NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश बदला, सिनेमाघरों में अब राष्ट्रगान अनिवार्य नहीं
सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ ने नवम्बर 2016 में सिनेमाघरों में फिल्म दिखाए जाने से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य कर दिया था।
आईएएनएस
09 Jan 2018
supreme court
Image Courtesy : India Today

अपने पहले के आदेश को बदलते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि सिनेमाघरों में फिल्म दिखाने से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने नवम्बर 2016 में दिए अपने ही आदेश में बदलाव करते हुए यह नया आदेश दिया। 

इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ ने नवम्बर 2016 में सिनेमाघरों में फिल्म दिखाए जाने से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य कर दिया था। इस पीठ में न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा भी शामिल थे।

न्यायालय ने मंगलवार को यह आदेश केंद्र सरकार की उस याचिका के बाद दिया जिसमें सरकार ने इसके लिए अंतर-मंत्रिमंडलीय समिति के गठन की बात कही है जो यह तय करेगी कि राष्ट्रगान कब बजाना चाहिए या कब इसे सम्मान के साथ गाया जाना चाहिए। सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि पहले के आदेश की समीक्षा हो सकती है।

महान्यायवादी के.के. वेणुगोपाल ने न्यायालय से आग्रह किया कि वह सिनेमा हॉलों में राष्ट्रगान बजाए जाने के आदेश को संशोधित कर इसे 'करना होगा' के दायरे से निकालकर 'किया जा सकता है' में लाए।

न्यायालय ने 2016 में अपने आदेश में सिनेमा हॉल में उपस्थित सभी दर्शकों को सिनेमा दिखाए जाने से पहले राष्ट्रगान बजने पर खड़े होने का आदेश दिया था।


न्यायालय ने श्याम नारायण चौकसे की याचिका को निपटाते हुए उन्हें इस मामले को अंतर-मंत्रिमंडलीय समिति के पास ले जाने की इजाजत दी।
 

सुप्रीम कोर्ट
राष्ट्रगान
देशभक्ति

Related Stories

वोट बैंक की पॉलिटिक्स से हल नहीं होगी पराली की समस्या

सर्वोच्च न्यायालय में दलितों पर अत्याचार रोकथाम अधिनियम में संसोधन के खिलाफ याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट: मॉब लिंचिंग पर जल्द कानून लाए केंद्र

कोलेजीयम ने न्यायमूर्ति के० एम० जोसेफ की सिफारिश को दोहराएगा

चेन्नई में SC/ST Act को कमज़ोर बनाये जाने के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन

जज लोया की मौत से संबंधित सभी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की

दलितों का भारत बंद एक ऐतिहासिक घटना है: सुभाषिनी अली

रविशंकर प्रसाद के खोखले वक्तव्य

SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

आधार कार्ड बनवाने के लिए बच्चों को क्यों मजबूर किया जा रहा हैं?


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License