NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
सरकार ने भी माना- मौजूदा कृषि विकास दर से किसानों की आय दोगुना होना मुश्किल
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने शुक्रवार को राज्यसभा में किसानों की आय दोगुना करने से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मैं इस बात से सहमत हूं कि इसी ग्रोथ रेट (विकास दर) के साथ किसानों की आय दो गुनी हो जायेगी, हम भी इस बात को नहीं मानते हैं।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Jul 2019
Parshottam Rupala
Parshottam Rupala. Image Courtesy: Indian Cooperative

आर्थिक विशेषज्ञ और विपक्ष जिस बात को लगातार कह रहा था उसे आज सरकार ने भी लगभग मान लिया है। सरकार को भी शक है कि मौजूदा चार प्रतिशत कृषि विकास दर पर 2022 तक किसानों की आय दोगुना हो जायेगी।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने शुक्रवार को राज्यसभा में किसानों की आय दोगुना करने से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मैं इस बात से सहमत हूं कि इसी ग्रोथ रेट (विकास दर) के साथ किसानों की आय दो गुनी हो जायेगी, हम भी इस बात को नहीं मानते हैं।’’

समाजवादी पार्टी (सपा) के रामगोपाल यादव ने पूरक प्रश्न में पूछा था कि कृषि में शामिल मत्स्य पालन, डेयरी उत्पादन, वानिकी और खेती पर आधारित मौजूदा लगभग चार प्रतिशत कृषि विकास दर पर क्या 2022 तक किसानों की आय दो गुनी हो जायेगी? यादव ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक कृषि में शामिल इन चार मुख्य कार्यों पर आधारित कृषि विकास दर लगभग चार प्रतिशत है जबकि विशुद्ध खेती पर अधारित कृषि विकास दर दो प्रतिशत से भी कम है।

इसके जवाब में रूपाला ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के लिये सरकार ने कृषि कार्य में पशु पालन, मधुमक्खी एवं मत्स्य पालन, बागवानी, वानिकीकरण आदि कामों को शामिल करते हुये इसमें किसान सम्मान योजना सहित अन्य कृषि कल्याण योजनाओं के सामूहिक लाभ से किसानों की आय दोगुना करने की कार्ययोजना लागू की है। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े अन्य पहलुओं को शामिल किये बिना मौजूदा कृषि विकास दर पर 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जायेगी, वह ऐसा नहीं मानते हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में रूपाला ने स्पष्ट किया कि किसान सम्मान योजना में फिलहाल वे किसान ही शामिल हैं जिनके पास जमीन का मालिकाना हक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो किसान किराये पर खेती करते हैं, कृषि मजदूर हैं या किसी अन्य रूप में खेती करते हैं, वे इसी तरह की योजना ‘‘श्रमयोगी योजना’’ के तहत पेंशन सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

जैविक कृषि को बढ़ावा देने से जुड़े एक सवाल के जवाब में रूपाला ने बताया कि सरकार ने जैविक खाद के उत्पादन के प्रोत्साहन के लिये भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से देश में 20 केन्द्र चल रहे हैं। प्रत्येक केन्द्र में किसानों के साथ मिलकर एक लाख क्लस्टर बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। रासायनिक खाद को दी जाने वाली सब्सिडी की तर्ज पर जैविक खाद के लिये भी निजी क्षेत्र द्वारा संचालित 61 परियोजनाओं को 720 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता दी गयी है।

(भाषा के इनपुट के साथ)


बाकी खबरें

  • आज का कार्टून
    आम आदमी जाए तो कहाँ जाए!
    05 May 2022
    महंगाई की मार भी गज़ब होती है। अगर महंगाई को नियंत्रित न किया जाए तो मार आम आदमी पर पड़ती है और अगर महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश की जाए तब भी मार आम आदमी पर पड़ती है।
  • एस एन साहू 
    श्रम मुद्दों पर भारतीय इतिहास और संविधान सभा के परिप्रेक्ष्य
    05 May 2022
    प्रगतिशील तरीके से श्रम मुद्दों को उठाने का भारत का रिकॉर्ड मई दिवस 1 मई,1891 को अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में मनाए जाने की शुरूआत से पहले का है।
  • विजय विनीत
    मिड-डे मील में व्यवस्था के बाद कैंसर से जंग लड़ने वाले पूर्वांचल के जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल के साथ 'उम्मीदों की मौत'
    05 May 2022
    जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल की प्राण रक्षा के लिए न मोदी-योगी सरकार आगे आई और न ही नौकरशाही। नतीजा, पत्रकार पवन जायसवाल के मौत की चीख़ बनारस के एक निजी अस्पताल में गूंजी और आंसू बहकर सामने आई।
  • सुकुमार मुरलीधरन
    भारतीय मीडिया : बेड़ियों में जकड़ा और जासूसी का शिकार
    05 May 2022
    विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय मीडिया पर लागू किए जा रहे नागवार नये नियमों और ख़ासकर डिजिटल डोमेन में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और अवसरों की एक जांच-पड़ताल।
  • ज़ाहिद ख़ान
    नौशाद : जिनके संगीत में मिट्टी की सुगंध और ज़िंदगी की शक्ल थी
    05 May 2022
    नौशाद, हिंदी सिनेमा के ऐसे जगमगाते सितारे हैं, जो अपने संगीत से आज भी दिलों को मुनव्वर करते हैं। नौशाद की पुण्यतिथि पर पेश है उनके जीवन और काम से जुड़ी बातें।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License