NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
सऊदी अरब ने पत्रकार खाशोग्गी की हत्या को स्वीकारा
इस संबंध में पांच उच्चस्तरीय अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है, जिसमें सऊदी अरब की खुफिया एजेंसी के उपप्रमुख भी हैं। वहीं 18 को हिरासत में लिया गया है।
आईएएनएस
20 Oct 2018
Jamal Khashoggi
Image Courtesy: The New Yorker

रियाद| सऊदी अरब ने पुष्टि करते हुए कहा है कि लापता पत्रकार और वाशिंगटन पोस्ट के स्तभंकार जमाल खाशोग्गी की मौत इस्तांबुल में देश के वाणिज्यिक दूतावास में सऊदी अरब के दर्जनभर अधिकारियों के साथ झड़प के बाद हुई। सीएनएन के मुताबिक, सऊदी अरब के सरकारी टीवी ने शुक्रवार रात को इसकी पुष्टि की। 

यह तुर्की में 18 दिन पहले हुई खाशोग्गी की मौत को लेकर पहली आधिकारिक पुष्टि है और पहली बार सऊदी अरब ने इसमें अपनी भागीदारी को स्वीकार किया है।

बयान के मुताबिक, "सऊदी अरब ने इस मामले में हुए पीड़दायक घटनाक्रमों पर गहन खेद जताते हुए कहा कि इस मामले को स्पष्ट रूप से जनता के सामने रखा जाएगा और इसमें शामिल लोगों को कानूनी कठघरे में खड़ा किया जाएगा।"

बयान में स्वीकार किया गया कि वाणिज्यिक दूतावास में झड़प के दौरान खाशोग्गी की मौत हो गई। वह यहां अपनी मंगेतर हेटिस केनजिग से शादी के लिए जरूरी कागजात बटोरने आए थे जबकि इस पूरे प्रकरण के दौरान उनकी मंगेतर दूतावास के बाहर कार में बैठी उनका इंतजार कर रही थी।

इस संबंध में पांच उच्चस्तरीय अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है, जिसमें सऊदी अरब की खुफिया एजेंसी के उपप्रमुख भी हैं। वहीं 18 को हिरासत में लिया गया है।

प्राथमिक जांच से पता चला है कि एक संदिग्ध खाशोग्गी से मिलने के इरादे से इस्तांबुल गया था।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें सऊदी अरब का यह दावा विश्वसनीय लगता है।

उन्होंने सऊदी अरब के आधिकारिक बयान को एक अच्छा कदम बताते हुए कहा कि सऊदी अरब के अधिकारियों से चर्चा जारी जाएगी।

ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि हम इस बड़ी समस्या को ख़त्म करने के करीब पहुंच गए हैं।"

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब मध्यपूर्व में हमारा सबसे बड़ा साझेदार है लेकिन जो कुछ भी हुआ, वह अस्वीकार्य है।

खाशोग्गी के लापता होने के बाद से ही सऊदी अरब तनाव और विवादों से घिरा हुआ था।

Jamal Khashoggi
Saudi Arabia
death of Journalist
Turkey

Related Stories

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

क्या अमेरिका और यूरोप के करीब आ रहा है तुर्की?

AUKUS के विश्वासघात के ख़िलाफ़ मैक्रोन का बदला

तुर्की-यूएई रिश्तों में सुपर ब्लूम के मायने क्या हैं?

तुर्की में पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दागे आंसू गैस के गोले


बाकी खबरें

  • समीना खान
    ज़ैन अब्बास की मौत के साथ थम गया सवालों का एक सिलसिला भी
    16 May 2022
    14 मई 2022 डाक्टर ऑफ़ क्लीनिकल न्यूट्रीशन की पढ़ाई कर रहे डॉक्टर ज़ैन अब्बास ने ख़ुदकुशी कर ली। अपनी मौत से पहले ज़ैन कमरे की दीवार पर बस इतना लिख जाते हैं- ''आज की रात राक़िम की आख़िरी रात है। " (राक़िम-…
  • लाल बहादुर सिंह
    शिक्षा को बचाने की लड़ाई हमारी युवापीढ़ी और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई का ज़रूरी मोर्चा
    16 May 2022
    इस दिशा में 27 मई को सभी वाम-लोकतांत्रिक छात्र-युवा-शिक्षक संगठनों के संयुक्त मंच AIFRTE की ओर से दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित कन्वेंशन स्वागत योग्य पहल है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!
    16 May 2022
    फ़िल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी का कहना है कि ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि किसान का बेटा भी एक फिल्म बना सके।
  • वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: क्षमता से अधिक पर्यटक, हिमालयी पारिस्थितकीय के लिए ख़तरा!
    16 May 2022
    “किसी स्थान की वहनीय क्षमता (carrying capacity) को समझना अनिवार्य है। चाहे चार धाम हो या मसूरी-नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल। हमें इन जगहों की वहनीय क्षमता के लिहाज से ही पर्यटन करना चाहिए”।
  • बादल सरोज
    कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी
    16 May 2022
    2 और 3 मई की दरमियानी रात मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले के गाँव सिमरिया में जो हुआ वह भयानक था। बाहर से गाड़ियों में लदकर पहुंचे बजरंग दल और राम सेना के गुंडा गिरोह ने पहले घर में सोते हुए आदिवासी धनसा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License