NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
सरकारी स्कूल के शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी संस्थानों में पढ़ाएं: पुडुचेरी मुख्यमंत्री
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने सरकारी शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निजी संस्थानों के बजाय सरकारी संस्थानों में पढ़ाएं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Aug 2019
narayanaswami
फोटो साभार : नवोदय टाइम्स

मुख्यमंत्री ने एक निजी टेलीविजन चैनल द्वारा विभिन्न श्रेणियों के तहत पुरस्कार जीतने वालों को संबोधित करते हुए शुक्रवार रात कहा , ‘‘ मैं हाल में एक ग्रामीण स्कूल के दौरे पर गया था और यह जानकर काफी निराश हुआ कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए निजी स्कूलों को प्राथमिकता देते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह निराशाजनक चलन है। सरकारी स्कूल के शिक्षकों को निजी संस्थानों के बजाय सरकारी स्कूलों का चयन कर दूसरों के लिए मिसाल पेश करनी चाहिए।’’

उन्होंने दुर्घटना का शिकार हुए लोगों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा के लिए अस्पताल पहुंचाने वाले वालों को 5000 रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा के बारे में कहा कि इस कदम को पुडुचेरी ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

हालांकि शिक्षा का मसला पेचीदा है। केवल ये बयान देना या कहना कि सरकारी अफसर या सरकारी स्कूल के शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाएं, केवल इससे इस समस्या का समाधान नहीं होगा। ये सरकारी स्कूल को बेहतर बनाने के लिए एक कदम ज़रूर है, लेकिन असली बदलाव तभी आ पाएगा जब पूरी शिक्षा नीति में बदलाव हो और सरकार के स्तर पर निजी शिक्षा और निजी शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा देना बंद कर सबको एक समान शिक्षा का अधिकार मिले।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

government institutions
V. Narayanasamy
Puducherry
Government schools
PRIVATE SCHOOL

Related Stories

नई शिक्षा नीति से सधेगा काॅरपोरेट हित

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

सरकार ने बताया, 38 हजार स्कूलों में शौचालयों की सुविधा नहीं

वायु प्रदूषण: दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय 29 नवंबर से फिर खुलेंगे

स्कूल तोड़कर बीच से निकाल दी गई फोर लेन सड़क, ग्रामीणों ने शुरू किया ‘सड़क पर स्कूल’ अभियान

कोविड-19: बिहार में जिन छात्रों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट नहीं, वे ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित

वॉल मैगजीन कैम्पेन: दीवारों पर अभिव्यक्ति के सहारे कोरोना से आई दूरियां पाट रहे बाल-पत्रकार 

शिक्षा के 'केरल मॉडल' को दूसरे राज्यों को भी क्यों फॉलो करना चाहिए?

भारत का एजुकेशन सेक्टर, बिल गेट्स की निराशा और सिंगापुर का सबक़

उत्तराखंड : “लॉकडाउन है तो क्या हुआ, अभिभावकों को फीस तो भरनी ही पड़ेगी”


बाकी खबरें

  • इमाद उल हसन
    नफ़रती सिनेमाई इतिहास की याद दिलाती कश्मीर फ़ाइल्स
    24 Mar 2022
    यह फ़िल्म मुसलमानों के ख़िलाफ़ मौजूदा रूढ़ धारणाओं को मज़बूती देने के लिए फिल्मों का इस्तेमाल करते हुए एक हालिया घटना को बड़ा बनाकर पेश करती है और और इसका इस्तेमाल देश को ज़्यादा सांप्रदायिक बनाने के…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: "मुख्यमंत्री के गृह जिले में दलित-अतिपिछड़ों पर पुलिस-सामंती अपराधियों का बर्बर हमला शर्मनाक"
    24 Mar 2022
    भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के हिलसा में अतिपिछड़ी जाति से आने वाले विरेश चंद्रवंशी की बर्बर किस्म से की गई हत्या, उसके बाद अतिपिछड़े व दलित समुदाय पर ही…
  • आमिर मलिक
    भगत सिंह झुग्गियाँ- वह स्वतंत्रता सेनानी जो सदा लड़ते रहे
    24 Mar 2022
    ब्रितानिया सल्तनत के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वाले, भगत सिंह झुग्गियाँ सदा लोगों के हक़ में आवाज़ उठाते रहे। इसी महीने आठ तारीख़ को उन्होंने अंतिम साँस ली। लेखक उनकी ज़िंदगी की कुछ झलकियाँ दिखा रहे हैं...
  • सबरंग इंडिया
    मौन कोई विकल्प नहीं है: पत्रकारों ने भारत के संवैधानिक संस्थानों की चुप्पी पर सवाल उठाया
    24 Mar 2022
    वरिष्ठ पत्रकारों ने हेट स्पीच और नरसंहार के खुले आह्वान के खिलाफ कार्रवाई की अपील की
  • प्रभात पटनायक
    वैश्वीकरण और पूंजी तथा श्रम का स्थान परिवर्तन
    24 Mar 2022
    वैश्वीकरण के वर्तमान दौर में, उत्तर के उन्नत पूंजीवादी देशों से, दक्षिण के कम मजदूरी वाले देशों की ओर, पूंजी के स्थानांतरण पर तो काफ़ी चर्चा हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License