NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
सुपर ट्यूजडे ने बर्नी सैंडर्स के नामांकन की संभावना को कम किया
प्रगतिशील उम्मीदवार बर्नी सैंडर्स ने इस नतीजे के आने के बाद अन्य उम्मीदवारों पर बढ़त बनाए डेलिगेट्स को गंवा दिया है। बिडेन लगभग 40 डेलिगेट्स के साथ उन पर बढ़त बनाए हुए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
04 Mar 2020
बर्नी सैंडर्स

अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी के मैराथन प्राइमरी के परिणामों ने राष्ट्रपति पद के आशावान और दौड़ में सबसे आगे बर्नी सैंडर्स की संभावनाओं को प्रभावित किया है। सुपर ट्यूजडे कहे जाने वाले पार्टी के 14 राज्यों में आयोजित मैराथन इन-पार्टी चुनाव प्रक्रिया ओबामा के युग के उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी के पसंदीदा जोए बिडेन के पक्ष में आई है। 14 राज्यों में से 9 में बिडेन जीतने वाले उम्मीदवार हैं और एक राज्य में सैंडर्स से मामूली अंतर से आगे हैं।

अन्य डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों पर अब तक मिले शुरुआती लीड के बाद इस भारी हार से बर्नी सैंडर्स को कीमत भी चुकानी पड़ी। बिडेन फिलहाल लगभग 70 डेलिगेट्स से सैंडर्स के आगे हैं। ऐतिहासिक रूप से सुपर ट्यूजडे में जिस भी उम्मीदवार का अच्छा प्रदर्शन होता है उन्हें अक्सर डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार होने की संभावना होती है।

सैंडर्स ने अब तक तीन राज्यों में जीत हासिल की और टेक्सास में वोट शेयर के मामले में बिडेन से लगभग थोड़ा ऊपर नीचे है। कैलिफोर्निया और टेक्सास जिसमें डीएनसी के लिए क्रमशः 415 और 228 डेलिगेट्स होते हैं, इनमें उनके प्रदर्शन से इन परिणामों में उतना बुरा नहीं हुआ है।

एक अन्य प्रगतिशील उम्मीदवार एलिजाबेथ वारेन ने अपने गृह राज्य मैसाचुसेट्स सहित कम से कम चार राज्यों में सैंडर्स के प्रदर्शन को प्रभावित किया है जहां बिडेन ने आश्चर्यजनक जीत हासिल की।

अब तक आवंटित 45 प्रतिनिधियों को सुरक्षित करते हुए तीसरे स्थान पर आने के बावजूद वारेन बिडेन और सैंडर्स से बहुत पीछे हैं। संभावना है कि वे अपनी उम्मीदवारी छोड़ देंगी लेकिन यह सवाल बरकरार है कि इसके बाद वे सैंडर्स की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगी या नहीं।

America
Bernie Sanders
american presidential elections
presidential elections in america 2020

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • indian economy
    अजय कुमार
    क्या 2014 के बाद चंद लोगों के इशारे पर नाचने लगी है भारत की अर्थव्यवस्था और राजनीति?
    18 Nov 2021
    क्या आपको नहीं लगता कि चंद लोगों के पास मौजूद बेतहाशा पैसे की वजह से भारत की पूरी राजनीति चंद लोगों के हाथों की कठपुतली बन चुकी है।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    निर्माण कार्य बंद होने पर मज़दूरों ने की मुआवज़े की मांग, श्रीनगर एनकाउंटर और अन्य ख़बरें
    17 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी मज़ार रहेगी निर्माण कार्य बंद होने पर मज़दूर संकट में, श्रीनगर एनकाउंटर और अन्य ख़बरों पर।
  •  कॉप-26 के इरादे अच्छे, पर गरीब देशों की आर्थिक मदद पर कुछ नहीं
    न्यूज़क्लिक टीम
    कॉप-26 के इरादे अच्छे, पर ग़रीब देशों की आर्थिक मदद पर कुछ नहीं
    17 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक की इस ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह और न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ ने कॉप-26 में जलवायु परिवर्तन पर किए गए एग्रीमेंट पर चर्चा की है।
  • congress
    सुहित के सेन
    राहुल जहां हिंदुत्व को धर-दबोचने में सफल, लेकिन कांग्रेस सांगठनिक तौर पर अभी भी कमज़ोर
    17 Nov 2021
    जहाँ एक तरफ विचारधारा चुनावों में सफलता पाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है, वहीं इसके लिए एक सांगठनिक नींव अपनेआप में अपरिहार्य है।
  • judge
    भाषा
    लखीमपुर हिंसा: एसआईटी जांच की निगरानी पूर्व न्यायाधीश राकेश कुमार जैन करेंगे
    17 Nov 2021
    पीठ ने राज्य सरकार द्वारा दिए गए आईपीएस अधिकारियों के नामों पर भी गौर किया और जांच के लिए गठित एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License