NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सरकार को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद पर बहाल किया
मुख्य न्यायाधीश गोगोई की ओर से फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश कौल ने कहा कि सिलेक्शन कमेटी मंगलवार से सात दिनों के भीतर बैठक करेगी और तब तक वर्मा किसी भी तरह के नीतिगत फैसले नहीं ले पाएंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jan 2019
CBI ALOK VARMA

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक के रूप में आलोक वर्मा को बहाल कर दिया। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायाधीश के.एम. जोसेफ की पीठ ने वर्मा को पद पर बहाल करते हुए कहा कि मामला सिलेक्शन कमेटी के पास जाएगा जो इस मुद्दे पर गौर करेगी।

मुख्य न्यायाधीश गोगोई की ओर से फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश कौल ने कहा कि सिलेक्शन कमेटी मंगलवार से सात दिनों के भीतर बैठक करेगी और तब तक वर्मा किसी भी तरह के नीतिगत फैसले नहीं ले पाएंगे। 

इस कमेटी में प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई के निदेशक और एनजीओ 'कॉमन कॉज' की याचिका पर फैसला सुनाया, जिसमें 23-24 अक्टूबर मध्यरात्रि को सरकार द्वारा लिए फैसले को चुनौती दी गई थी। केंद्र सरकार ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया था। 

इस मुद्दे पर अब विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है और सरकार बैकफुट पर आ गई है।

उधर, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सीबीआई के निदेशक पद पर आलोक वर्मा को बहाल करने के सर्वोच्च अदालत के फैसले को आंशिक जीत बताया क्योंकि उन्हें (वर्मा) अभी उनकी पूर्ण शक्तियां नहीं दी गई हैं। भूषण ने फैसले के बाद अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, "सर्वोच्च अदालत ने सीबीआई निदेशक के रूप में आलोक वर्मा की शक्तियां छीनने के सरकार और सीवीसी के फैसले को आज निरस्त कर दिया और आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद पर बहाल कर दिया।"

उन्होंने कहा, "लेकिन सीबीआई निदेशक के रूप में उनकी शक्तियां छीनने का आदेश रद्द करते हुए और उन्हें बहाल करने के बावजूद अदालत ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश वाली सिलेक्ट कमिटी के पास मामला जाने और इस पर विचार करने तक किसी तरह के प्रमुख नीतिगत फैसले नहीं ले पाएंगे।"

इस मामले पर एनजीओ 'कॉमन कॉज' की ओर से याचिकाकर्ताओं में से भूषण एक थे।

(इनपुट आईएएनएस)

CBI
cbi vs cbi
cbi chief
CBI director
director Alok Varma
Supreme Court
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License