत
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2.86 लाख नए मामले, 573 मरीज़ों की मौत
    27 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,86,384 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 3 लाख 71 हज़ार 500 हो गयी है।
  • sb
    एजाज़ अशरफ़
    मेरा हौसला टूटा नहीं है : कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज
    27 Jan 2022
    जब मैं 21 साल की हुई, तो मैं यह चुनाव करने को लेकर आज़ाद थी कि मैं भारतीय होना चाहती हूं या अमेरिकी होना चाहती हूं। मैंने बुनियादी तौर पर भारतीय होने को चुना, क्योंकि तब तक मैं पहले से ही सामाजिक…
  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत
    27 Jan 2022
    24 जनवरी को तख्तापलट के खिलाफ हुए देश-व्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा तीन और प्रदर्शनकारियों की गोली मार कर हत्या कर दी गई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License