NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अर्थव्यवस्था
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा- स्थिति सामान्य होने में कितना समय लगेगा?
नोटबंदी के मुद्दे की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र से कई सवाल पूछे।
सबरंग इंडिया
10 Dec 2016
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा- स्थिति सामान्य होने में कितना समय लगेगा?

नोटबंदी के मुद्दे की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र से कई सवाल पूछे। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं और सरकार से नोटबंदी पर हो रही असुविधा को खत्म करने के लिए सलाह भी मांगी। कोर्ट ने साथ ही सरकार से पूछा की स्थिति सामान्य होने में कितना वक्त लगेगा?। मामले की अगली सुनवाई अब 14 दिसंबर को होगी।

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच ने सुनवाई के दौरान अटर्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी से पूछा, 'अगर आपने हर सप्ताह बैंक से निकासी की सीमा 24,000 रखी है तो बैंकों को इससे इनकार नहीं करना चाहिए।' इसपर एजी ने कहा कि सेविंग अकाउंट से राशि निकालने की अधिकतम सीमा 24,000 रुपये है। 
 
इसपर चीफ जस्टिस ने एजी से पूछा क्यों नहीं न्यूनतम लिमिट 10,000 रुपये कर दिया जाए जिससे बैंक मना नहीं कर सके। फिर एजी ने इस बारे में केंद्र सरकार से सलाह लेने की बात कही। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में कहा था कि राजधानी दिल्ली में भी बैंकों के पास कैश नहीं है। उधर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में साथ ही बताया कि करीब 12 लाख करोड़ के 500 और 1000 रुपये के नोट RBI के पास आ चुके है।
 
चीफ जस्टिस ने एजी से पूछा कि जब आपने यह पॉलिसी बनाई तो यह गोपनीय थी लेकिन अब आप हमें बता सकते हैं कि कैश की उपलब्धता में और कितना वक्त लगेगा। कोर्ट ने साथ ही केंद्र से पूछा कि क्यों नहीं जिला सहकारी बैंकों पुराने नोट जमा करने की इजाजत दी जा रही है।

Courtesy: सबरंग इंडिया
नोट बंदी
भाजपा
काला धन

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

नोटबंदी: वायू सेना ने सौंपा 29.41 करोड़ का बिल

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

स्विस बैंकों में भारतीयों की राशी बढ़ी, लेकिन यह खुलासा सिर्फ ऊँठ के मुँह में जीरे सामान है

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी


बाकी खबरें

  • Satyapal Malik
    भाषा
    मेघालय में कर्फ़्यू के बाद भी हिंसा, राज्यपाल सत्यपाल मलिक के काफिले पर हमला
    18 Aug 2021
    राज्यपाल सत्यपाल मलिक को असम में हवाई अड्डे पर छोड़कर आ रहे उनके काफिले पर, अज्ञात उपद्रवियों ने मंगलवार को पत्थरों से हमला कर दिया। राजभवन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
  • POLICE
    भाषा
    वाराणसी: सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह के मामले में दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
    18 Aug 2021
    पुलिस की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि इस मामले में कैंट थाना प्रभारी राकेश सिंह और विवेचक गिरिजा शंकर को निलंबित कर दिया गया है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल की क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी घरों और अन्य ढांचों पर अवैध कार्रवाई
    18 Aug 2021
    इजरायली नगरपालिका अधिकारियों ने मंगलवार 17 अगस्त को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में पूर्वी येरुशेलम शहर के दक्षिण पश्चिम में स्थित
  • पीपल्स डिस्पैच
    उरुग्वे के विपक्ष और ट्रेड यूनियनों ने सरकार के 'अकाउंटेबिलिटी एंड बजट बिल' को ख़ारिज किया
    18 Aug 2021
    अकाउंटेबिलिटी एंड बजट बिल को राष्ट्रपति लुइस लैकले पोउ की दक्षिणपंथी सरकार द्वारा पेश किया गया जो सरकार की बचत के नाम पर विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्रों के बजट में और कटौती करना चाहता है।
  • Muharram
    भाषा
    मुहर्रम का जुलूस कवर कर रहे पत्रकारों की पिटाई करने वाले पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश
    18 Aug 2021
    पुलिस ने यहां मुहर्रम जुलूस की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के एक समूह पर मंगलवार को लाठियां चलाई और उन्हें मारा-पीटा था। विभिन्न वर्गों द्वारा उसकी आलोचना की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License