NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
श्री लंका
श्रीलंका: सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू, सोशल मीडिया पर प्रतिबंध
श्रीलंका में हिंसा के दौरान भीड़ ने अल्पसंख्यक मुसलमानों की दुकानों एवं वाहनों को आग लगा दी और मकानों एवं मस्जिदों में भी तोड़-फोड़ की।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
14 May 2019
फाइल फोटो

श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए आतंकवादी हमले के बाद से भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद देश के कई हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया और इस संबंध में मंगलवार को कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।

हालांकि सरकार ने मंगलवार को उत्तरपश्चिम प्रांत को छोड़कर सभी इलाकों में राष्ट्रव्यापी रात के कर्फ्यू में ढील देने की घोषणा की। उत्तरपश्चिम प्रांत में सोमवार को भीड़ के हमले में एक मुस्लिम व्यक्ति की मौत हो गयी थी।

श्रीलंका पुलिस ने उत्तर पश्चिम प्रांत में भड़की मुस्लिम विरोधी हिंसा के अन्य इलाकों में फैलने की आशंका के मद्देनजर सोमवार को देश भर में कर्फ्यू लगा दिया था।

सिंहली समुदाय के लोगों ने मुसलमानों की दुकानों एवं वाहनों को आग लगा दी और लोगों ने मकानों एवं मस्जिदों में भी तोड़-फोड़ की।

कैबिनेट मंत्री एवं श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस के नेता रौफ हकीम ने मंगलवार को यह जानकारी दी।श्रीलंका सरकार ने हिंसक घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर भी फिर से प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने फेसबुक और व्हाट्सऐप पर प्रतिबंध के अलावा ट्विटर पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह प्रतिबंध अफवाहों और नफरत से प्रेरित बयानों को फैलने से रोकने के लिये लगाया गया है।

पुलिस ने बताया कि उसने हिंसा को भड़काने वाले दो प्रमुख लोगों समेत 20 अन्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रमुख चंदना विक्रमसिंघे ने बताया, ‘पुलिस दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्हें जमानत नहीं दी जायेगी और उन्हें 10 साल के लिये जेल में कैद किया जा सकता है।’
    
मुस्लिमों ने कहा कि दंगाइयों ने उनकी संपत्ति को नष्ट कर दिया और कर्फ्यू के बावजूद आगजनी की। सोमवार रात को प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि सेना को मुस्लिम विरोधी दंगे को काबू में करने का निर्देश दिया गया है और जनता से अनुरोध है कि वे स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिये सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करें।

मुख्य विपक्षी नेता महिंदा राजपक्षे ने हिंसा को रोकने में सरकार पर नाकामी का आरोप लगाया।श्रीलंका सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायके ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी हिंसा को भड़काते हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचाते पाया जाता है तो सेना किसी भी हिंसा को रोकने के लिये अधिक बल प्रयोग से नहीं हिचकेगी।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने कहा कि सुरक्षाबलों को हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है और अधिकारी मुस्लिमों पर हमले को रोक रहे हैं।

राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना के एक सलाहकार शिराल लकथिलाका ने कहा कि हम कहना चाहते हैं कि सरकार इस पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और आज रात के बाद से इसपर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा।

एक मुस्लिम व्यापारी ने अपनी सुरक्षा को लेकर भय जताते हुए बीबीसी से कहा कि हम कई जगहों को देख सकते हैं जहां कर्फ्यू लागू किया गया है। सेना बंदूकों के साथ सड़कों पर है लेकिन वे हिंसा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

एनटीजे, दो अन्य इस्लामिक चरमपंथी समूहों पर प्रतिबंध

श्रीलंका सरकार ने ईस्टर पर आतंकवादी हमले करने वाले नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) समेत तीन इस्लामिक चरमपंथी समूहों को प्रतिबंधित कर दिया है। आपको बता दें कि ईस्टर पर हुए धमाकों में 250 से अधिक लोग मारे गए और यह देश के इतिहास में सबसे भीषण हमलों में से एक था।

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने सोमवार को कई चरमपंथी संगठनों को प्रतिबंधित करने के आदेश वाला असाधारण गजट जारी किया। उन्होंने अगले नोटिस तक देश में ड्रोन के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी। गजट के अनुसार, नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे), जमाते मिलायते इब्राहिम (जेएमआई) और विलायत अस सेयलानी (डब्ल्यूएएस) संगठनों को प्रतिबंधित किया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

 

Sri Lanka
Social Media Banned
Communal Tension in Sri Lanka
Sinhalese Nationalism
Lanka Mosque Attacked
Sri Lanka Curfew
Mathripala Sirisena
Easter Sunday Blasts

Related Stories

आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का इस्तीफ़ा, बुधवार तक कर्फ्यू लगाया गया

श्रीलंका में कर्फ्यू, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफ़ा दिया

श्रीलंका का आर्थिक संकट : असली दोषी कौन?

श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया

श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई

श्रीलंकाई संकट : राजनीति, नीतियों और समस्याओं की अराजकता

श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया

श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच इमरजेंसी की घोषणा

श्रीलंका संकट: दर्द भी क़र्ज़ और दवा भी क़र्ज़

श्रीलंका की तबाही इतनी भयंकर कि परीक्षा के लिए कागज़ का इंतज़ाम भी नहीं हो पा रहा


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License