NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुप्रीमकोर्ट कॉलेजियम: दिसंबर और जनवरी के बीच क्या हुआ?
पूर्व न्यायाधीशों ने जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और राजेंद्र मेनन के वरिष्ठता को नजरअंदाज करने को लेकर सवाल उठाए। जस्टिस एस के कौल ने इस मामले में CJI गोगोई को चिट्ठी लिखी है |
लाइव लॉ
17 Jan 2019
सुप्रीमकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा 10 जनवरी को कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना की सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति की केंद्र सरकार को भेजी गई सिफारिश पर विवाद बढ़ता जा रहा है।

 सुप्रीम कोर्ट के ही जज, जस्टिस संजय किशन कौल ने इस फैसले पर सवाल उठाया है और उन्होंने CJI रंजन गोगोई को लिखी चिट्ठी में कहा है कि वरिष्ठता के क्रम में राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग हैं और उनका नाम हटाकर जस्टिस खन्ना की सिफारिश करना, सही फैसला नहीं है। जस्टिस कौल ने कहा है कि कॉलेजियम के इस फैसले से गलत संदेश जाएगा।

हालांकि जस्टिस कौल ने जस्टिस खन्ना पर किसी तरह के सवाल नहीं उठाए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज, जस्टिस कैलाश गंभीर ने भी राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर इस फैसले को लेकर विरोध जताया था।

दरअसल 10 जनवरी को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस ए. के. सीकरी, जस्टिस एस. ए. बोबड़े, जस्टिस एन. वी. रमण और जस्टिस अरुण मिश्रा के सुप्रीम कोर्ट के पांच वरिष्ठ जजों के कॉलेजियम ने कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने के लिए केंद्र को सिफारिश भेजी है। जबकि दिसंबर में कॉलेजियम (जिसमें जस्टिस मदन बी. लोकुर भी शामिल थे) ने दिल्ली के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग को चुना था, लेकिन बाद में उक्त कॉलेजियम की सिफारिश केंद्र को नहीं भेजी गई।

 जनवरी में जस्टिस लोकुर के रिटायर होने के बाद कॉलेजियम में जस्टिस अरुण मिश्रा शामिल हुए और फिर उक्त दोनों नामों को हटा दिया गया। कॉलेजियम के इस फैसले पर पूर्व चीफ जस्टिस एम. लोढा ने भी हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि कॉलेजियम, एक संस्थान की तरह काम करता है और अगर कोई फैसला बदला जाता है तो उसके कारणों का खुलासा भी किया जाना चाहिए।

कॉलेजियम के इस फैसले का बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने भी विरोध किया है। बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि कॉलेजियम के हाल के फैसले से जजों का अपमान होगा और जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस राजेंद्र मेनन पर किसी भी तरह उंगली नहीं उठाई जा सकती। नामों की सिफारिश करने वाले कॉलेजियम के पूर्व के फैसले को बदलने से इन दोनों जजों के साथ- साथ अन्य हाईकोर्ट जजों का भी मनोबल गिरा है।

उन्होंने आगे कहा है कि जस्टिस खन्ना अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं और बार उनके खिलाफ नहीं है। बार काउंसिल के सदस्य इस मुद्दे को लेकर कॉलेजियम के जजों से मिलेंगे और उनसे 10 जनवरी की सिफारिश वापस लेने का अनुरोध करेंगे।

 

Supreme Court
supreme court judges
Collegium
Delhi High court
Pradeep Nandrajog
Rajendra Menon

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    श्रीलंका में सत्ता बदल के बिना जनता नहीं रुकेगीः डॉ. सिवा प्रज्ञासम
    12 May 2022
    स्पेशल इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की, श्रीलंका के मानवाधिकार कार्यकर्ता-ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता डॉ. सिवा प्रज्ञासम से और जानने की कोशिश की कि किस दिशा में बढ़ रहा है आंदोलन।
  •  delimitation report
    न्यूज़क्लिक टीम
    जम्मू कश्मीर की Delimitation की रिपोर्ट क्या कहती है?
    12 May 2022
    जम्मू कश्मीर से जुड़ा परिसीमन की रिपोर्ट क्या कहती है? भाजपा इस रिपोर्ट पर खुश क्यों हैं और भाजपा के अलावा दूसरी पार्टियां खफा क्यों है? क्या निष्पक्ष ढंग से परिसीमन किया गया? जम्मू कश्मीर के परिसीमन…
  • दमयन्ती धर
    खंभात दंगों की निष्पक्ष जाँच की मांग करते हुए मुस्लिमों ने गुजरात उच्च न्यायालय का किया रुख
    12 May 2022
    याचिका के मुताबिक पुलिस कथित तौर पर हिंदुओं और मुस्लिमों के द्वारा दायर की गई प्राथमिकियों पर जानबूझकर अलग-अलग तरीके से और दुर्भावनापूर्ण तरीके से जांच कर रही है।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    शाहीन बाग से खरगोन : मुस्लिम महिलाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष !
    12 May 2022
    बोल के लब के आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं खरगोन में मुस्लिम महिलाओं के रैली की जिसमे निर्दोष लोगो को रिहा करने की मांग की गई हैं।
  • अब्दुल अलीम जाफ़री
    योगी 2.0 का पहला बड़ा फैसला: लाभार्थियों को नहीं मिला 3 महीने से मुफ़्त राशन 
    12 May 2022
    पीएमजीकेएवाई ने भाजपा को विधानसभा चुनाव जीतने में मदद की थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License