NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
शर्मनाक: बलात्कार पीड़ित छात्रा का आरोप, दिल्ली पुलिस ने मदद से किया इंकार
छात्रा के मुताबिक जिस समय उसके साथ ये वारदात हुई, पुलिस अधिकारियों ने उसकी सहायता करने से मना कर दिया। छात्रा ने कहा कि वह उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Aug 2019
rape case
प्रतियात्मक तस्वीर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर शर्मसार है। तमाम वादों और दावों के बावजूद आज भी महिलाएं यहां सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं। 2 अगस्त को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की द्वितीय वर्ष की छात्रा से कथित बलात्कार मामले में एक नया खुलासा हुआ है। छात्रा ने 'द हिन्दू' को बताया कि जिस समय उसके साथ ये वारदात हुई, पुलिस अधिकारियों ने उसकी सहायता करने से मना कर दिया। छात्रा ने कहा कि वह उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती है।

पीड़िता ने बताया कि उसने शुक्रवार रात लगभग 8 बजे मंदिर मार्ग के एक मंदिर के सामने से काले रंग की एक कैब ली थी। यात्रा के दौरान ड्राइवर ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया, जिसके बाद उसने कैब ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया। इस सबके बीच ड्राइवर ने कैब रोकी और वह गाड़ी से बाहर निकल गई लेकिन ड्राइवर उसका पीछा करता रहा। पीड़िता ने बताया कि ड्राइवर ने उसे बालों से पकड़ कर गाड़ी में खींचा और आंखों पर पट्टी बांध दी,फिर उसका बालात्कार किया। पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि कैब चालक शराब के नशे में था।

इसे पढ़ें : दिल्ली में जेएनयू छात्रा से कैब ड्राइवर ने किया दुष्कर्म, 3 घंटे तक गाड़ी में घुमाता रहा ड्राइवर

पीड़िता ने पुलिस पर सहायता न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, जब वह पुलिस स्टेशन पहुंची को उसे दो महिला पुलिस अधिकारियों समेत चार अधिकारी मिले। जब छात्रा ने महिला पुलिस अधिकारी से उसे छोड़ने को कहा तो उसने ये कहते हुए मना कर दिया कि उनकी ड्यूटी केवल आठ से आठ की ही होती है। इसके साथ ही महिला अधिकारी ने पीड़िता को पुलिस स्टेशन से जाने को भी कहा।

इस पूरे मामले में दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने पुलिस को नोटिस जारी कर जांच की विस्तृत जानकारी मांगी है। डीसीडब्ल्यू ने कहा, ‘‘ यह स्तब्ध करने वाली घटना है कि दिल्ली की सड़कों पर गश्ती दलों की कमी के कारण एक युवती के साथ बलात्कार हुआ।'

डीसीडब्ल्यू पैनल ने मामले में कितने लोगों की गिरफ्तारी की गयी, प्राथमिकी की प्रति, मामले में की गयी पीसीआर कॉल के संबंध में जानकारी और पुलिस के मौके पर पहुंचने में लगे समय सहित स्थिति रिपोर्ट मांगी है। उसने तीन घंटे के लिए कैब द्वारा लिए गए ‘रूट मैप' की एक प्रति और सभी पुलिस चौकियों, नाकों, पीसीआर स्टेशन पॉइंट्स की जानकारी भी मांगी है। पैनल ने दो अगस्त की सभी सूचनाएं मुहैया कराने को कहा है।  

इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी दिल्ली पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़िता को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया है।

 बता दें कि, स्वतंत्रता दिवस के चलते पूरी दिल्ली इन दिनों हाई एलर्ट पर है और मंदिर मार्ग थाना, जहां एफआईआर दर्ज हुई है वो राजधानी के वीआईपी इलाकों में शुमार है, यहां से थोड़ी ही दूरी पर संसद भवन स्थित है। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि इतनी चाक-चौबंद सुरक्षा में भी अगर सेंध लग सकती है, तो ये वाकई चिंताजनक है।

Jawaharlal Nehru University
Delhi Commission for Women
national commission for women
delhi police
Mandir Marg Police Station
JNU student

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

दिल्ली: सिविल डिफेंस वालंटियर की निर्मम हत्या शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती है!

न्यायपालिका को बेख़ौफ़ सत्ता पर नज़र रखनी होगी

दिल्ली बच्ची दुष्कर्म और हत्या मामला: चारों आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर

दिल्ली बलात्कार कांड: जनसंगठनों का कई जगह आक्रोश प्रदर्शन; पीड़ित परिवार से मिले केजरीवाल, राहुल और वाम दल के नेता

दिल्ली में महिलाओं से बलात्कार एवं उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी

मस्जिद में नाबालिग से बलात्कार, सुरक्षा के असल मुद्दे को सांप्रदायिकता का ऐंगल देने की कोशिश!

दिल्ली दंगे: ज़मानत के आदेश ‘संदिग्ध’ साक्ष्यों, ‘झूठे’ सुबूतों की कहानी बयां करते हैं


बाकी खबरें

  • रिचर्ड डी. वोल्फ़
    यूक्रेन युद्ध में पूंजीवाद की भूमिका
    15 Apr 2022
    वैश्विक युद्ध हमेशा पूंजीवाद के वैश्वीकरण और इसके मुनाफ़े के मक़सद के साथ होता रहा है।
  • बी. सिवरामन
    क्या एफटीए की मौजूदा होड़ दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था परिपक्व हो चली है?
    15 Apr 2022
    अक्सर यह दावा किया जाता है कि मुक्त व्यापार समग्र रूप से तथाकथित 'राष्ट्रीय हितों' की पूर्ति करेगा। यह बकवास है। कोई भी एफटीए केवल निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों, खनिकों और खनिज निर्यातकों तथा…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं
    15 Apr 2022
    हिंसा को स्वीकार्य बनाने के लिए कट्टरपंथी शक्तियों द्वारा संचालित मानसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शायद पूर्ण हो चुका है और हममें से अधिकांश संभवतः इसमें ए प्लस ग्रेड भी अर्जित कर चुके हैं इसलिए इन शोभा…
  • ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन
    15 Apr 2022
    ऐसा प्रतीत होता है कि ज़्यादातर सूचनाएँ अभी भी शीत-युद्धकालीन मानसिकता से ग्रसित हैं, जो मानवता को दो विरोधी ख़ेमों में बाँटकर देखती है। हालाँकि, सच ये नहीं है।
  • विजय विनीत
    बनारस में गंगा के बीचो-बीच अप्रैल में ही दिखने लगा रेत का टीला, सरकार बेख़बर
    15 Apr 2022
    बनारस की गंगा में बालू के टीले पहले जून के महीने में दिखाई देते थे। फिर मई में और अब अप्रैल शुरू होने के पहले ही दिखाई देने लगे हैं, जो चिंता का विषय है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License