NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुधार या धोखा:कोयले के निजीकरण से सरकार किसे फायदा पहुँचाना चाहती है ?
बीते सप्ताह कोयला खदान को निजी क्षेत्रों के व्यापारीक उपयोग के लिए खोलने के बाद,केंद्र सरकार ने अब खदानों की निलामी की संक्षिप्त सुची बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Feb 2018
Translated by मुकुंद झा
coal

बीते सप्ताह कोयला खदान को निजी क्षेत्रों के व्यापारीक उपयोग के लिए खोलने के बाद,केंद्र सरकार ने अब खदानों की निलामी की संक्षिप्त सुची बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।

कोयला खादानों-प्रत्येक खादान मे कम से कम 50लाख टन आरक्षित हैं, जो संक्षिप्त सुची तैयार है उसमें मध्य भारत के खादान है-ओड़िशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, और झारखंड इनकी निलामी मार्च2019 तक पुरी होने की संभावना है।

जबकी वैश्विक खनन के जाने माने लोग जैसे कि Rio Tinto ,और BHP Billiton के कथन के अनुसार उन्होंने भारत में  कोयला की खोज की पहल में रुचि ज़ाहिर की I विशेषज्ञ मानते हैं  कि भविष्य में सरकार नियंत्रित कोल इण्डिया लिमिटेड विश्व की सबसे बड़ी कोयला  उत्पाक हो सकती है , भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए उसका 80%  कोल इंडिया से आता है I  पर कोल इंडिया को अपना कोयला खनन का लक्ष्य 2017-18 मे कम करके 660 MTसे600MT पिछले साल अप्रैल मे किया मुख्यतः क्योंकि मांग कम हो रही थी  I

अब तक के अनुमान के अनुसार पुरे भारत राज्य में कोयले कुल संचय 2014 तक 301.56 करोड़ टन आरक्षित है I

शुरूआत में ट्रेड यूनियनों ने साथ CITU और AICWF ने दावा किया की इस सेक्टर के निजीकरण से मज़दूर कि सुरक्षा और तनख्वाह पर विपरीत असर पड़ेगा । वहीं दुसरी ओर करोड़ पति अनिल अग्रवाल ,चेयरमैन ऑफ वेदांता रिसोर्सेज़ ने इस कदम को अद्भुत और साहिसक बताया।

 इस महीने की शुरुआत में सर्वोच्च न्यायालय ने गोवा के सभी कच्चे लोहे की खनन पर दी गयी मंजूरियों पर प्रश्न उठाऐ हैं, जिसमे अग्रवाल वेदांता रिसोर्स पुरे राज्य मे सबसे बड़ी लोह खनन कम्पनी हैं।

हालांकि सरकार निजीकरण के इस कदम को कोयला क्षेत्र मे एक महत्वाकांक्षी सुधार मानती हैं,इसे लागू करने और बदलने मे कुछ समय लगेगा। निलामी पुरी होने मे एक वर्ष लगेगा और भूमि अधिग्रहण के बाद खनन बुनियादी ढांचे की एक इकाई स्थापना में तीन साल से अधिक समय में होगी I

सीआईएल को एकीकृत करने के लिए,इस सरकार के कोयला खनन के क्षेत्निजी लोगों के लिये खोलने के कदम को कोल इंडिया के कर्मचारियों द्वारा पुरी तरह से आलोचना की गई,उन्हें नैकरी जाने और काम के शर्त मे बदलाव का डर है I


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 
    26 Mar 2022
    कारपोरेटपरस्त कृषि-सुधार की जारी सरकारी मुहिम का आईना है उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट। इसे सर्वोच्च न्यायालय ने तो सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन इसके सदस्य घनवट ने स्वयं ही रिपोर्ट को…
  • भरत डोगरा
    जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी
    26 Mar 2022
    यदि सरकार गरीब समर्थक आर्थिक एजेंड़े को लागू करने में विफल रहती है, तो विपक्ष को गरीब समर्थक एजेंडे के प्रस्ताव को तैयार करने में एकजुट हो जाना चाहिए। क्योंकि असमानता भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,660 नए मामले, संशोधित आंकड़ों के अनुसार 4,100 मरीज़ों की मौत
    26 Mar 2022
    बीते दिन कोरोना से 4,100 मरीज़ों की मौत के मामले सामने आए हैं | जिनमें से महाराष्ट्र में 4,005 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा गया है, और केरल में 79 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा…
  • अफ़ज़ल इमाम
    सामाजिक न्याय का नारा तैयार करेगा नया विकल्प !
    26 Mar 2022
    सामाजिक न्याय के मुद्दे को नए सिरे से और पूरी शिद्दत के साथ राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने के लिए विपक्षी पार्टियों के भीतर चिंतन भी शुरू हो गया है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?
    26 Mar 2022
    फिल्म द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में मुस्लिम विरोधी नफरत पूरे देश में स्पष्ट रूप से प्रकट हुई है और उनके बहिष्कार, हेट स्पीच, नारे के रूप में सबसे अधिक दिखाई देती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License